Namo Bharat Rapid Rail: 90 मिनट में कानपुर से अयोध्या, अब चलने वाली है ये खास ट्रेन!
Advertisement कानपुर और अयोध्या के बीच दिल्ली-NCR की तरह ही रैपिड रेल से सफर किया जा सकेगा. इससे दोनों शहरों के बीच इस यात्रा में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा. दरअसल, ये यात्रा…

सौजन्य से:- Aaj Tak News
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कानपुर और अयोध्या के बीच दिल्ली-NCR की तरह ही रैपिड रेल से सफर किया जा सकेगा. इससे दोनों शहरों के बीच इस यात्रा में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा. दरअसल, ये यात्रा नमो भारत रैपिड रेल से जो होगी. उत्तर प्रदेश में आधुनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने के दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है और इसके तहत नमो भारत रीजनल रैपिड ट्रांजिट कॉरिडोर का प्रस्ताव तैयार किया गया है. इसकी शुरुआत से इस रूट में आने वाले प्रमुख शहरों को फायदा होगा. (Photo: File/ITG)
90 मिनट में 187 किलोमीटर का सफर
Kanpur-Ayodhya के बीच की दूरी 187 किलोमीटर है और प्रदेश सरकार ने 'कानपुर-लखनऊ-अयोध्या' के बीच नमो भारत रीजनल रैपिड ट्रांजिट कॉरिडोर का प्रस्ताव तैयार किया है. इस परियोजना के पूरा होने के बाद कानपुर से अयोध्या तक की दूरी करीब डेढ़ घंटे /e 90 मिनट में तय की जा सकेगी. (Photo: File/ITG)
दो चरणों में तैयार होगा कॉरिडोर
कानपुर-अयोध्या के बीच ये नमो भारत रैपिड रेल परियोजना प्रदेश सरकार के स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) डेवलपमेंट प्लान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य प्रमुख शहरों के बीच तेज, सुरक्षित और सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है. कॉरिडोर प्रस्ताव के मुताबिक, इस रैपिड रेल नेटवर्क को दो चरणों में विकसित किया जाएगा. (Photo: File/ITG)
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160 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ेगी ट्रेन
परियोजना के पहले चरण में कानपुर के नयागंज से लखनऊ के अमौसी तक करीब 67 किलोमीटर का कॉरिडोर तैयार किया जाएगा. इसके बाद दूसरे चरण में इसे अमौसी से अयोध्या तक विस्तारित किया जाएगा. कुल मिलाकर ये पूरा रेल नेटवर्क 187 किलोमीटर लंबा होगा और इस पर 160 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार Namo Bharat Trains दौड़ेंगी. इस प्रस्तावित परियोजना पर करीब 32,000 करोड़ रुपये है. (Photo: X)
ट्रेन रूट में ये 12 स्टॉपेज
कानपुर-अयोध्या प्रस्तावित रैपिड रेल कॉरिडोर में कुल 12 स्टॉपेज बनाए जाने की योजना है, जहां ट्रेन का ठहराव रहेगा. इनमें नयागंज, उन्नाव, बसिरतगंज, नवाबगंज, बंथरा, अमौसी, सुशांत गोल्फ सिटी, जग्गौर, बरैल, सफदरगंज, भीतरीया और अयोध्या शामिल हैं. यह कॉरिडोर कानपुर, लखनऊ, बाराबंकी और अयोध्या के बीच रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ा राहत भरा बदलाव साबित होगा. (Photo: File/ITG)
धार्मिक पर्यटन-बिजनेस को बूस्ट
Rapid Rail Project न सिर्फ इस रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए राहत भरा होगा, जबकि अयोध्या में बढ़ते धार्मिक पर्यटन, औद्योगिक गतिविधियों और व्यापारिक विकास को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है. इस मामले से जुड़े अधिकारियों की मानें, तो कॉरिडोर का ज्यादातर हिस्सा एलिवेटेड बनाए जाने का प्रस्ताव है. जहां जरूरत होगी, वहां स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार तकनीकी बदलाव किए जाएंगे. हालांकि, निर्माण शुरू होने से पहले डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), तकनीकी सर्वे, वित्तीय मंजूरी और अन्य वैधानिक मंजूरियां पूरी की जाएंगी. (Photo: File/ITG)
अयोध्या से नोएडा एयरपोर्ट तक लाने का प्लान
अधिकारियों का कहना है कि कानपुर-अयोध्या कॉरिडोर स्टेट कैपिटल रीजन के तहत बनने वाले बड़े रैपिड ट्रांजिट नेटवर्क का पहला चरण होगा. भविष्य में इसे अयोध्या से जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक बढ़ाने की योजना है. इससे प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के बीच हाई स्पीड कनेक्टिविटी विकसित होगी. डिविजनल कमिश्नर के. विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि कानपुर, लखनऊ और अयोध्या को रैपिड रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए DPR और सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है. इसकी जिम्मेदारी RITES को दी गई है, जबकि लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) को नोडल एजेंसी बनाया गया है. (Photo: PTI)
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