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कोका-कोला से अडाणी तक... गोरखपुर में 164 बड़ी कंपनियां लगाएंगी प्लांट, 20,000 युवाओं को मिलेगा रोजगार - gorakhpur gbc 50 9400 cr investment surpasses target

कोका-कोला से अडाणी तक... गोरखपुर में 164 बड़ी कंपनियां लगाएंगी प्लांट, 20,000 युवाओं को मिलेगा रोजगार गोरखपुर में जीबीसी-5.0 के तहत 7000 करोड़ रुपये के निवेश लक्ष्य को पार करते हुए 7400 करोड़ रुपये की 164 ...और पढ़ें Hig…

Jagran के अनुसार26 सितंबर 2026 को 05:04 am बजे
कोका-कोला से अडाणी तक... गोरखपुर में 164 बड़ी कंपनियां लगाएंगी प्लांट, 20,000 युवाओं को मिलेगा रोजगार - gorakhpur gbc 50 9400 cr investment surpasses target

सौजन्य से:- Jagran

कोका-कोला से अडाणी तक... गोरखपुर में 164 बड़ी कंपनियां लगाएंगी प्लांट, 20,000 युवाओं को मिलेगा रोजगार

गोरखपुर में जीबीसी-5.0 के तहत 7000 करोड़ रुपये के निवेश लक्ष्य को पार करते हुए 7400 करोड़ रुपये की 164 ...और पढ़ें

HighLights

- जीबीसी-5.0 में गोरखपुर का 7000 करोड़ का निवेश लक्ष्य पार।

- 7400 करोड़ की 164 औद्योगिक परियोजनाएं, 19,985 रोजगार सृजित होंगे।

- कोका-कोला, अडाणी जैसे बड़े उद्योग धुरियापार में निवेश कर रहे।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी) के पांचवें संस्करण में गोरखपुर के औद्योगिक विस्तार की तस्वीर इस बार और बड़ी होने जा रही है। शासन ने जिले के लिए करीब 7000 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके सापेक्ष करीब 5000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव औपचारिक रूप से प्राप्त हो चुके हैं, जबकि गीडा स्तर पर 7400 करोड़ रुपये से अधिक की 164 परियोजनाएं ग्राउंड ब्रेकिंग के लिए तैयार बताई जा रही हैं।

इसके अलावा हाउसिंग और पर्यटन क्षेत्र की करीब 2000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं। ऐसे में जिले से निर्धारित लक्ष्य के बराबर या उससे अधिक निवेश प्रस्ताव सामने आने की प्रबल संभावना बन रही है।

खास बात यह है कि निवेश का बड़ा हिस्सा केवल प्रस्तावों तक सीमित नहीं है। गीडा की तैयार परियोजनाओं के लिए कई मामलों में भूखंड आवंटित हो चुके हैं या भूमि पूजन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। गीडा के अनुसार 7400 करोड़ रुपये से अधिक की इन 164 परियोजनाओं से करीब 19,985 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

बड़े उद्योगों से बन रहा नया औद्योगिक आधार

जीबीसी-5.0 में गोरखपुर के औद्योगिक निवेश की तस्वीर कई क्षेत्रों में फैलती दिखाई दे रही है। कोका-कोला की बाटलिंग कंपनी अमृत बाटलर्स, अडाणी समूह की अंबुजा सीमेंट, श्रेयस डिस्टिलरी, केयान डिस्टिलरी, एपीएल अपोलो ट्यूब्स और समर कूल होम अप्लायंसेज जैसी परियोजनाएं प्रमुख निवेश में शामिल हैं। जिले में करीब 272 औद्योगिक इकाइयों की स्थापना प्रस्तावित होने की जानकारी भी सामने आई है।

इनमें डिस्टिलरी, सीमेंट, स्टील ट्यूब, प्लास्टिक, आटो पार्ट्स, कैटल फीड और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े उद्योगों के साथ पेय पदार्थ और घरेलू उपकरण क्षेत्र की इकाइयां भी शामिल हैं। यानी गीडा में औद्योगिक गतिविधियों का दायरा अब कुछ पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं रह गया है।

1879 करोड़ की डिस्टिलरी, 1200 करोड़ का दूसरा बड़ा निवेश

जीबीसी-5.0 के लिए तैयार हो रहे प्रस्तावों में श्रेयस डिस्टिलरी एंड एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड का करीब 1879 करोड़ रुपये का निवेश प्रमुख है। इससे करीब 500 लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है। वहीं गरुणा कंस्ट्रक्शन की करीब 1200 करोड़ रुपये की परियोजना भी प्रस्तावित है, जिसमें लगभग 5000 रोजगार की संभावना जताई गई है। केयान डिस्टिलरी की करीब 800 करोड़ रुपये की परियोजना भी निवेश सूची में है।

