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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की जांच रिपोर्ट में निर्माण की खामियां उजागर: ड्रेनेज, निर्माण सामग्री और मिट्टी की पटाई में लापरवाही के संकेत, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की तैयारी - Lucknow News

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Dainik Bhaskar के अनुसार18 अगस्त 2026 को 07:55 pm बजे
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की जांच रिपोर्ट में निर्माण की खामियां उजागर:  ड्रेनेज, निर्माण सामग्री और मिट्टी की पटाई में लापरवाही के संकेत, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की तैयारी - Lucknow News

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की जांच रिपोर्ट में निर्माण की खामियां उजागर:ड्रेनेज, निर्माण सामग्री और मिट्टी की पटाई में लापरवाही के संकेत, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की तैयारी

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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर लगातार सड़क धंसने और निर्माण की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों के बाद आईआईटी खड़गपुर की तकनीकी जांच रिपोर्ट तैयार हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में एक्सप्रेसवे के ड्रेनेज सिस्टम, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और मिट्टी क

चार हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार इस एक्सप्रेसवे का निर्माण एनएचएआई ने पीएनसी इंफ्राटेक से कराया है। 13 जुलाई को इसके शुरू होने के कुछ ही दिनों बाद सड़क धंसने और निर्माण में खामियों की शिकायतें सामने आने लगीं। लगातार शिकायतों के बाद एनएचएआई ने तत्कालीन परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा को पद से हटा दिया और निर्माण एजेंसी के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की।

टोल वसूली रोकी, मरम्मत का काम जारी

सड़क धंसने की घटनाओं के बाद एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली भी रोक दी गई। प्रभावित हिस्सों की मरम्मत कराई जा रही है। इसके साथ ही एनएचएआई ने एक्सप्रेसवे की तकनीकी स्थिति की जांच के लिए आईआईटी खड़गपुर की टीम बुलाई। टीम ने करीब तीन दिनों तक अलग-अलग हिस्सों का निरीक्षण किया और इसके बाद वापस लौट गई।

विभागीय सूत्रों के अनुसार, जांच में सड़क के नीचे मिट्टी की पटाई, ड्रेनेज व्यवस्था और निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए हैं। सीमेंट और अन्य सामग्री के इस्तेमाल के अनुपात में भी गड़बड़ी की बात सामने आने की जानकारी है। हालांकि, एनएचएआई के अधिकारी अभी जांच रिपोर्ट पर आधिकारिक तौर पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं।

कोरारी पुल पर 150 मीटर सीमेंट की परत उखड़ी

एक्सप्रेसवे पर कोरारी रेलवे पुल के पास भी निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हुए हैं। किमी संख्या 64.4 और 64.5 के बीच पुल के जोड़ के पास करीब 150 मीटर लंबाई में सीमेंट की परत उखड़ गई है। मंगलवार दोपहर तक यहां मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ था।

इसके अलावा किमी संख्या 62.8 पर तीसरी लेन में करीब 50 मीटर हिस्से में सड़क हल्की धंस गई है। इससे सड़क पर पानी भरने की समस्या भी सामने आई है। इन खामियों ने एक्सप्रेसवे की निर्माण गुणवत्ता और एनएचएआई की पेट्रोलिंग व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आईआईटी की रिपोर्ट में सामने आई खामियों पर एनएचएआई कब तक कार्रवाई करता है और जिम्मेदारी तय होने के बाद किन अधिकारियों और एजेंसी पर गाज गिरती है।

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