लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे पर 20 दिन में 8 जगह धंसी सड़क; अब होगी लेजर जांच
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे पर 20 दिन में 8 जगह धंसी सड़क; अब होगी लेजर जांच कानपुर एक्सप्रेसवे के लगातार धंसने पर एनएचएआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा को हटा दिया। निर्माण कंपनी पीएनसी इंफ्रा…

सौजन्य से:- Hindustan
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे पर 20 दिन में 8 जगह धंसी सड़क; अब होगी लेजर जांच
कानपुर एक्सप्रेसवे के लगातार धंसने पर एनएचएआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा को हटा दिया। निर्माण कंपनी पीएनसी इंफ्राटेक पर भी कार्रवाई शुरू हुई है। मरम्मत पूरी होने तक एक्सप्रेसवे टोल फ्री रहेगा और गुणवत्ता की जांच आईआईटी खड़गपुर करेगा। जिसकी लेजर जांच भी होगी।
कानपुर एक्सप्रेसवे लगातार धंसने पर एनएचएआई ने परियोजना निदेशक (पीडी) नकुल प्रकाश वर्मा को हटाकर मूल विभाग में भेज दिया है। उनके साथ ही पूर्व पीडी सौरभ चौरसिया के खिलाफ आरोप पत्र देने की तैयारी की जा रही है। लखनऊ पीडी की जिम्मेदारी बरेली के पीडी नवरत्न को दी गई है। वहीं निर्माण कंपनी पीएनसी इंफ्राटेक को 'नॉन परफॉर्मर' घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मरम्मत पूरी होने तक एक्सप्रेसवे टोल फ्री कर दिया गया है। आईआईटी खड़गपुर गुणवत्ता की जांच करेगा। एक्सप्रेसवे 14 जुलाई को शुरू हुआ था। इसके बाद उन्नाव के कुरारी गांव के पास 26 जुलाई को किलोमीटर-64 पर पहली बार डामर उखड़ा व आसपास का हिस्सा धंस गया। फिर अगस्त के पहले हफ्ते तक एक्सप्रेसवे आठ स्थानों पर उखड़ा और धंसा।
मरम्मत का काम पीएनसी इंफ्राटेक अपने खर्च पर करेगी
एनएचएआई के मुख्य महाप्रबंधक गौतम विशाल ने बुधवार को बताया,निर्माण कंपनी पीएनसी इंफ्राटेक के साथ ही स्वतंत्र इंजीनियरिंग सलाहकार और परियोजना की निगरानी करने वाले अफसरों पर भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। एनएचएआई ने स्पष्ट किया है कि कानपुर एक्सप्रेस वे के क्षतिग्रस्त हिस्से का पूरा पुनर्निर्माण पीएनसी इंफ्राटेक अपने खर्च पर करेगी, जिसकी अनुमानित लागत लगभग तीन करोड़ रुपये है। एनएचएआई के मुख्य महाप्रबंधक एवं उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय अधिकारी गौतम विशाल ने बताया कि निर्माण की गुणवत्ता की निगरानी करने वाली थीम इंजीनियरिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ भी भविष्य की परियोजनाओं से प्रतिबंधित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
एक्सप्रेसवे की होगी लेजर जांच
एनएचएआई के मुख्य महाप्रबंधक एवं उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय अधिकारी गौतम विशाल ने कहा कि एनएचएआई अब पूरे एक्सप्रेसवे की लेजर प्रोफाइलोमीटर तकनीक से जांच कराएगा, जिससे सड़क की सतह की सूक्ष्म खामियों और छिपे हुए दोषों का पता लगाया जा सकेगा। प्राधिकरण ने आईआईटी खड़गपुर के प्रोफेसर केएस रेड्डी की अध्यक्षता में विशेषज्ञ समिति गठित की है। यह समिति सड़क की डिजाइन, निर्माण सामग्री, पद्धति, जल निकासी व्यवस्था, आधार परत व गुणवत्ता नियंत्रण की विस्तृत जांच कर यह बताएगी कि इतनी जल्दी सड़क बार-बार क्यों उखड़ी। क्षतिग्रस्त स्थान पर यातायात को डायवर्ट कर सुचारु रूप से चलाया जा रहा है।
20 दिन में आठ स्थानों पर उखड़ी और धंसी सड़क
13 जुलाई- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया।
14 जुलाई- सुबह 8 बजे: एक्सप्रेसवे पर यातायात शुरू हुआ।
26 जुलाई- उन्नाव के कुरारी गांव के पास कानपुर-लखनऊ लेन में किमी 64 पर पहली बार सड़क का तारकोल उखड़ा और आसपास धंसाव हुआ।
3 अगस्त तक- एक्सप्रेसवे पर कुल आठ स्थानों पर सड़क उखड़ने और धंसने की घटनाएं सामने आईं।
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