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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे तीन जगह और धंसा, एक महीने में ही सामने आई निर्माण की खामियां - lucknow kanpur expressway sinks defects emerge in a month

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे तीन जगह और धंसा, एक महीने में ही सामने आई निर्माण की खामियां लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर उद्घाटन के एक महीने के भीतर ही कई खामियां सामने आई हैं, जिसमें सड़क धंसना और पैचवर्क उखड़ना शामिल है। डिवाइड…

Jagran के अनुसार11 अगस्त 2026 को 01:18 am बजे
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे तीन जगह और धंसा, एक महीने में ही सामने आई निर्माण की खामियां
 - lucknow kanpur expressway sinks defects emerge in a month

सौजन्य से:- Jagran

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे तीन जगह और धंसा, एक महीने में ही सामने आई निर्माण की खामियां

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर उद्घाटन के एक महीने के भीतर ही कई खामियां सामने आई हैं, जिसमें सड़क धंसना और पैचवर्क उखड़ना शामिल है। डिवाइडर, पुलिया और पब ...और पढ़ें

HighLights

- एक्सप्रेसवे पर एक माह में ही सड़क धंसने लगी।

- डिवाइडर टूटे, पुलिया क्षतिग्रस्त, पब्लिक बूथ निष्क्रिय मिले।

- निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल, मरम्मत कार्य जारी।

जागरण संवाददाता, उन्नाव। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को खामियों का एक्सप्रेसवे कहा जाए तो गलत न होगा। वाहन चलते पूरा एक माह भी नहीं हुआ और रास्ता जगह-जगह धंसने के साथ अन्य निर्माण भी खराब होने लगे हैं। किनारों पर जहां डिवाइडर बने हैं, वहां प्लास्टर टूटकर धंस गया है।

डिवाइडर फट गए हैं और कई जगह जोड़ वाले स्थानों पर दो-दो फीट के छह इंच गहरे गड्ढे हो गए हैं। कई पुलिया की दीवारें क्षतिग्रस्त हैं। हर एक्सपेंशन ज्वाइंट यानी पुल या पुलिया और सड़क को जोड़ने वाले स्थान धंस गए हैं, इससे वाहन उछल जाते हैं।

आकस्मिक सेवाओं के लिए प्रत्येक दो किमी पर लगाए गए ज्यादातर पब्लिक कालिंग बूथ निष्क्रिय हैं। इस बीच सोमवार को तीन और स्थानों पर सड़क धंसने और पैचवर्क उखड़ने की समस्या मिली है। एनएचएआई ने आगरा की पीएनसी इन्फ्राटेक से उन्नाव से लखनऊ के बीच 63 किमी लंबा छह लेन का एक्सप्रेसवे बनवाया है। निर्माण में 4200 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।

14 जुलाई से 10 अगस्त तक 45 किमी के ग्रीनफील्ड हिस्से में करीब 40 जगह सड़क धंसने और पैचवर्क उखड़ने की समस्या मिली है। 80 से ज्यादा स्थानों पर मरम्मत की गई है और कई स्थानों पर काम चल रहा है। सीमेंटेड काम भी अब जवाब देने लगे हैं। किमी संख्या 55.4, किमी संख्या 55.6 से 55.5 के बीच और किमी 44.7 से 44.6 के बीच डिवाइडर फटे हैं।

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किमी संख्या 56.4 से 56.5 तक और किमी संख्या 53 के पास पुलिया की दीवार में गहरी दरारें आ गई हैं। यहां सड़क भी धंस रही है। सोमवार को कानपुर से लखनऊ जा रहे एहतिशाम अहमद ने बताया कि कोरारी टोल से दो किमी आगे उनकी कार पंक्चर हो गई। उन्होंने पब्लिक कालिंग बूथ का प्रयोग करना चाहा, लेकिन काम नहीं कर रहा था। लखनऊ से उन्नाव लेन पर किमी संख्या 62 पर लगा पीसीबी भी निष्क्रिय मिला।

उन्नाव-लखनऊ लेन पर किमी 44.7 पर चार स्थानों पर ड्रेनेज की व्यवस्था नहीं है। यहां धंसी सड़क : उन्नाव-लखनऊ लेन पर किमी संख्या 49 से लेकर 60 के बीच तीन जगह सड़क धंस गई है। उम्मेद खेड़ा और इसराइल खेड़ा के पास दो दिन पहले किया गया पैचवर्क उखड़ गया। किमी संख्या 29.3 से 39.8 के बीच कई जगह पैचवर्क चल रहा है और यहां एक या दो लेन पर बैरीकेड्स लगाए गए हैं।

पीडब्ल्यूडी के सेवानिवृत्त इंजीनियर सुबोध कुमार ने बताया कि निर्माण एजेंसी 100 से 200 मीटर पैचवर्क में भी हल्का मैटीरियल डाला रही है, जबकि इतने मैटीरियल से दो से पांच मीटर तक के ही पैच भरे जाने चाहिए। पुराना पैचवर्क उखड़ने का भी यह एक कारण है।

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