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कानपुर में रक्षा विशेषज्ञों और उद्यमियों की बैठक; जल्द शुरू हो सकता है ब्रह्मोस मिसाइल का प्रोडक्शन

कानपुर में रक्षा विशेषज्ञों और उद्यमियों की बैठक; जल्द शुरू हो सकता है ब्रह्मोस मिसाइल का प्रोडक्शन कार्यक्रम के दौरान भाजपा सांसद ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में काम करने वाले उद्यमियों की पूरी मदद की जाएगी. By ETV Bharat U…

etvbharat.com के अनुसार3 सितंबर 2026 को 02:31 am बजे
कानपुर में रक्षा विशेषज्ञों और उद्यमियों की बैठक; जल्द शुरू हो सकता है ब्रह्मोस मिसाइल का प्रोडक्शन

सौजन्य से:- etvbharat.com

कानपुर में रक्षा विशेषज्ञों और उद्यमियों की बैठक; जल्द शुरू हो सकता है ब्रह्मोस मिसाइल का प्रोडक्शन

कार्यक्रम के दौरान भाजपा सांसद ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में काम करने वाले उद्यमियों की पूरी मदद की जाएगी.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : September 3, 2026 at 7:35 AM IST

कानपुर: ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन की ओर से कानपुर में 'स्ट्रेटजिक उत्तर प्रदेश' कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस दौरान रक्षा विशेषज्ञों और उद्यमियों ने अपने विचार शेयर किए. सब कुछ सही रहा तो जल्द ही कानपुर में ब्रह्मोस मिसाइल का प्रोडक्शन भी शुरू हो जाएगा.

इसे लेकर विचार मंथन किया गया है. कार्यक्रम के दौरान भाजपा सांसद ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में काम करने वाले उद्यमियों की पूरी मदद की जाएगी. वहीं उपायुक्त उद्योग ने कहा कि हमें कई प्रस्ताव मिले हैं.

वरिष्ठ वैज्ञानिक पीयूष कांत खरे ने बताया कि ब्रह्मोस को लेकर हमने लखनऊ में प्रोडक्शन शुरू कर दिया है. बात कानपुर की करें तो यहां के उद्यमियों में बहुत अधिक योग्यता है. एक-दो उद्यमी ऐसे हैं, जिनसे हमारी बात हुई है. सब कुछ ठीक रहा तो निश्चित तौर पर कानपुर में ब्रह्मोस का निर्माण होगा.

इसका बड़ा कारण यह भी है कि अभी लखनऊ में हमारा ब्रह्मोस एयरोस्पेस का पूरा सेटअप संचालित है. इसलिए हम चाहेंगे कि हमारे काम का विस्तार यानी छोटी इकाईयों की स्थापना भी लखनऊ के आसपास शहरों में हो. इसके लिए कानपुर औद्योगिक नगरी बेहतर विकल्प बन सकता है. यहां कैपेबिलिटी है.

कानपुर में कार्यशाला का आयोजन: कानपुर के एक निजी होटल में ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यशाला का आयोजन किया गया है. कार्यशाला का विषय स्ट्रेटजिक उत्तर प्रदेश रखा गया था. कार्यशाला में मौजूद उद्यमी और डेटम एडवांस कंपोजिट्स के कोफाउंडर तन्मय तिवारी ने कहा कि कार्यशाला में शामिल होने का बहुत अधिक लाभ मिला.

हम जो यूनिट संचालित कर रहे हैं, वह एक स्टार्टअप है. हम ग्लास फाइबर समेत अन्य फाइबर के मैटीरियल का उपयोग करते हैं. हमारा काम ड्रोंस के क्षेत्र में, मिसाइल सिस्टम के क्षेत्र में है.

यहां आकर कई ऐसे प्लेटफॉर्म से हम सीधे कनेक्ट हो गए, जिनसे जुड़ने के लिए लंबे समय से सोच रहे थे. उन्होंने कहा कि यहां एक छत के नीचे कई स्टेक होल्डर एक साथ मिले, जिसका लाभ आने वाले समय में यूपी के डिफेंस कॉरिडोर को मिलेगा.

कार्यशाला में मौजूद भाजपा सांसद रमेश अवस्थी ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में काम करने वाले सभी उद्यमियों की वह पूरी मदद करेंगे. वहीं, उपायुक्त उद्योग अंजनीश प्रताप सिंह ने कहा कि आने वाले दिनों में प्रदेश सरकार की ओर से ग्राऊंड ब्रेकिंग सेरेमनी होनी है. इसके लिए हमें रक्षा क्षेत्र से संबंधित कई निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं, जिन्हें हम धरातल पर लाएंगे.

रक्षा नीति का लाभ यूपी को मिलना चाहिए: कार्यशाला में मौजूद ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के वाइस प्रेसीडेंट प्रो. हर्ष पंत ने कहा कि कार्यशाला का मकसद था कि यूपी के अंदर रक्षा क्षेत्र में काम करने वाले सभी स्टेक होल्डर्स को हम एक प्लेटफॉर्म पर लेकर आएं.

प्रदेश सरकार की मदद से आयोजित इस कार्यशाला में हमने रक्षा क्षेत्र से जुड़े कई मुद्दों पर विस्तार से बात की. इससे यूपी के डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को नई गति मिलेगी. हमारी कोशिश है कि देश की जो रक्षा नीति है, उसका लाभ यूपी के डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर तक पहुंचना चाहिए.

हम प्राइवेट पब्लिक पॉलिसी के तहत काम कर रहे हैं, जो रक्षा क्षेत्र से जुड़ी चुनौतियां हैं, उनका समाधान कैसे हो सकता है? यूपी और उसमें कानपुर को डिफेंस का हब बनाने की दिशा में कदम आगे बढ़ाए जा चुके हैं. हमें उम्मीद है कि जो उद्यमी व अन्य जन शामिल हुए हैं, वह अपनी जरूरतों के मुताबिक कुछ बेहतर करके दिखाएंगे.

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