गोरखपुर की ड्रोन दीदी की बदली जिंदगी, नीतू पासवान योगी सरकार को क्यों बता रहीं देवता?
गोरखपुर में ड्रोन दीदी एक नहीं, दो नहीं, न जाने कितनी हैं. इनका कहना है कि डबल इंजन की सरकार में महिलाओं को आगे बढ़ने और आर्थिक रूप से…

सौजन्य से:- aajtak.in
Sign In
Advertisement
X
गोरखपुर में ड्रोन दीदी एक नहीं, दो नहीं, न जाने कितनी हैं. इनका कहना है कि डबल इंजन की सरकार में महिलाओं को आगे बढ़ने और आर्थिक रूप से मजबूत होने का मौका मिल रहा है. गोरखपुर की मेरौली गांव की रहने वाली नीतू पासवान भी ड्रोन दीदी हैं. उनका कहना है कि मुश्किलें तो बहुत आईं, लेकिन अब वह काफी आगे निकल चुकी हैं.
नीतू पासवान ने कहा कि वह मेरौली गांव की रहने वाली हैं, ब्लॉक कौड़ीराम और जिला गोरखपुर है. उन्होंने प्रधानमंत्री जी को धन्यवाद दिया और कहा कि योगी जी का योगदान भी बहुत रहा है. नीतू के मुताबिक, वह महीने में 50 से 60 हजार रुपये तक कमा लेती हैं और साल भर में 5 से 6 लाख रुपये तक की कमाई हो जाती है. उन्होंने कहा कि ड्रोन से महिलाओं को काफी सुविधा मिल रही है.
'अभी योगी जी 50-50 हजार रुपये समूह को देने वाले हैं'
नीतू पासवान ने बताया कि उनकी ड्रोन की ट्रेनिंग 2024 में हुई थी. इसके बाद उन्होंने काम शुरू कर दिया. उनका कहना है कि इसका रिजल्ट बहुत अच्छा रहा है. उन्होंने बताया कि अभी योगी जी 50-50 हजार रुपये समूह को देने वाले हैं और हर महिला को इसका फायदा मिलेगा. नीतू ने सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा, "दिल से धन्यवाद करूंगी, ऐसी सरकार महिला के लिए देवता है."
Advertisement
महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की योजना
ड्रोन दीदी योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और खेती में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने की एक केंद्रीय योजना है. इस योजना के तहत महिलाएं ड्रोन की मदद से खेतों में तरल उर्वरक यानी लिक्विड फर्टिलाइजर्स के अलावा कीटनाशकों का छिड़काव करती हैं.
ड्रोन की मदद से महिलाएं किसानों को किराए पर स्प्रे सेवा देती हैं. इससे वह हर साल कम से कम 1 लाख रुपये तक की अतिरिक्त कमाई कर लेती हैं. इस योजना के तहत सरकार करीब 1,261 करोड़ रुपये खर्च कर रही है.
महिलाओं को ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग
ड्रोन दीदी योजना ग्रामीण महिलाओं के तकनीकी सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर बनने की एक प्रेरणादायक कहानी है. इसके तहत महिला स्वयं सहायता समूहों को कृषि कार्यों के लिए ड्रोन उपलब्ध कराए जा रहे हैं. ग्रामीण महिलाओं को ड्रोन पायलट के रूप में ट्रेनिंग दी जाती है, ताकि वह आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें और खेती में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा मिले.
80 फीसदी तक केंद्रीय वित्तीय सहायता
ड्रोन दीदी योजना का उद्देश्य महिलाओं को ड्रोन पायलट के रूप में प्रशिक्षित कर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और आधुनिक खेती को बढ़ावा देना है. इसके तहत लागत का 80 फीसदी केंद्रीय वित्तीय सहायता यानी सब्सिडी के रूप में दिया जाता है. बाकी 20 फीसदी राशि के लिए कम ब्याज दर पर लोन की सुविधा मिलती है.
Advertisement
5 से 7 मिनट में एक से डेढ़ एकड़ खेत में स्प्रे
ड्रोन दीदियां खेतों में स्प्रे सेवा देकर हर सीजन अच्छी कमाई कर रही हैं और लखपति दीदी बन गई हैं. ड्रोन की मदद से वह सिर्फ 5 से 7 मिनट में एक से डेढ़ एकड़ खेत में नैनो यूरिया, नैनो डीएपी या कीटनाशक का छिड़काव आसानी से कर लेती हैं. इस तरह ड्रोन दीदी योजना के जरिए महिलाएं खेती से जुड़कर कमाई कर रही हैं और तकनीक के इस्तेमाल के साथ आगे बढ़ रही हैं.
---- समाप्त ----
TOPICS:
Latest News in Hindi »
Advertisement
Powered by CM Sarkar Geeta Reporter
संबंधित ख़बरें

मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि और भारत टैक्सी योजना का शुभारंभ: लखनऊ से हुआ प्रदेशव्यापी लॉन्च, मेरठ में किसानों ने देखा सजीव प्रसारण - Kesarganj News

यूपी चुनाव से पहले BJP छात्रों से करेगी संवाद, यूनिवर्सिटी-कॉलेजों में होंगे आयोजन, जानिए प्रदेश में युवाओं की कितनी आबादी

लखनऊ-महाराजगंज समेत 5 शहरों में बारिश: गोंडा में कक्षा 8 तक के स्कूल बंद, आज यूपी के 58 जिलों में अलर्ट - Varanasi News


