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विपक्षी दल इलेक्शन में जीतें तो इनका पुरुषार्थ, हारने पर चुनाव आयोग को लेकर मचाते हैं हाय-तौबा: योगी आदित्यनाथ - if opposition parties win an election they claim credit for the achievement if they lose they raise a hue and cry yogi adityanath

विपक्षी दल इलेक्शन में जीतें तो इनका पुरुषार्थ, हारने पर चुनाव आयोग को लेकर मचाते हैं हाय-तौबा: योगी आदित्यनाथ CM Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसआइआर को लेकर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दल…

Jagran के अनुसार27 सितंबर 2026 को 02:04 pm बजे
विपक्षी दल इलेक्शन में जीतें तो इनका पुरुषार्थ, हारने पर चुनाव आयोग को लेकर मचाते हैं हाय-तौबा: योगी आदित्यनाथ - if opposition parties win an election they claim credit for the achievement if they lose they raise a hue and cry yogi adityanath

सौजन्य से:- Jagran

विपक्षी दल इलेक्शन में जीतें तो इनका पुरुषार्थ, हारने पर चुनाव आयोग को लेकर मचाते हैं हाय-तौबा: योगी आदित्यनाथ

CM Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसआइआर को लेकर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के एसआईआर के विरोध पर तीखा हमला बोला।

HighLights

- इलेक्शन कमीशन पर विपक्ष के आरोप को लेकर लखनऊ में मुख्यमंत्री की प्रेस वार्ता

- एसआईआर पर विपक्ष के दुष्प्रचार से लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश: योगी

- मुख्यमंत्री ने संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने पर कांग्रेस व सहयोगी दलों पर बोला हमला

- कांग्रेस व सहयोगी दलों को आत्मावलोकन कर मांगनी चाहिए जनता से माफी

राज्य ब्यूरो, लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्वाचन आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा करने वाले विपक्षी दलों को कठघरे में खड़ा किया है। मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास पर पत्रकार वार्ता में दो टूक कहा कि विपक्षी दल इलेक्शन में जीतें तो इनका पुरुषार्थ और हारने पर निर्वाचन आयोग और ईवीएम पर ठीकरा फोड़ते है। देश में हर तरफ हाय-तौबा मचाते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के एसआईआर के विरोध पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष एसआइआर को लेकर भ्रम फैलाकर निर्वाचन आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा करने का प्रयास कर रहा है।

लोकतंत्र में हिंसा, तोड़फोड़ और दुष्प्रचार की जगह नहीं

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इनके भ्रष्टाचार, अराजकतापूर्ण कार्यवाही के कारण जनता नकार दे तो शोर मचाने लगते है। इनके कहीं पर जीतने के बाद ईवीएम और इलेक्शन कमीशन को जायज ठहराना आत्मावलोकन का विषय है। लोकतंत्र में हिंसा, तोड़फोड़ और दुष्प्रचार की कोई जगह नहीं है। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को अपने गैर जिम्मेदाराना रवैये के लिए संवैधानिक संस्थाओं और जनता से माफी मांगनी चाहिए।

विपक्षी दल करें आत्मावलोकन

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि चुनाव में हार के बाद विपक्षी दल कभी निर्वाचन आयोग तो कभी ईवीएम को जिम्मेदार ठहराता है। विपक्षी दलों को यह भी आत्मावलोकन करना चाहिए कि जनता ने उन्हें क्यों नकारा। उन्होंने कांग्रेस पर न्यायपालिका, कैग और ईवीएम को लेकर भी सवाल उठाने का आरोप लगाते हुए कहा कि संवैधानिक संस्थाओं को लगातार कटघरे में खड़ा करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।

एसआईआर कोई नई प्रक्रिया नहीं

मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईआर कोई नई प्रक्रिया नहीं है। देश में 1952, 1957, 1961, 1965-66 और 2003 में भी यह प्रक्रिया अपनाई जा चुकी है। इसके बावजूद वर्तमान एसआइआर को लेकर कांग्रेस, सपा, आरजेडी और अन्य दल जिस तरह का विरोध किया जा रहा है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है।

फार्म-6 को लेकर स्थिति स्पष्ट

उन्होंने कहा कि तीनों चुनाव आयुक्तों ने मीडिया के सामने आकर एसआइआर की प्रक्रिया और छूटे हुए मतदाताओं के लिए फार्म-6 को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। इसके बावजूद लगातार सवाल उठाना लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास है।

विपक्ष की निर्वाचित सरकारों को गिराने के आरोप

मुख्यमंत्री ने 1975 की इमरजेंसी का उल्लेख करते हुए कांग्रेस के लोकतांत्रिक इतिहास पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकारों पर विपक्ष की निर्वाचित सरकारों को गिराने के आरोप लगते रहे हैं। बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सेना के शौर्य पर सवाल उठाने को भी उन्होंने विपक्ष की गैर जिम्मेदाराना राजनीति बताया। बाला कोट एयर स्ट्राइक पर प्रश्न खड़ा करना, ऑपरेशन सिंदूर पर प्रश्न खड़ा करना। यह कहां की देशभक्ति है।

मतदाता सूची में नाम जोड़ने की पारदर्शी व्यवस्था

उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और यहां बिना जाति, क्षेत्र, भाषा या लिंग के भेदभाव के प्रत्येक वयस्क नागरिक को मतदान का अधिकार मिला है। मतदाता सूची में नाम जोड़ने की पारदर्शी व्यवस्था भी है। ऐसी व्यवस्था पर सवाल उठाकर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के रवैये की निंदा करते हुए उनसे अपने आचरण पर पुनर्विचार करने को कहा।

कैम्ब्रिज विवि में उठाया गया भारत की न्यायपालिका पर प्रश्न

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने तो कैम्ब्रिज विवि में भारत के न्यायपालिका पर प्रश्न खड़ा किया था। उन्होंने 2019 में राफेल के मुद्दे पर भी उन्होंने कैग पर भी सवाल खड़े किए थे। ईवीएम के कारण कांग्रेस की कई राज्यों में और केंद्र में सरकार बनी तो उसे ब्लैक बॉक्स कहना दुर्भाग्यपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 1975 में कांग्रेस ने लोकतंत्र का गला घोंटने का काम किया। कई राज्यो में अनैतिक रूप से चुनी हुई सरकारों को गिराने का काम किया।

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