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ज्ञानेश कुमार का उत्तर प्रदेश दौरा क्यों टाला गया? चुनाव आयोग ने दिया जवाब

ज्ञानेश कुमार का उत्तर प्रदेश दौरा क्यों टाला गया? चुनाव आयोग ने दिया जवाब CEC Gyanesh Kumar: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन लगातार जारी है। उनका उत्तर प्रदेश दौरा रद्द होने को लेकर चुनाव आय…

Hindustan के अनुसार25 सितंबर 2026 को 12:04 pm बजे
ज्ञानेश कुमार का उत्तर प्रदेश दौरा क्यों टाला गया? चुनाव आयोग ने दिया जवाब

सौजन्य से:- Hindustan

ज्ञानेश कुमार का उत्तर प्रदेश दौरा क्यों टाला गया? चुनाव आयोग ने दिया जवाब

CEC Gyanesh Kumar: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन लगातार जारी है। उनका उत्तर प्रदेश दौरा रद्द होने को लेकर चुनाव आयोग की तरफ से सफाई जारी की गई है।

CEC Gyanesh Kumar protest: निर्वाचन आयोग (ECI) को लेकर चल रहे विवाद के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार सवालों के घेरे में हैं। राजनीतिक दल लगातार उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में जब उनका उत्तर प्रदेश दौरा रद्द होने की खबर आई, तो इसे इस विवाद से जोड़कर ही देखा गया। हालांकि, अब इस मामले पर निर्वाचन आयोग की तरफ से सफाई आई है। EC ने शुक्रवार को कहा कि सरकारी कार्यक्रमों में बदलाव करना एक सामान्य प्रक्रिया है। बता दें, उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त गुरुवार और 28 सितंबर को 'इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब' के कार्यक्रमों में जाने वाले थे। लेकिन बाद में उनका दौरा रद्द कर दिया गया।

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयोग ने सीईसी का दौरा रद्द किए जाने पर अपनी सफाई दी है। आयोग की तरफ से बताया गया कि कार्यक्रमों की तारीखों में बदलाव करना एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। कई बार इसे लॉजिस्टकल और प्रशासनिक कारणों से भी किया जाता है।

क्या है इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब?- गौरतलब है कि इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब का मकसद छात्रों और युवा वोटरों को चुनावी प्रक्रिया, लोकतांत्रिक मूल्यों और चुनाव से जुड़ी संस्थाओं के कामकाज से परिचित कराना है। ELC 2.0 पहल की टैगलाइन है, "लोकतंत्र सीखें, लोकतंत्र का नेतृत्व करें"। आयोग के मुताबिक, इस कार्यक्रम का मकसद युवा और पहली बार वोट देने वाले वोटरों को न केवल लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को समझने के लिए प्रोत्साहित करना है। बल्कि उनमें सार्थक रूप से भाग लेने के लिए भी प्रेरित करना है।

CEC ज्ञानेश कुमार का उत्तर प्रदेश दौरा रद्द होने पर चुनाव आयोग

निर्वाचन आयोग ने कहा, "ऐसे कई मौके आए हैं, जब ELC कार्यक्रमों को पहले भी टाला गया है। उनकी तारीखों में भी बदलाव किया गया है। इसके अलावा जिन दो सम्मेलनों को लेकर बात हो रही है। उनका फैसला 21 सितंबर को ही ले लिया गया था।" बता दें, इंडियन एक्सप्रेस की जिस रिपोर्ट से चुनाव आयोग का विवाद सामने आया है, जब 23 सितंबर को प्रकाशित हुई थी।

चुनाव आयोग की तरफ से यह सफाई ऐसे समय में सामने आई है, जब पूरे देश में सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों का प्रदर्शन जारी

बता दें, देश के कई हिस्सों में सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है। कांग्रेस पार्टी समेत कई विपक्षी दल लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। कल इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार को चेतावनी देते हुए कहा था कि अभी भी वक्त है। वह चाहें, तो गवाह बन सकते हैं।

लोकसभा नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि इस तरीके से वोट चोरी की जा रही है। ऐसा है तो संसद द्वारा पारित सभी कानून गैर-कानूनी हो जाते हैं। गांधी ने ज्ञानेश कुमार को देशद्रोही करार दिया, उनके इस्तीफे की मांग की और चेतावनी दी कि कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी और भारत में लोकतंत्र को "बर्बाद होते" नहीं देखेगी।

क्या है ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मामला?

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ यह पूरा मोर्चा एक खोजी रिपोर्ट सामने आने के बाद शुरू हुआ था। रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने अक्टूबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच 10 महीनों में SIR प्रक्रिया से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि इनमें से कई फैसले उनकी जानकारी के बिना लिए गए थे। हालांकि, बाद में चुनाव आयोग की तरफ से स्पष्ट किया गया कई सदस्यों वाली संस्था में आंतरिक तकनीकी नोट और लिखित सवाल-जवाब एक सामान्य प्रक्रिया है। आयोग ने भरोसा दिलाया कि SIR प्रक्रिया से जुड़े सभी अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे और उन्हें पूरी कानूनी मान्यता प्राप्त है।

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