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प्रयागराज‑चित्रकूट व मिर्जापुर को जोड़ने वाली नई 4‑लेन राजमार्ग परियोजनाओं का शुभारंभ

NHAI ने प्रयागराज से चित्रकूट धाम और मिर्जापुर तक दो नई ग्रीनफ़ील्ड 4‑लेन हाईवे बनाने के लिए कुल 8,316 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। 80.79 किमी लंबी इन राजमार्गों से वर्तमान 2‑लेन मार्ग का चौड़ाईकरण होगा, जिससे जाम कम होगा, यात्रा‑समय व ईंधन की बचत होगी और धार्मिक‑पर्यटन व व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। जिला magistrate डॉ. लोकेश एम. की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्थानीय विकास प्राधिकरणों ने एयरोसिटी, इंडस्ट्रियल हब और प्रस्तावित मेट्रो रूट से बेहतर कनेक्शन की सिफ़ारिश की।

ETV Bharat के अनुसार3 सितंबर 2026 को 05:31 pm बजे
प्रयागराज‑चित्रकूट व मिर्जापुर को जोड़ने वाली नई 4‑लेन राजमार्ग परियोजनाओं का शुभारंभ

सौजन्य से:- ETV Bharat

प्रयागराज को मिलेंगी दो बड़ी सड़क परियोजनाएं, 8,300 करोड़ की लागत से NH-35 होगा 4-लेन

चित्रकूट धाम और प्रयागराज के बीच सीधा और तेज संपर्क स्थापित होगा.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : September 3, 2026 at 9:00 PM IST

प्रयागराज: जनपद के आसपास जिलों में सफर करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है. संगमनगरी से चित्रकूट और मिर्जापुर की राह अब बेहद आसान और फर्राटेदार होने वाली है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) इन दोनों रूटों पर करीब 8,316 करोड़ रुपये की लागत से 4-लेन हाईवे तैयार करने जा रहा है.

मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई बैठक में इन दोनों परियोजनाओं के खाके पर गंभीर चर्चा हुई. इन नए मार्गों के बनने से न सिर्फ जाम से मुक्ति मिलेगी बलकि समय भी बचेगा, धार्मिक पर्यटन, व्यापार और स्थानीय उद्योगों को भी फायदा होगा.

यह हाईवे पूरी तरह से नया (ग्रीनफील्ड) और कंट्रोल्ड-एक्सेस हाईवे होगा, जो घनी आबादी वाले इलाकों से अलग गुजरेगा. इससे चित्रकूट धाम, गोस्वामी तुलसीदास की जन्मस्थली राजापुर और प्रयागराज के बीच सीधा और तेज संपर्क स्थापित होगा. रास्ते में लगने वाले जाम से निजात मिलेगी और गाड़ियों के ईंधन व समय की बचत होगी.

हाईवे की लंबाई 80.79 किमी होगी, जो लेप्रोसी चौराहा (नैनी) से मिर्जापुर बाईपास तक जाएगी, इस मार्ग की लंबाई और चौड़ीकरण पर ₹4,495.43 करोड़ खर्च होंगे. वर्तमान में 2-लेन वाले इस मार्ग को 4-लेन में बदला जाएगा. टेढ़े मोड़ो को सीधा करने के साथ-साथ जरूरत के अनुसार बाईपास भी बनाए जाएंगे. इससे विंध्याचल और मिर्जापुर जाने वाले श्रद्धालुओं और माल ढुलाई करने वाले भारी वाहनों को सुगम रास्ता मिलेगा और हादसे कम होंगे.

बैठक में मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि विकास का लाभ केवल उत्तरी प्रयागराज तक सीमित न रहे, बल्कि दक्षिण प्रयागराज (नैनी क्षेत्र) को भी इसका सीधा फायदा मिलना चाहिए. इसके लिए उन्होंने मंत्रालय को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं.

प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) के उपाध्यक्ष ऋषि राज ने सुझाव दिया कि हाईवे को प्रस्तावित एयरोसिटी, नैनी इंडस्ट्रियल हब, लेप्रोसी चौराहा और प्रस्तावित मेट्रो रूट से बेहतर तरीके से जोड़ा जाए.

मिर्जापुर की तरफ से आने वाले भारी वाहनों को शहर में घुसने से रोकने के लिए रिंग रोड और सिरसा क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत किया जाएगा, ताकि बड़े मेलों के दौरान शहर में जाम की स्थिति न बने.

मंत्रालय स्तर से दोनों परियोजनाओं के रूट (अलाइनमेंट) को पहले ही हरी झंडी मिल चुकी है. अब स्थानीय स्तर पर विभागों के बीच तालमेल बनाकर जमीन और निर्माण संबंधी प्रक्रियाओं को गति दी जा रही है.

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