होमबिज़नेसयूपी सरकार के बजट खर्च की रफ्तार सुस्त, 6 महीने में सिर्फ 22.78% रकम खपी
बिज़नेस

यूपी सरकार के बजट खर्च की रफ्तार सुस्त, 6 महीने में सिर्फ 22.78% रकम खपी

यूपी सरकार के बजट खर्च की रफ्तार सुस्त, 6 महीने में सिर्फ 22.78% रकम खपी यूपी में बजट पास हुए पांच महीने बीत चुके हैं लेकिन विभागों द्वारा खर्च करने की रफ्तार सुस्त है। 9.99 लाख करोड़ रुपये में से 22.78% ही खर्च हो पाया…

Hindustan के अनुसार14 सितंबर 2026 को 02:04 am बजे
यूपी सरकार के बजट खर्च की रफ्तार सुस्त, 6 महीने में सिर्फ 22.78% रकम खपी

सौजन्य से:- Hindustan

यूपी सरकार के बजट खर्च की रफ्तार सुस्त, 6 महीने में सिर्फ 22.78% रकम खपी

यूपी में बजट पास हुए पांच महीने बीत चुके हैं लेकिन विभागों द्वारा खर्च करने की रफ्तार सुस्त है। 9.99 लाख करोड़ रुपये में से 22.78% ही खर्च हो पाया है। यह हाल तब है जब अगले साल की शुरुआत में यूपी विधान सभा चुनाव प्रस्तावित है।

UP News: बजट पास हुए पांच महीने बीत चुके हैं, लेकिन विभागों के रकम खर्च करने की रफ्तार बेहद सुस्त है। यह हाल तब है जब अगले साल की शुरुआत में यूपी विधान सभा चुनाव प्रस्तावित है। सरकार अधिसूचना लगने के पहले ही बजट का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करके परियोजनाओं को जमीन पर उतारना चाहती है। अगले साल जनवरी में अधिसूचना संभावित है।

योगी सरकार ने इस साल फरवरी में 9.12 लाख करोड़ रुपये का मूल बजट पास किया था। इसके बाद अनुपूरक बजट लाई थी। कोषवाणी के आंकड़ों के मुताबिक सरकार के प्रस्तावित बजट 9.99 लाख करोड़ रुपये से सापेक्ष अगस्त तक 2.08 लाख करोड़ रुपये का वास्तविक खर्च किया गया। सितंबर तक के आंकड़े देखें तो यह खर्च 2.27 लाख करोड़ रुपये है। इस लिहाज से सितंबर तक खर्च की गई रकम बजट के सापेक्ष 22.78% है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट और अनुपूरक बजट पास होने के बाद मंत्रियों को नवंबर तक ज्यादा से ज्यादा वित्तीय स्वीकृतियां जारी करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा था कि इसी वित्तीय वर्ष चुनाव होने की वजह से रकम का इस्तेमाल करने के लिए कम वक्त मिलेगा, लिहाजा इसमें तेजी रखी जाए। शुरुआती दिनों में विभागों ने तेजी दिखाई, लेकिन बाद में सुस्त हो गई। कोषवाणी के आंकड़ों के मुताबिक अब तक कुल बजट के सापेक्ष विभागों को 4.46 लाख करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृतियां जारी हुई हैं। बजट के सापेक्ष वित्तीय स्वीकृति का आंकड़ा 44.64% है। वित्तीय स्वीकृति के सापेक्ष विभागों को 3.40 लाख करोड़ रुपये की रकम आवंटित की गई है।

यहां के आंकड़े राहत भरे

बजट के सापेक्ष रकम खर्च करने के आंकड़ों में भले ही सुस्ती दिखाई दे रही है, लेकिन आवंटित रकम की सापेक्ष खर्च के आंकड़े फिर भी राहत भरे हैं। मसलन आवास विभाग ने आवंटित बजट का 95% खर्च किया है। लघु उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन ने आवंटित बजट का 65.40% खर्च किया है। हथकरघा उद्योग ने आवंटित बजट का 99.25% बजट इस्तेमाल किया है।

कई विभागों का वास्तविक खर्च 10% से भी कम

तमाम विभाग ऐसे हैं, जिनका वास्तविक बजट खर्च 10% से भी कम है। स्टांप एवं पंजीकरण 7.61%, समाज कल्याण के अधीन आने वाला जनजाति कल्याण विभाग 4.48%, विकलांग एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण 9.38%, वित्त विभाग के अधीन सामूहिक बीमा 6.59%, लोक निर्माण के अधीन भवन निर्माण मद में 9.18%, राष्ट्रीय एकीकरण विभाग 5.62%, आपदा राहत में 3.03%, पर्यटन में 2.82%, नियोजन में 5.34% है। नागरिक उड्डयन 2.14%, मत्स्य 5.62%, पंचायतीराज 9.76% और लघु उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन में 8.54% है।

विभागों के अब तक बजट खर्च की स्थिति (प्रतिशत में)

Powered by CM Sarkar Geeta Reporter

संबंधित ख़बरें