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यूपी में बीजेपी की नगर पंचायत अध्यक्ष बर्खास्त, चुनाव में गलत उम्र दिखाना पड़ा भारी

यूपी में बीजेपी की नगर पंचायत अध्यक्ष बर्खास्त, चुनाव में गलत उम्र दिखाना पड़ा भारी माया देवी सागर पर आरोप है कि साल 2017 में नगर पंचायत एका के चुनाव में नामांकन करते समय उन्होंने उम्र को जानबूझकर छिपाया। उमेश चंद्र ने इ…

Hindustan के अनुसार10 अगस्त 2026 को 02:18 pm बजे
यूपी में बीजेपी की नगर पंचायत अध्यक्ष बर्खास्त, चुनाव में गलत उम्र दिखाना पड़ा भारी

सौजन्य से:- Hindustan

यूपी में बीजेपी की नगर पंचायत अध्यक्ष बर्खास्त, चुनाव में गलत उम्र दिखाना पड़ा भारी

माया देवी सागर पर आरोप है कि साल 2017 में नगर पंचायत एका के चुनाव में नामांकन करते समय उन्होंने उम्र को जानबूझकर छिपाया। उमेश चंद्र ने इसकी शिकायत शासन से की। मामला उच्च न्यायालय तक पहुंचा। उच्च न्यायालय ने याचिका को स्वीकार करते हुए राज्य सरकार को विधिक रूप से कार्यवाही के आदेश दिए।

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की एक महिला नगर पंचायत अध्यक्ष को बर्खास्त कर दिया गया है। फिरोजाबाद के एका नगर पंचायत के अध्यक्ष के पद पर माया देवी सागर लगातार दूसरी बार भाजपा से निर्वाचित हुई थीं। पहली बार चुने जाने के बाद विरोधी पक्ष ने उन पर गलत उम्र बताने का आरोप लगाया था। मामला हाई कोर्ट तक पहुंचा था। हाई कोर्ट के आदेश शासन ने मामले की जांच कराई। जांच में उन पर उम्र छिपाए जाने की पुष्टि हुई थी। उनकी उम्र 30 साल से नौ महीने कम पाई गई। वहीं सोमवार को एसडीएम जसराना ने नगर पंचायत पहुंचकर कार्यभार ग्रहण कर लिया है।

माया देवी सागर पर आरोप है कि सन 2017 में नगर पंचायत एका के चुनाव में नामांकन करते समय उन्होंने उम्र को जानबूझकर छिपाया। एका निवासी उमेश चंद्र ने इसकी शिकायत शासन से की लेकिन शासन द्वारा संज्ञान न लेने पर उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की। उच्च न्यायालय ने याचिका को स्वीकार करते हुए राज्य सरकार को विधिक रूप से कार्यवाही के आदेश दिए। राज्य सरकार ने एका चेयरमैन को स्पष्टीकरण का मौका और व्यक्तिगत सुनवाई के अवसर दिए।

शिकायतकर्ता ने कार्रवाई न होने पर न्यायालय की अवमानना का वाद दायर किया। इस पर न्यायालय ने शासन को तलब किया। आरोपों को सही पाए जाने पर आठ अगस्त को शासन ने उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 48 क(ख) के अधीन तात्कालिक प्रभाव से माया देवी को अध्यक्ष नगर पंचायत एका के पद से हटा दिया है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा उप निर्वाचन की कार्यवाही पूर्ण होने तक पंचायत अध्यक्ष के वित्तीय एवं प्रशासनिक शक्तियों का प्रयोग और निष्पादन जिला मजिस्ट्रेट अथवा उनके द्वारा निर्दिष्ट अधिकारी द्वारा करने के आदेश दिए। सोमवार को उपजिलाधिकारी जसराना ऋषभ पुंडीर ने नगर पंचायत पहुंच कर प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकार संभाल लिए।

आयु को छिपाने का है आरोप

मायादेवी पर सन 2017 में नामांकन के समय उम्र छिपाने का आरोप है। शिकायतकर्ता ने कहा था कि नामांकन करते समय शपथ पत्र में उनकी उम्र 30 वर्ष दर्शाई गई थी, जबकि हाईस्कूल की अंकितालिका के अनुसार उम्र 30 वर्ष से कम थी। आयु को जानबूझकर छुपाते हुए नामांकन प्रपत्र के साथ मतदाता सूची एवं आधार कार्ड की प्रति संलग्न की गई थी। जिला प्रशासन ने शासन को भेजी जांच आख्या में कहा कि हाईस्कूल परीक्षा की मार्कशीट में मायादेवी की जन्म तिथि सन 1988 अंकित है जिसके अनुसार नामांकन के समय आयु 30 वर्ष से कम थी।

सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था मामला

पूर्व में भी एका चेयरमैन की उम्र का मामला हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीमकोर्ट तक पहुंचा था। शासन द्वारा 24 जुलाई 2025 को एका चेयरमैन के प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकार छीन लिए गए थे, लेकिन उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश के बाद सारे अधिकार वापस मिल गए थे।

क्या बोलीं माया देवी

नगर पंचायत अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बारे में पूछे जाने पर माया देवी सागर ने कहा कि हम अभी जिले से बाहर हैं। अभी तक शासन का कोई पत्र नहीं मिला है। 16 जनवरी 2024 को हाई कोर्ट की डबल बेंच ने आदेश दिया था कि कार्यकाल और पद समाप्त होने के बाद धारा 48 की कार्रवाई नहीं की जा सकती। साजिश के तहत कई मुकदमे बदले गए, जिसमें मैं दोषी नहीं मिली। सन 2017 में चुनाव अधिकारियों ने जो प्रपत्र मांगे थे वह जमा किए थे। हाईस्कूल की अंकतालिका खो गई थी, जिसकी एफआईआर की कॉपी हमारे पास है। सन 2023 में फिर से नगर पंचायत के चुनाव में जीत हासिल की। वित्तीय हनन का कोई आरोप नहीं है, लिहाजा धारा 48 लागू ही नहीं होती। पांच अगस्त 2025 को इस पर स्टे भी मिल गया है। इसके बाद भी वित्तीय अधिकार सीज करना एवं पदमुक्त करना गलत है। हमारा न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। इसके खिलाफ न्यायालय जाएंगे।

लेखक के बारे में

Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।

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