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यूपी भाजपा में संगठनात्मक बदलाव, पितृपक्ष से पहले घोषित होंगी पांच मोर्चों की नई टीमें - bjp up fronts new teams before pitrupaksha in lucknow

यूपी भाजपा में संगठनात्मक बदलाव, पितृपक्ष से पहले घोषित होंगी पांच मोर्चों की नई टीमें उत्तर प्रदेश भाजपा पितृपक्ष से पहले अपने पांच मोर्चों - महिला, किसान, ओबीसी, अनुसूचित जाति और जनजाति की प्रदेश इकाइयों की घोषणा करने…

Jagran के अनुसार25 सितंबर 2026 को 03:04 am बजे
यूपी भाजपा में संगठनात्मक बदलाव, पितृपक्ष से पहले घोषित होंगी पांच मोर्चों की नई टीमें
 - bjp up fronts new teams before pitrupaksha in lucknow

सौजन्य से:- Jagran

यूपी भाजपा में संगठनात्मक बदलाव, पितृपक्ष से पहले घोषित होंगी पांच मोर्चों की नई टीमें

उत्तर प्रदेश भाजपा पितृपक्ष से पहले अपने पांच मोर्चों - महिला, किसान, ओबीसी, अनुसूचित जाति और जनजाति की प्रदेश इकाइयों की घोषणा करने की तैयारी में है।

HighLights

- भाजपा यूपी में पांच मोर्चों की प्रदेश इकाइयां घोषित करेगी।

- पितृपक्ष यानी 26 सितंबर से पहले टीमों की घोषणा होगी।

- प्रत्येक मोर्चे में तीन महामंत्री, दस उपाध्यक्ष, दस मंत्री होंगे।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही भाजपा जल्द ही यूपी में पांच मोर्चों की प्रदेश इकाइयों की घोषणा कर देगी। पार्टी पितृपक्ष यानी 26 सितंबर से पहले टीमें घोषित कर उन्हें होमवर्क दे देगी।

महिला, किसान, ओबीसी, अनुसूचित एवं अनुसूचित जाति-जनजाति मोर्चा ने अपने-अपने मोर्चों की संभावित टीम का नाम प्रदेश नेतृत्व को दे दिया है। तीन-तीन महामंत्री, दस-दस उपाध्यक्ष एवं मंत्री बनाए जाएंगे। क्षेत्रीय संतुलन पर ज्यादा जोर देने के लिए कहा गया है।

अध्यक्षों ने विनोद तावड़े, पंकज चौधरी और धर्मपाल सिंह को नामों की सूची दे दी है। सेवा संकल्प अभियान में व्यस्तता एवं वडनगर-गुजरात यात्रा पर जाने की वजह से युवा मोर्चा की इकाई पितृपक्ष यानी दस अक्टूबर के बाद घोषित होगी।

मोर्चे की प्रदेश टीमों में तीन महामंत्री, दस-दस उपाध्यक्ष एवं मंत्री नियुक्त होंगे। करीब 30 सदस्यीय टीमों के गठन में क्षेत्रीय समीकरणों का विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रदेश अल्पसंख्यक मोर्चा को लेकर अभी कोई सुगबुगाहट नहीं है।

ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष प्रकाश पाल, महिला मोर्चा अध्यक्ष सरोज कुशवाहा, किसान मोर्चा अध्यक्ष देवेंद्र चौधरी, अनसूचित जाति मोर्चा अशोक रावत एवं अनुसूचित जनजाति मोर्चा अध्यक्ष विद्याभूषण गोंड हैं।

इसके बाद सभी मोर्चों के प्रभारी भी बनाए गए। पिछले दिनों प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने सभी मोर्चा अध्यक्षों की मीटिंग लेकर उनके साथ चुनावी रणनीति की चर्चा की।

युवा मोर्चा के कई पदाधिकारी वाराणसी से वडनगर की यात्रा पर गए हैं, ऐसे में उनके लौटने के बाद प्रदेश टीम बनेगी। अगर इस बीच मोर्चे नहीं बनाए जा सके तो पार्टी फिर दस अक्टूबर को पितृपक्ष खत्म होने के बाद टीम बनाएगी।

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