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उत्तर प्रदेश

वाराणसी में गंगा का जलस्‍तर बढ़ने के बाद स्‍थ‍िर हुआ, तटवर्ती क्षेत्रों में दुश्‍वार‍ियां बरकरार, नौका संचालन अब भी ठप - varanasi ganga level stabilizes flood woes persist

वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद स्थिर हुआ, तटवर्ती क्षेत्रों में दुश्वारियां बरकरार, नौका संचालन अब भी ठप वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद स्थिर हो गया है, लेकिन तटवर्ती क्षेत्रों में दुश्वारियां बरकरार है…

Jagran के अनुसार11 सितंबर 2026 को 09:04 pm बजे
वाराणसी में गंगा का जलस्‍तर बढ़ने के बाद स्‍थ‍िर हुआ, तटवर्ती क्षेत्रों में दुश्‍वार‍ियां बरकरार, नौका संचालन अब भी ठप
 - varanasi ganga level stabilizes flood woes persist

सौजन्य से:- Jagran

वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद स्थिर हुआ, तटवर्ती क्षेत्रों में दुश्वारियां बरकरार, नौका संचालन अब भी ठप

वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद स्थिर हो गया है, लेकिन तटवर्ती क्षेत्रों में दुश्वारियां बरकरार हैं और ...और पढ़ें

HighLights

- गंगा का जलस्तर वाराणसी में बढ़ने के बाद स्थिर हो गया।

- तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ से उत्पन्न दुश्वारियां अभी भी बरकरार।

- मणिकर्णिका, हरिश्चंद्र घाट पर शवदाह छतों पर जारी है।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। पूर्वांचल सहित वाराणसी में मौसम का रुख बदला हुआ है तो अब बारिश का दौर थमने के बाद वातावरण का रुख भी गुलाबी ठंड की ओर होने को मानो आतुर है। मौसम विभाग ने हालांकि बारिश की संभावना जताई है। जबकि विगत दिनों बरसात का असर गंगा की बाढ़ पर भी नजर आ रहा है। वहीं नौंका संचालन गंगा के प्रवाह में तेजी की वजह से अभी भी बंद है।

वाराणसी में गंगा का रुख चेतावनी बिंदु के नीचे आने के बाद एक दिन पूर्व दोबारा बढ़ने लगा था। गंगा में बाढ़ की वजह से जहां दुश्वारियां पहले ही सिर उठाए हुईं थीं वहीं अब गंगा का जलस्थर स्थिर होने के बाद तटवर्ती क्षेत्रों में लोगों की चिंंता फिर बढ़ गई है। बाढ़ का स्तर कम होने का इंतजार कर रहे लोगों के बीच अब जलस्तर स्थिर होने के बाद भी चिंंता का माहौल बना हुआ है।

एक ओर बाढ़ राहत शिविरों से तमाम लोग लौट चुके हैं तो कई लौटने की ओर हैं। माना जा रहा है कि अब बाढ़ में कुछ राहत के बाद राहत शिविर को बंद किया जा सकता है। माना जा रहा है कि वरुणा में भी पानी कम होने के बाद अब लोग अपने घरों की ओर लौट रहे हैं।

हालांकि महाश्मशान मणिकर्णिका घाट और हरिश्चंद्र घाट पर छतों पर ही शवदाह हो रहा है। जबकि गली में अब घटते पानी के बीच कीचड़ अधिक है। जिसकी वजह से घाट की ओर लोग कम ही रुख कर रहे हैं। माना जा रहा है कि आगे बारिश नहीं हुई तो गाद और कीचड़ सूखने लगेगा।

केंद्रीय जलआयोग राजघाट की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार सुबह दस बजे गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद स्थिर हो गया था। बनारस में चेतावनी बिंंदु 70.262 मीटर है। जबकि खतरा बिंंदु 71.262 मीटर है तो वहीं अब तक सर्वाधिक जलस्तर 73.901 मीटर दर्ज किया गया है। शुक्रवार को गंगा का जलस्तर सुबह दस बजे 69.33 मीटर पर स्थिर हो गया है।

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