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गोरखपुर में सवा घंटे में 150 मिमी बारिश, आखिर क्यों बरसे बादल - gorakhpur heavy rain 150mm in 75 mins bay moisture wd

गोरखपुर में सवा घंटे में 150 मिमी बारिश, आखिर क्यों बरसे बादल गोरखपुर में शनिवार शाम सवा घंटे में 150 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे शहर में जलभराव की स्थिति बन ...और पढ़ें HighLights - सवा घंटे में 150 मिमी वर्षा से गोरखप…

Jagran के अनुसार27 सितंबर 2026 को 03:04 am बजे
गोरखपुर में सवा घंटे में 150 मिमी बारिश, आखिर क्यों बरसे बादल - gorakhpur heavy rain 150mm in 75 mins bay moisture wd

सौजन्य से:- Jagran

गोरखपुर में सवा घंटे में 150 मिमी बारिश, आखिर क्यों बरसे बादल

गोरखपुर में शनिवार शाम सवा घंटे में 150 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे शहर में जलभराव की स्थिति बन ...और पढ़ें

HighLights

- सवा घंटे में 150 मिमी वर्षा से गोरखपुर में जलभराव।

- बंगाल की खाड़ी की नमी और पश्चिमी विक्षोभ मुख्य कारण।

- तापमान में 6.6 डिग्री की गिरावट, बारिश जारी रहने का अलर्ट।

अरुण कुमार, गोरखपुर। शनिवार शाम गोरखपुर में अचानक बारिश ने रफ्तार पकड़ ली। शाम सवा चार से छह बजे के बीच करीब 150 मिलीमीटर वर्षा हुई। इतने कम समय में इतनी अधिक बारिश ने शहर में जलभराव की स्थिति पैदा कर दी। सवाल उठता है कि आखिर अचानक इतनी बड़ी मात्रा में पानी कैसे बरस पड़ा? इसके पीछे बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से बनी मौसमी परिस्थितियां प्रमुख कारण रहीं।

वातावरण में पहले से बड़ी मात्रा में नमी मौजूद थी। इसके बाद बादलों को तेजी से विकसित होने के लिए अनुकूल परिस्थितियां मिलीं और थोड़े समय में ही वर्षा की तीव्रता बहुत बढ़ गई।

पहले समझिए, बारिश के लिए माहौल कैसे बना

बारिश के लिए केवल बादलों का होना पर्याप्त नहीं होता। वातावरण में पर्याप्त नमी और उस नमी को ऊपर उठाने वाली अनुकूल परिस्थितियां भी जरूरी होती हैं। इस समय दोनों परिस्थितियां एक साथ बनीं। बंगाल की खाड़ी में बना अवदाब उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा था। इसके प्रभाव से खाड़ी से नम हवा का प्रवाह प्रदेश की ओर बढ़ गया।

इससे वातावरण में नमी की मात्रा लगातार बढ़ती गई। गोरखपुर में शनिवार को अधिकतम आर्द्रता 100 और न्यूनतम 92 प्रतिशत रही। यानी वातावरण पहले से ही काफी नमी से भरा हुआ था। इसी दौरान पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव भी सक्रिय था। इससे वातावरण में ऐसी परिस्थितियां बनीं, जिनमें नमी वाली हवा को ऊपर उठने और बादलों के तेजी से विकसित होने में मदद मिली। बंगाल की खाड़ी से आई नमी और पश्चिमी विक्षोभ का यह मेल तेज वर्षा के लिए अनुकूल बन गया।

फिर अचानक इतनी तेज कैसे हो गई बारिश?

मौसम विज्ञानी टीबी सिंह के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी इस समय वर्षा के लिए प्रमुख भूमिका निभा रही है। अवदाब के उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ने से नम हवा का प्रवाह बढ़ा। जब यह नमी पश्चिमी विक्षोभ से बनी परिस्थितियों के संपर्क में आई तो बादलों के विकास के लिए अनुकूल स्थिति तैयार हुई। इसे ऐसे समझा जा सकता है कि वातावरण बारिश के लिए पहले से तैयार था।

जैसे ही बादलों को ऊपर उठने और विकसित होने का अनुकूल वातावरण मिला, उनकी सक्रियता तेजी से बढ़ गई। इसका परिणाम यह हुआ कि सामान्य अवधि में होने वाली वर्षा का बड़ा हिस्सा बहुत कम समय में गिर गया। शनिवार शाम सवा चार बजे के आसपास वर्षा की तीव्रता बढ़नी शुरू हुई और शाम छह बजे तक करीब 150 मिलीमीटर पानी बरस गया। इतनी कम अवधि में अत्यधिक वर्षा होना ही शहर में अचानक जलभराव का बड़ा कारण बना।

24 घंटे की बारिश से ज्यादा चौंकाने वाला शाम का आंकड़ा

बारिश की तीव्रता को समझने के लिए 24 घंटे के आंकड़े से तुलना महत्वपूर्ण है। शुक्रवार शाम साढ़े पांच बजे से शनिवार शाम साढ़े पांच बजे तक 135.4 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड हुई। शनिवार शाम सवा चार से छह बजे के बीच 150 मिलीमीटर वर्षा हुई। वहीं, शनिवार शाम साढ़े पांच बजे के बाद तीन घंटे में 71.2 मिलीमीटर बारिश हुई। यानी पूरे 24 घंटे में दर्ज वर्षा की तुलना में शनिवार शाम बहुत कम समय में अधिक पानी गिर गया। यही इस वर्षा की असामान्य तीव्रता को बताता है।

अवदाब अभी कमजोर होगा, लेकिन बारिश थमने की गारंटी नहीं

मौसम विज्ञानी के अनुसार, पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और उससे लगे दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश पर बना अवदाब शनिवार शाम उत्तर-उत्तरपश्चिम दिशा में तेजी से बढ़ रहा था। पिछले छह घंटे में इसकी गति करीब 25 किलोमीटर प्रति घंटे रही। शाम साढ़े पांच बजे यह दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश में 26.0 डिग्री उत्तर अक्षांश और 81.3 डिग्री पूर्व देशांतर के पास केंद्रित था। अगले 12 घंटे में इसके पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ते हुए धीरे-धीरे कमजोर होकर स्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र में बदलने की संभावना है। हालांकि, प्रणाली कमजोर होने के बाद भी वातावरण में मौजूद नमी तुरंत समाप्त नहीं होगी। इसलिए वर्षा की स्थिति बनी रह सकती है। मौसम विभाग ने रविवार को भी तेज वर्षा का अलर्ट जारी किया है।

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बारिश ने गिराया तापमान

लगातार वर्षा और बादलों का असर तापमान पर भी पड़ा। शनिवार को अधिकतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 6.6 डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.2 डिग्री कम है।

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