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लखनऊ: शहर में 86195 आवारा कुत्ते, सात साल में बढ़ गए 10 हजार से अधिक; जानें नसबंदी की स्थिति और चुनौतियां

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Amar Ujala के अनुसार23 सितंबर 2026 को 05:04 am बजे
लखनऊ: शहर में 86195 आवारा कुत्ते, सात साल में बढ़ गए 10 हजार से अधिक; जानें नसबंदी की स्थिति और चुनौतियां

सौजन्य से:- Amar Ujala

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लखनऊ: शहर में 86195 आवारा कुत्ते, सात साल में बढ़ गए 10 हजार से अधिक; जानें नसबंदी की स्थिति और चुनौतियां

Wed, 23 Sep 2026 10:05 AM IST

Bhupendra Singh

अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

Published by: Bhupendra Singh

Updated Wed, 23 Sep 2026 10:05 AM IST

सार

लखनऊ शहर में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़कर 86195 हो गई है। सात साल में 10 हजार से अधिक कुत्ते बढ़ गए हैं। आगे पढ़ें और जानें नसबंदी की स्थिति और चुनौतियां...

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विस्तार

राजधानी लखनऊ में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़कर 86,195 हो गई है। यह आंकड़ा नगर निगम और निजी संस्थान ह्यूमन वर्ल्ड फॉर एनिमल्स की ओर से कराई गई पशु गणना-2025 की रिपोर्ट में सामने आया है। इससे पहले 2019 में हुई गणना में लगभग 75 हजार आवारा कुत्ते थे।

रिपोर्ट के अनुसार, 2019 में पूरे शहर में 75,678 आवारा कुत्ते थे, जिनका घनत्व 8.6 कुत्ते प्रति वर्ग किलोमीटर था। साल 2025 तक शहर की सीमा 317 वर्ग किलोमीटर से बढ़कर 496 वर्ग किलोमीटर हो गई है। इसके बाद हुई गणना में आवारा कुत्तों की तादाद भी बढ़ी है।

रिपोर्ट के मुताबिक, शहर की पुरानी सीमा में इस समय 66,405 कुत्ते हैं, वहीं नई सीमा में 19,790 कुत्ते पाए गए हैं। इसका मतलब है कि हर चार में से एक कुत्ता नए जुड़े इलाकों से है। 2019 से अब तक कुल 1,00,038 कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है, जिसमें 52,672 नर और 47,366 मादा कुत्ते शामिल हैं।

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रिपोर्ट के अनुसार, 2019 में पूरे शहर में 75,678 आवारा कुत्ते थे, जिनका घनत्व 8.6 कुत्ते प्रति वर्ग किलोमीटर था। साल 2025 तक शहर की सीमा 317 वर्ग किलोमीटर से बढ़कर 496 वर्ग किलोमीटर हो गई है। इसके बाद हुई गणना में आवारा कुत्तों की तादाद भी बढ़ी है।

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रिपोर्ट के मुताबिक, शहर की पुरानी सीमा में इस समय 66,405 कुत्ते हैं, वहीं नई सीमा में 19,790 कुत्ते पाए गए हैं। इसका मतलब है कि हर चार में से एक कुत्ता नए जुड़े इलाकों से है। 2019 से अब तक कुल 1,00,038 कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है, जिसमें 52,672 नर और 47,366 मादा कुत्ते शामिल हैं।

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नसबंदी की स्थिति और चुनौतियां

रिपोर्ट के अनुसार, पुराने शहर में नसबंदी कवरेज 80.8 फीसदी तक पहुंच गया है। यहां 53,680 कुत्तों की नसबंदी हो चुकी है, जबकि केवल 12,724 बाकी हैं। हालांकि, नए इलाकों में कवरेज केवल 42.7 फीसदी है, जहां करीब 11,336 कुत्तों की नसबंदी अभी होनी है। पुराने क्षेत्र में जोन एक में सबसे कम घनत्व और सबसे ज्यादा 89 फीसदी नसबंदी दर्ज की गई है।जोनवार आंकड़े और प्रजनन दर

सर्वाधिक कुत्ते जोन तीन में 18,411 और जोन छह में 13,249 पाए गए हैं। नए इलाकों में जोन चार 71.9 फीसदी नसबंदी के साथ सबसे बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। इसके विपरीत, जोन छह (नया इलाका) में सबसे कम 9.6 फीसदी और जोन आठ (नया इलाका) में 14.3 फीसदी नसबंदी हुई है। नए इलाकों में प्रजनन दर अधिक है, जोन आठ (नया इलाका) में 17.1 फीसदी पिल्ले और 21.3 फीसदी दूध पिलाती मादाएं मिलीं, जो पुराने इलाके से तीन गुना ज्यादा है।नसबंदी न होती तो साढ़े तीन लाख होती आबादी

पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा का कहना है कि जब कुत्तों की नसबंदी का कार्यक्रम शुरू हुआ तब उनकी आबादी करीब 70 हजार थी। ऐसे में नसबंदी के बाद भी आबादी कम नहीं हुई बल्कि बढ़ी है। यदि नसबंदी का अभियान न चलता तो इस समय आबादी करीब 3.50 लाख होती। वह कहते हैं कि एक मादा कुत्ता साल में दो बार बच्चे देता है और एक बार में कम से कम छह बच्चे होते हैं। इसमें से आधे ही जीवित रह पाते हैं। इस समय हर महीने के करीब 1,300 से 1,500 कुत्तों की नसबंदी हो रही है। जब एक और सेंटर शुरू हो जाएगा तो यह संख्या बढ़कर हर महीना 2,000 से अधिक हो जाएगी।

पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा का कहना है कि अभी करीब 23 हजार कुत्तों की नसबंदी बाकी है। कुत्तों की नसबंदी का एक और नया केंद्र नादरगंज इलाके में बन गया है। यह दो से तीन महीने में शुरू हो जाएगा। उसके बाद बिना नसबंदी वाले कुत्तों की संख्या लगभग शून्य हो जाएगी। ऐसे में कुत्तों की आबादी पर प्रभावी नियंत्रण हो सकेगा। सुप्रीम कोर्ट ने भी नगर निगम के एनिमल बर्थ कंट्रोल कार्य की सराहना कर चुका है।

नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा ने बताया कि जुर्माना जमा कराने के साथ ही मौके पर चार नए लाइसेंस भी जारी किए गए। एक लेबराडोर कुत्ते को जब्त किया गया था, जिसे जुर्माना भरने के बाद छोड़ दिया गया।

बिना लाइसेंस कुत्ता पालने पर वसूला जुर्माना

नगर निगम पालतू कुत्तों के लाइसेंस संबंधी नियमों को लेकर सख्ती बरती है। मंगलवार सुबह जोन-8 के आशियाना क्षेत्रों में एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान बिना लाइसेंस कुत्ता पालने वाले चार व्यक्तियों से 20,000 रुपये का जुर्माना वसूला गया।नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा ने बताया कि जुर्माना जमा कराने के साथ ही मौके पर चार नए लाइसेंस भी जारी किए गए। एक लेबराडोर कुत्ते को जब्त किया गया था, जिसे जुर्माना भरने के बाद छोड़ दिया गया।

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