इसके अलावा वरुण बेवरेज और अन्य स्थापित औद्योगिक इकाइयों के विस्तार से खाद्य प्रसंस्करण और पेय पदार्थ क्षेत्र में भी निवेश बढ़ रहा है। इससे बड़े उद्योगों के साथ पैकेजिंग, परिवहन, भंडारण और दूसरी सहायक औद्योगिक गतिविधियों के लिए भी बाजार तैयार होने की संभावना है।

धुरियापार बनेगा बड़े उद्योगों का नया केंद्र

गोरखपुर के औद्योगिक विस्तार में धुरियापार की भूमिका महत्वपूर्ण होती जा रही है। बड़े भूखंड की आवश्यकता वाले उद्योगों के लिए यहां औद्योगिक टाउनशिप विकसित की जा रही है। अडाणी समूह और श्रेयस डिस्टिलरी जैसी परियोजनाओं को इसी क्षेत्र में भूमि उपलब्ध कराई गई है। धुरियापार में सड़क, बिजली, पानी और परिवहन सुविधाओं के विस्तार के साथ रेलवे संपर्क विकसित करने की योजना भी औद्योगिक निवेश के लिए अहम मानी जा रही है। इससे बड़े कारखानों से कच्चे माल और तैयार उत्पादों की आवाजाही को सुविधा मिल सकती है।

जीडीए का 2100 करोड़ का प्रस्ताव, लक्ष्य को मिलेगा अतिरिक्त आधार

औद्योगिक निवेश के साथ गोरखपुर में हाउसिंग और पर्यटन क्षेत्र से करीब 2000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश प्रस्ताव पाइपलाइन में हैं। यही प्रस्ताव जिले के 7000 करोड़ रुपये के लक्ष्य को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इससे निवेश की तस्वीर केवल कारखानों तक सीमित नहीं रहेगी। हाउसिंग क्षेत्र में टाउनशिप और आवासीय परियोजनाओं के साथ पर्यटन क्षेत्र में होटल, पर्यटक सुविधाएं और अन्य आधारभूत परियोजनाएं सामने आने पर निर्माण, सेवा और स्थानीय कारोबार को भी गति मिल सकती है।

जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने बताया कि प्राधिकरण की ओर से 2,144 करोड़ का प्रस्ताव दिया गया है। इनमें यूपी वर्ल्ड ट्रेड सेंटर कंपनी की ओर से 600 करोड़ में रामगढ़ताल क्षेत्र में माल, होटल और मल्टीप्लेक्स, पीके एच वेंचर्स एलएलपी का 500 करोड़ में राप्तीनगर टाउनशिप एवं स्पोर्ट सिटी में लगभग 756 प्लाट एवं डुप्लैक्स, केके कंस्ट्रक्शन एंड बिल्डर्स की ओर से 600 करोड़ से ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट प्रमुख हैंं।

पिछली जीबीसी से कई गुणा बड़ा हुआ औद्योगिक दायरा

गोरखपुर में औद्योगिक निवेश का विस्तार पिछले दो जीबीसी से स्पष्ट होता है। जीबीसी-3 में करीब 1950 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव सामने आए थे। इसके बाद जीबीसी-4 में गीडा के 153 प्रस्तावों के जरिये करीब 8751 करोड़ रुपये के निवेश की तैयारी हुई। अब जीबीसी-5.0 में अकेले गीडा स्तर पर 7400 करोड़ रुपये से अधिक की 164 परियोजनाएं तैयार हैं और गीडा की ओर से कुल 10 हजार करोड़ रुपये तक के निवेश को धरातल पर उतारने की तैयारी बताई गई है।

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यानी गोरखपुर में निवेश का स्वरूप भी बदल रहा है। पहले जहां छोटे और मध्यम उद्योगों के साथ एथेनाल, स्टील और खाद्य प्रसंस्करण जैसी इकाइयां प्रमुख थीं, वहीं अब राष्ट्रीय स्तर की कंपनियों और बड़े औद्योगिक समूहों की परियोजनाएं भी गीडा और धुरियापार की ओर आ रही हैं।

जीबीसी-5.0 के लिए गोरखपुर में निवेश प्रस्तावों की तैयारी अंतिम चरण में है। औद्योगिक परियोजनाओं के साथ हाउसिंग, पर्यटन और अन्य क्षेत्रों के प्रस्तावों को भी शामिल किया गया है। अगले सप्ताह संबंधित विभागों के साथ बैठक कर सभी प्रस्तावों की समीक्षा और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करते हुए इन्हें अंतिम रूप दे दिया जाएगा। तय लक्ष्य से अधिक भागीदारी दर्ज कराने का प्रयास है।

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