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यूपी में अब मशीनें जांचेंगी वाहनों की फिटनेस: हर जिले में खुलेंगे तीन एटीएस सेंटर, जमीन और नेटवर्थ की शर्तें हुईं आसान - Lucknow News

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Dainik Bhaskar के अनुसार15 सितंबर 2026 को 05:04 pm बजे
यूपी में अब मशीनें जांचेंगी वाहनों की फिटनेस:  हर जिले में खुलेंगे तीन एटीएस सेंटर, जमीन और नेटवर्थ की शर्तें हुईं आसान - Lucknow News

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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यूपी में अब मशीनें जांचेंगी वाहनों की फिटनेस:हर जिले में खुलेंगे तीन एटीएस सेंटर, जमीन और नेटवर्थ की शर्तें हुईं आसान

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उत्तर प्रदेश में वाहनों की फिटनेस जांच को ज्यादा पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में स्वचालित परीक्षण स्टेशन (ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन-एटीएस) के

नई नीति के लागू होने के साथ ही 2 अगस्त 2023 को जारी पुरानी राज्य नीति को समाप्त कर दिया जाएगा। केंद्र सरकार की ओर से समय-समय पर जारी नए दिशा-निर्देशों को शामिल करते हुए संशोधित नीति तैयार की गई है।

हर जिले में तीन एटीएस खोलने की अनुमति

परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह के मुताबिक नई नीति के तहत प्रदेश के प्रत्येक जिले में अधिकतम तीन स्वचालित परीक्षण स्टेशन स्थापित किए जा सकेंगे। एक एटीएस पर सालाना करीब 24 हजार वाहनों की फिटनेस जांच की क्षमता निर्धारित की गई है। इससे अलग-अलग जिलों में वाहन मालिकों को फिटनेस जांच के लिए बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।

जमीन की शर्त 2.5 एकड़ से घटाकर एक एकड़

सरकार ने एटीएस स्थापित करने के लिए जमीन की अनिवार्यता को भी आसान कर दिया है। पहले स्टेशन के लिए 2.5 एकड़ जमीन की शर्त थी, जिसे घटाकर अब एक एकड़ कर दिया गया है। इससे छोटे निवेशकों और निजी संस्थाओं के लिए एटीएस स्थापित करना आसान होगा।

6 करोड़ की नेटवर्थ की अनिवार्यता खत्म

एटीएस खोलने के इच्छुक निवेशकों के लिए पहले 6 करोड़ रुपये की न्यूनतम नेटवर्थ की शर्त लागू थी। नई नीति में इस अनिवार्यता को हटा दिया गया है। सरकार के इस फैसले से ज्यादा निजी संस्थाओं के लिए इस क्षेत्र में निवेश का रास्ता खुलने की उम्मीद है।

संचालन शुरू करने में भी मिलेगी राहत

नई व्यवस्था के तहत एटीएस सेंटर को सुचारु रूप से स्थापित और संचालित करने के लिए छह महीने तक की राहत का प्रावधान भी किया गया है। इससे नए केंद्रों को जरूरी व्यवस्थाएं पूरी करने और संचालन को व्यवस्थित करने का समय मिल सकेगा।

केंद्र के नियमों के अनुरूप तैयार हुई नई नीति

एटीएस से संबंधित व्यवस्था को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से जारी विभिन्न अधिसूचनाओं के आधार पर तैयार किया गया है। मंत्रालय ने 23 सितंबर 2021, 31 अक्टूबर 2022, 14 मार्च 2024 और 8 मई 2024 को जारी अधिसूचनाओं के जरिए केंद्रीय मोटर यान नियमावली-1989 के अध्याय-11 में स्वचालित परीक्षण स्टेशनों के विनियमन और नियंत्रण से संबंधित प्रावधान किए हैं।

इन्हीं नए केंद्रीय दिशा-निर्देशों को प्रदेश की वर्ष 2023 की नीति में शामिल करते हुए संशोधित राज्य नीति-2026 तैयार की गई, जिसे अब कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।

सरकार पर नहीं पड़ेगा अतिरिक्त बोझ

नई नीति लागू होने से उत्तर प्रदेश सरकार पर किसी तरह का अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा। नीति के अधिसूचित होते ही यह तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगी। सरकार को उम्मीद है कि नई व्यवस्था से निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी और प्रदेश के विभिन्न जिलों में जल्द से जल्द एटीएस स्थापित किए जा सकेंगे।

फिटनेस जांच में पारदर्शिता, रोजगार के अवसर

एटीएस में वाहनों की फिटनेस जांच स्वचालित मशीनों से की जाएगी। इससे जांच प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप कम होने के साथ ही पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है। वहीं एटीएस के संचालन के लिए तकनीकी और गैर-तकनीकी कर्मचारियों की जरूरत होगी, जिससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

सरकार का मानना है कि फिटनेस जांच के बाद सड़कों पर केवल मानकों के अनुरूप फिट वाहनों का संचालन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। इससे वाहनों की खराबी के कारण होने वाली दुर्घटनाओं में कमी लाने और सड़क सुरक्षा को मजबूत करने में भी मदद मिल सकती है।

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