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प्रयागराज जलभराव पर नगर आयुक्त और डीएम हुए हाजिर, दी जानकारी

प्रयागराज जलभराव पर नगर आयुक्त और डीएम हुए हाजिर, दी जानकारी न्यायमूर्ति अजित कुमार और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने बुधवार को सुनवाई की. By ETV Bharat Uttar Pradesh Team Published : August 19, 2026 at 10:24 PM I…

ETV Bharat के अनुसार19 अगस्त 2026 को 09:55 pm बजे
प्रयागराज जलभराव पर नगर आयुक्त और डीएम हुए हाजिर, दी जानकारी

सौजन्य से:- ETV Bharat

प्रयागराज जलभराव पर नगर आयुक्त और डीएम हुए हाजिर, दी जानकारी

न्यायमूर्ति अजित कुमार और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने बुधवार को सुनवाई की.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : August 19, 2026 at 10:24 PM IST

प्रयागराज : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज शहर में हो रहे जलभराव के मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए सुनवाई की. न्यायमूर्ति अजित कुमार और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने बुधवार को सुनवाई की. कोर्ट ने 18 अगस्त 2026 को स्वतः संज्ञान लेते हुए प्रयागराज के नगर आयुक्त और जिलाधिकारी को 20 अगस्त को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया था. इसी बीच एक अन्य जनहित याचिका जो एकलपीठ के समक्ष लंबित थी, को भी इसी खंडपीठ के साथ जोड़ दिया गया.

बुधवार को नगर आयुक्त शीलम साई तेजा और जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा दोनों कोर्ट में उपस्थित हुए. नगर आयुक्त ने बताया कि जलभराव की समस्या से निपटने के लिए पूरी योजना तैयार की जा चुकी है और इसका हलफनामा कल तक दाखिल किया जाएगा.

अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने बताया कि उत्तर प्रदेश शहरी विकास विभाग के सचिव का हलफनामा भी कल तक पेश किया जाएगा. अगली सुनवाई की तिथि 20 अगस्त 2026 तय की गई. कोर्ट ने यूपी सरकार के स्थानीय निकाय निदेशक से भी हलफनामा मांगा है, जिसमें बताया जाए कि बारिश के पानी से शहर को राहत देने के लिए क्या योजनाएं बनाई गई हैं.

नगर आयुक्त ने अदालत को बताया कि दारागंज के मोरी गेट पाइपलाइन से पानी निकालने में दिक्कतें आ रही हैं, इसलिए कोर्ट के पहले के आदेशों के मद्देनजर कुछ अंतरिम राहत दी जाए. निचले इलाकों में जमा बारिश का पानी लोगों के घरों में घुस चुका है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है. यह देखते हुए कोर्ट ने नगर आयुक्त को अनुमति दी और डीएम को निर्देश दिया कि मोरी गेट, दारागंज से पानी निकालने का काम सुनिश्चित किया जाए.

कोर्ट ने कहा कि अगले 24 से 48 घंटों में प्रभावित इलाकों को बाढ़ से मुक्त किया जाए और कल जलभराव की स्थिति पर एक रिपोर्ट पेश की जाए. नगर आयुक्त को कल फिर से कोर्ट में उपस्थित रहने का आदेश दिया गया, जबकि डीएम को फिलहाल छूट दी गई, पर भविष्य में जरूरत पड़ने पर उन्हें भी बुलाया जा सकता है. यह मामला अब 20 अगस्त 2026 को फिर से सुना जाएगा, जब संबंधित हलफनामे अदालत में पेश किए जाएंगे.

यह भी पढ़ें : इलाहाबाद हाईकोर्ट की निर्माण निगम के एमडी को फटकार, डीएम और पुलिस कमिश्नर तलब

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