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कानपुर प्लेन क्रैश: इंजन की खराबी या पायलट की चूक? DGCA ने कब्जे में लिया विमान

कानपुर प्लेन क्रैश: इंजन की खराबी या पायलट की चूक? DGCA ने कब्जे में लिया विमान कानपुर में ट्रेनर विमान हादसे के मामले में दिल्ली और लखनऊ की सात सदस्यीय डीजीसीए टीम जांच में जुट गई है। दुर्घटनाग्रस्त विमान के हर पुर्जे औ…

Hindustan के अनुसार29 अगस्त 2026 को 03:31 am बजे
कानपुर प्लेन क्रैश: इंजन की खराबी या पायलट की चूक? DGCA ने कब्जे में लिया विमान

सौजन्य से:- Hindustan

कानपुर प्लेन क्रैश: इंजन की खराबी या पायलट की चूक? DGCA ने कब्जे में लिया विमान

कानपुर में ट्रेनर विमान हादसे के मामले में दिल्ली और लखनऊ की सात सदस्यीय डीजीसीए टीम जांच में जुट गई है। दुर्घटनाग्रस्त विमान के हर पुर्जे और उपकरण की जांच के साथ ही इंजन को सील कर विमान अपने कब्जे में ले लिया है।

यूपी के कानपुर में गर्ग एविएशन के ट्रेनर विमान हादसे के मामले में दिल्ली और लखनऊ की सात सदस्यीय डीजीसीए टीम जांच में जुट गई है। टीम ने दुर्घटनाग्रस्त विमान के हर पुर्जे और उपकरण की जांच की। साथ ही इंजन को सील कर विमान अपने कब्जे में ले लिया है। इसकी विस्तृत जांच शनिवार को होगी। उधर, विमान हादसे की वजह से शुक्रवार को प्रशिक्षण कार्य ठप रहा और शनिवार को भी रहेगा।

गुरुवार को प्रशिक्षण उड़ान के दौरान ट्रेनर विमान हादसे में मौके पर ही पायलट सचिन भाटिया और प्रशिक्षु पायलट अभिषेक प्रभाकर की मौके पर ही मौत हो गई थी। कानपुर डीजीसीए टीम की अगुवाई कर रहे धनंजय सहित तीन, लखनऊ औऱ दिल्ली से आए दो-दो अफसरों ने जांच शुरू की। सबसे पहले वहीं पर खड़ी चहारदीवारी की नापजोख की। इसके बाद डाटा सेवर और प्रोफाइल रिकार्ड को परखा। अब जांच टीम इसका निष्कर्ष निकालने में जुटी है कि प्रोफाइल मानकों की अनदेखी से तो हादसा नहीं हुआ है क्योंकि विमान का मेंटीनेंस अवधि के भीतर का है। कुशल पायलट सचिन भाटिया प्रशिक्षण दे रहा था। इसके बाद 3000 से अधिक घंटों का अनुभव है औऱ वह एक साल से गर्ग एविएशन में प्रशिक्षण देने का काम कर रहा है।

इंजन पर अटकी है डीजीसीए की निगाहें

दुर्घटनाग्रस्त ट्रेनर विमान की जांच कर रही डीजीसीए टीम की निगाहें अब इंजन पर है। प्रोफाइल औऱ इंजन मानकों में अंतर है तो दो चीजें सामने आएंगी कि चालक की चूक हुई है या फिर इंजन में कुछ खामी। अभी तक की हुई जांच में प्रोफाइल मानकों की अनदेखी की बात सामने आ रही है। गर्ग एविएशन के अफसरों का कहना है कि डीजीसीए की जांच आखिरी दौर में है। इंजन सील करके कब्जे में ले लिया है। शनिवार तक जांच पूरी हो सकती है।

घटना से हर कोई स्तब्ध

गर्ग एविएशन के संरक्षक वीके गर्ग ने बताया कि कानपुर विमान हादसे में पायलट और प्रशिक्षु की मौत की घटना ने हर कोई स्तब्ध है। पीड़ित परिवार के साथ पूरी संवेदनाएं हैं। यह एक दुर्घटना है। दुख की इस घड़ी में एक-दो दिन प्रशिक्षण कार्य संभव नहीं है। बाकी डीजीसीए की रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहना संभव होगा।

विमान हादसे में दोनों पायलटों की गो गई थी मौत

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि रजिस्टेशन नंबर वीटी-एनबीवी वाला टेकनम पी2006टी डबल इंजन वाला विमान गुरुवार दोपहर कानपुर हवाई अड्डे से करीब पांच समुद्री मील दूर गंगा बैराज के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान का परिचालन कानपुर की गर्ग एविएशन लिमिटेड करती थी। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि विमान कानपुर सिविल हवाई अड्डे के स्थानीय उड़ान क्षेत्र में ट्रेनिंग उड़ान पर था। विमान में दो लोग सवार थे, जिनमें एक प्रशिक्षु पायलट और एक प्रशिक्षक था। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के तीन अधिकारियों की एक टीम दुर्घटना स्थल का दौरा करेगी।

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