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यूपी चुनाव 2027: युवाओं पर योगी सरकार मेहरबान, कई नई योजनाओं की तैयारी

चुनावी राजनीति में युवाओं की बढ़ती भागीदारी के बीच योगी सरकार ने युवाओं से जुड़े अपने बचे हुए वादों को भी अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। बता दें कि यूपी में 32-33 फीसदी युवा आबादी है। लखनऊ: हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आ…

Navbharat Times के अनुसार27 अगस्त 2026 को 01:22 am बजे
यूपी चुनाव 2027: युवाओं पर योगी सरकार मेहरबान, कई नई योजनाओं की तैयारी

सौजन्य से:- Navbharat Times

चुनावी राजनीति में युवाओं की बढ़ती भागीदारी के बीच योगी सरकार ने युवाओं से जुड़े अपने बचे हुए वादों को भी अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। बता दें कि यूपी में 32-33 फीसदी युवा आबादी है।

लखनऊ: हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐलान किया कि वह छह महीने के भीतर युवाओं को एक लाख सरकारी नौकरियां देंगे। इसके अलावा सरकार नई युवा नीति लाने जा रही है और उनके लिए अलग से आयोग भी बनाने की तैयारी कर रही है। चुनावी राजनीति में युवाओं की बढ़ती भागीदारी के बीच सरकार ने युवाओं से जुड़े अपने बचे वादों को भी अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।

यूपी में 32-33 फीसदी युवा

आकलन के अनुसार यूपी की आबादी इस समय करीब 24.5 करोड़ है। इसमें से लगभग 8 करोड़ आबादी 16 से 35 आयु वर्ग के लोगों की आंकी जा रही है। इस तरह 32-33 फीसदी युवा आबादी है। यह वोट के साथ ही सपोर्ट के मोमेंटम में भी अहम भूमिका निभा रही है। वर्ष 2017 के चुनाव में सपा के सत्ता से बाहर होने की एक बड़ी वजह प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर उठे सवाल सहित उनसे जुड़े मुद्दे भी थे। सत्ता के रणनीतिकार भी इससे भली-भांति परिचित है।

एक लाख युवाओं को नौकरी

यही वजह है कि सरकार का फोकस लगातार रोजगार, स्वरोजगार एवं इससे जुड़ी योजनाओं पर है। लगभग 9 लाख सरकारी नौकरी देने के दावों के बीच, एक लाख और नौकरी पत्र बांटने की युवा कनेक्ट और उसकी चिंता की धार को और तेज करने की ही कवायद मानी जा रही है। युवा नीति तो इसकी धुरी बनेगी ही, पुरानी योजनाओं को विस्तार देने के साथ ही उनको भी लागू करने पर फोकस किया जा रहा है। ज्यादातर नई बड़ी योजनाएं इसी आबादी को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही हैं।

यूथ के लिए ये वादे और योजनाएं

छह महीने में एक लाख से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी देने का वादा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया है।

स्वामी विवेकानद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत 2025-26 के लिए 25 लाख युवाओं को टैबलट देने की तैयारी। इसके लिए 2,374.60 करोड़ रुपये की लागत से खरीद को कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है।

रानी लक्ष्मीबाई योजना के तहत स्नातक पास मेधावी, दिव्यांग और निराश्रित छात्राओं को स्कूटी देने की तैयारी।

सरकार प्रदेश की युवा नीति लाने जा रही है। इसमें युवा कौशल विकास, उद्यमिता, रोजगार, नवाचार, डिजिटल, स्वास्थ्य, खेल और नेतृत्व विकास पर फोकस रहेगा।

ये योजनाएं पहले से

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता।

मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत शिक्षित बेरोजगार युवाओं को मैन्युफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्र में उद्योग स्थापित करने के लिए ऋण।

मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को आईएएस, आईपीएस, नीट और जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग।

उप्र कौशल विकास मिशन के तहत युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए विभिन्न ट्रेडों में निशुल्क कौशल प्रशिक्षण।

युवाओं को डिजिटल रूप से सक्षम बनाने के लिए पात्र विद्यार्थियों को मुफ्त टैबलट और स्मार्टफोन।

नए सवाल भी खींच रहे ध्यान

हाल ही में 'Gen-Z' आबादी ने सभी का ध्यान खींचा है। दिल्ली में जंत्तर-मंतर के बाद देशभर में अलग-अलग हिस्सों में आदोलन हुए। इसको देखते केंद्र सरकार और प्रदेशों की सरकारों का ध्यान इनकी ओर गया है। सभी राजनीतिक दलों के नेता युवा संवाद आयोजित कर रहे हैं। यूपी में तो 2027 में विधानसभा चुनाव भी होने है। यहां भी राजनीतिक दलों की तैयारी इनको अपनी ओर लाने की है। इसको लेकर भाजपा में भी कवायद शुरू हो चुकी है। हालांकि, यूपी इस मुद्दे से अछूता रहा है।

प्रोटेस्ट के बाद स्कूलों पर गया ध्यान

राजधानी से लेकर कुछ जिलों में समस्याओं को लेकर जेन अल्फा की आवाज जरूर गूंजी, लेकिन इसके पूरी तरह मुखर होने से पहले ही समाधान की कवायद तेज हो चुकी है। जहां भी इस तरह की घटनाएं हुई, वहां तुरंत बड़े अफसर पहुंचे और समस्याओं का निराकरण किया गया। अफसरों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे छात्रों और युवाओं की सुविधाओं का ध्यान रखें। पुराने जर्जर स्कूलों की जगह नये निर्माण के लिए धनराशि जारी की जा रही है।

लेखक के बारे मेंदीप सिंहपिछले 28 साल से पत्रकार। इस लखनऊ के प्रमुख अखबारों दैनिक जागरण, हिंदुस्तान और अमर उजाला में काम किया। वर्तमान में एनबीटी लखनऊ में 11 साल से कार्यरत। इस दौरान सिटी से लेकर स्टेट ब्यूरो तक सभी क्षेत्र में रिपोर्टिंग की। हिंदुस्तान और एनबीटी में सिटी हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। अभी एनबीटी स्टेट ब्यूरो में कार्यरत।... और पढ़ें

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