होममनोरंजनराशन से डिजिटल निगरानी तक: योगी सरकार ने बदला यूपी का पोषण मॉडल; 1.56 करोड़ लाभार्थियों तक पहुंच रहा टेक होम राशन
मनोरंजन

राशन से डिजिटल निगरानी तक: योगी सरकार ने बदला यूपी का पोषण मॉडल; 1.56 करोड़ लाभार्थियों तक पहुंच रहा टेक होम राशन

- Hindi News - Up khaas - UP Nutrition Model Update | Yogi Govt Digital Tracking Poshan Ration राशन से डिजिटल निगरानी तक:योगी सरकार ने बदला यूपी का पोषण मॉडल; 1.56 करोड़ लाभार्थियों तक पहुंच रहा टेक होम राशन - कॉपी लिंक…

Dainik Bhaskar के अनुसार11 अगस्त 2026 को 04:18 pm बजे
राशन से डिजिटल निगरानी तक:  योगी सरकार ने बदला यूपी का पोषण मॉडल; 1.56 करोड़ लाभार्थियों तक पहुंच रहा टेक होम राशन

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

- Hindi News

- Up khaas

- UP Nutrition Model Update | Yogi Govt Digital Tracking Poshan Ration

राशन से डिजिटल निगरानी तक:योगी सरकार ने बदला यूपी का पोषण मॉडल; 1.56 करोड़ लाभार्थियों तक पहुंच रहा टेक होम राशन

- कॉपी लिंक

उत्तर प्रदेश में बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं तक पोषण पहुंचाने की व्यवस्था अब सिर्फ राशन बांटने तक सीमित नहीं है। योगी सरकार ने टेक होम राशन यानी घर ले जाने वाले पोषण आहार की पूरी सप्लाई चेन को डिजिटल निगरानी से जोड़ दिया है। राशन लेकर निकलने वाले वाहन से लेकर लाभार्थी के हाथ तक पहुंचने की प्रक्रिया में GPS ट्रैकिंग, QR कोड और OTP वेरिफिकेशन का इस्तेमाल किया जा रहा है।

सरकार के मुताबिक इस व्यवस्था से करीब 1.56 करोड़ लाभार्थियों तक टेक होम राशन पहुंचाया जा रहा है। डिजिटल रिकॉर्ड बनने से यह पता लगाना आसान हुआ है कि पोषण सामग्री कहां से चली, किस वाहन से पहुंची और किस लाभार्थी को दी गई।

GPS से रास्ते में ही ट्रैक हो रहा राशन

टेक होम राशन की सप्लाई में लगे वाहनों में GPS लगाया गया है। इससे उत्पादन केंद्र से वितरण केंद्र तक राशन लेकर जाने वाले वाहनों की लोकेशन पर नजर रखी जाती है। इस व्यवस्था से परिवहन के दौरान वाहन के तय रास्ते से हटने या सप्लाई में किसी तरह की गड़बड़ी की स्थिति में निगरानी करना आसान हुआ है। यानी राशन की सप्लाई अब सिर्फ कागजों में दर्ज नहीं रहती, बल्कि उसकी आवाजाही को डिजिटल तरीके से भी ट्रैक किया जा सकता है।

QR कोड से पैकेट की डिजिटल पहचान

टेक होम राशन के पैकेट पर QR कोड लगाया गया है। इसके जरिए पोषण सामग्री को डिजिटल प्रक्रिया से जोड़ा गया है। इससे सामग्री की पहचान और वितरण से जुड़ी जानकारी को रिकॉर्ड करने में मदद मिलती है। सप्लाई चेन के अलग-अलग चरणों में डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से अधिकारियों के लिए पूरी प्रक्रिया की निगरानी करना आसान हो गया है।

OTP से तय लाभार्थी को ही मिल रहा राशन

राशन वितरण के समय लाभार्थी के सत्यापन के लिए OTP आधारित व्यवस्था भी लागू की गई है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि पोषण सामग्री निर्धारित लाभार्थी तक ही पहुंचे। यानी अब व्यवस्था में तीन स्तर पर डिजिटल निगरानी हो रही है—वाहन की GPS ट्रैकिंग, राशन पैकेट की QR कोड पहचान और लाभार्थी का OTP सत्यापन।

बच्चों और माताओं की जरूरत के हिसाब से पोषण

टेक होम राशन में सभी लाभार्थियों के लिए एक जैसा पोषण उत्पाद नहीं दिया जाता। उम्र और जरूरत के हिसाब से अलग-अलग श्रेणियों के लिए अनुपूरक पोषण की व्यवस्था की गई है। इसमें 6 महीने से 6 साल तक के बच्चे, गर्भवती महिलाएं और धात्री माताएं शामिल हैं। उद्देश्य है कि लाभार्थियों को उनकी जरूरत के अनुसार पोषण सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।

डिजिटल निगरानी से गड़बड़ी पकड़ना आसान

बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के अनुसार उत्पादन से लेकर परिवहन और वितरण तक अलग-अलग स्तरों पर डिजिटल निगरानी होने से किसी भी स्तर पर होने वाली गड़बड़ी का पता लगाना आसान हुआ है। पहले किसी सप्लाई की स्थिति जानने के लिए अलग-अलग स्तर के रिकॉर्ड पर निर्भर रहना पड़ता था। डिजिटल व्यवस्था में पूरी प्रक्रिया का रिकॉर्ड तैयार होता है, जिससे अधिकारियों के लिए निगरानी और सत्यापन दोनों आसान हो गए हैं।

सिर्फ राशन पहुंचाना नहीं, सही व्यक्ति तक पहुंचाना लक्ष्य

सरकार का फोकस अब सिर्फ यह सुनिश्चित करने पर नहीं है कि पोषण सामग्री ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे। जोर इस बात पर भी है कि सही मात्रा और गुणवत्ता वाली सामग्री तय समय पर सही लाभार्थी तक पहुंचे। GPS, QR कोड और OTP जैसी तकनीक के इस्तेमाल से टेक होम राशन की सप्लाई चेन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की कोशिश की गई है। सरकार इसे पोषण व्यवस्था को तकनीक से जोड़कर अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रही है।

Powered by CM Sarkar Geeta Reporter

संबंधित ख़बरें