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राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स Switch to English मिज़ोरम विधानसभा ने ‘रो मिन रेल साक आंग चे’ को आधिकारिक राज्य गीत के रूप में अपनाया चर्चा में क्यों? मिज़ोरम विधानसभा ने सर्वसम्मति से ‘रो मिन रेल साक आंग चे’ को मिज़ोरम का आधिका…

Drishti IAS के अनुसार2 सितंबर 2026 को 07:31 pm बजे
उत्तर प्रदेश स्टेट पी.सी.एस.

सौजन्य से:- Drishti IAS

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मिज़ोरम विधानसभा ने ‘रो मिन रेल साक आंग चे’ को आधिकारिक राज्य गीत के रूप में अपनाया

चर्चा में क्यों?

मिज़ोरम विधानसभा ने सर्वसम्मति से ‘रो मिन रेल साक आंग चे’ को मिज़ोरम का आधिकारिक राज्य गीत अपनाया है। यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री लालदुहोमा द्वारा पेश किया गया था।

मुख्य बिंदु:

- आधिकारिक राज्य गीत: मिज़ोरम विधानसभा ने सर्वसम्मति से ‘रो मिन रेल साक आंग चे’ को मिज़ोरम के आधिकारिक राज्य गीत के रूप में अपनाया।

- रचयिता: इस गीत की रचना प्रसिद्ध मिज़ो लेखक और संगीतकार रोकुंगा ने 1947 में की थी।

- अर्थ: ‘रो मिन रेल साक आंग चे’ का अर्थ है ‘हे प्रभु, हमारे मार्गदर्शक बनो’।

- धार्मिक विषय: यह गीत ईश्वर को सर्वोच्च शासक के रूप में प्रस्तुत करता है और भूमि तथा उसके लोगों के लिये दैवीय मार्गदर्शन, सुरक्षा एवं धार्मिक शासन की प्रार्थना करता है।

- मंत्रिमंडल का निर्णय: मिज़ोरम मंत्रिमंडल ने 10 अगस्त को निर्णय लिया कि राज्य का एक आधिकारिक राज्य गीत होना चाहिये और सर्वसम्मति से इस गीत का चयन किया।

- विद्रोह के दौर में मिज़ो नेशनल फ्रंट (MNF) ने इस गीत को मिज़ो गान घोषित किया था और आधिकारिक मान्यता न होने के बावजूद लंबे समय से इसे राज्य गान के रूप में माना जाता रहा है।

- 2022 का निर्देश: MNF के नेतृत्व वाली मिज़ोरम सरकार ने वर्ष 2022 में राज्य के सभी स्कूलों को कक्षाएँ शुरू होने से पहले यह गीत गाने का निर्देश दिया था।

- प्रोटोकॉल: आधिकारिक रूप से गीत गाए जाने के दौरान सभी से खड़े होने, दाहिना हाथ छाती के बाईं ओर रखने और प्रार्थनापूर्ण एवं श्रद्धापूर्ण भाव से गीत गाने की अपेक्षा की जाती है।

- दिशा-निर्देश: सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) राज्य गीत के उपयोग को नियंत्रित करने के लिये दिशा-निर्देश या एक आचार-संहिता जारी करेगा।

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जर्मनी ने लगातार FIH पुरुष हॉकी विश्व कप खिताब जीते

चर्चा में क्यों?

जर्मनी ने बेल्ज़ियम के वाव्रे स्थित बेल्फियस हॉकी एरिना में FIH पुरुष हॉकी विश्व कप 2026 के फाइनल में स्पेन को 1–0 से हराकर सफलतापूर्वक अपना खिताब बरकरार रखा और चौथी बार विश्व कप जीता।

मुख्य बिंदु:

- चैंपियन: जर्मनी ने स्पेन को 1–0 से हराकर 2026 FIH पुरुष हॉकी विश्व कप का खिताब जीता।

- ऐतिहासिक उपलब्धि: जर्मनी दो अलग-अलग मौकों पर लगातार दो विश्व कप खिताब जीतने वाली पहली पुरुष टीम बन गई।

- निर्णायक गोल: मिशेल स्ट्रुथॉफ ने फाइनल के 44वें मिनट में एकमात्र गोल किया।

- जर्मनी के खिताब: जर्मनी ने पुरुष हॉकी विश्व कप चार बार — 2002, 2006, 2023 और 2026 में जीता है।

- रिकॉर्ड की बराबरी: चार खिताबों के साथ जर्मनी ने सर्वाधिक पुरुष हॉकी विश्व कप जीतने के पाकिस्तान के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है।

- प्लेयर ऑफ द मैच: जर्मनी के क्रिस्टोफर रूर को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

- तीसरा स्थान: अर्जेंटीना ने नीदरलैंड्स को 2–1 से हराकर कांस्य पदक जीता।

- भारत का स्थान: वर्गीकरण मैच में बेल्ज़ियम से हारने के बाद भारत आठवें स्थान पर रहा।

- महत्त्व: जर्मनी की जीत अंतर्राष्ट्रीय पुरुष हॉकी में उसके लगातार प्रभाव और प्रभुत्व को दर्शाती है। इस जीत के साथ जर्मनी पुरुष हॉकी विश्व कप के इतिहास में चार खिताबों के साथ पाकिस्तान के साथ संयुक्त रूप से सबसे सफल टीम बन गया है।

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गुजरात ने भारत का पहला राज्य-स्तरीय स्पोर्ट्स जीनोमिक्स प्रोग्राम लॉन्च किया

चर्चा में क्यों?

गुजरात ने भारत का पहला राज्य-स्तरीय स्पोर्ट्स जीनोमिक्स कार्यक्रम शुरू किया है, जिसका उद्देश्य जीनोमिक्स, खेल विज्ञान, शरीर क्रिया विज्ञान और पोषण को एक साथ लाकर वैज्ञानिक तरीके से खिलाड़ियों की पहचान, प्रशिक्षण एवं उच्च-प्रदर्शन विकास को बढ़ावा देना है।

मुख्य बिंदु:

- भारत में प्रथम: गुजरात स्पोर्ट्स जीनोमिक्स कार्यक्रम शुरू करने वाला भारत का पहला राज्य बन गया है।

- क्रियान्वयन एजेंसी: यह कार्यक्रम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत गुजरात जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान केंद्र (GBRC) द्वारा संचालित किया जा रहा है।

- वैज्ञानिकों ने खिलाड़ियों के नमूने एकत्र करना शुरू कर दिया है। पहला बैच गुजरात राज्य टेनिस संघ के टेनिस खिलाड़ियों से एकत्र किया गया।

- अगले चरण में विजयी भारत फाउंडेशन से जुड़े तीरंदाज़ी, तलवारबाज़ी, जूडो और निशानेबाज़ी के खिलाड़ियों को शामिल किया जाएगा।

- वार्षिक लक्ष्य: गुजरात का लक्ष्य प्रत्येक वर्ष लगभग 2,000 खिलाड़ियों के नमूने एकत्र करना है।

- पाँच वर्षों में लगभग 10,000 खिलाड़ियों के नमूने एकत्र कर उनका विश्लेषण करने का प्रस्ताव है।

- स्पोर्ट्स जीनोमिक्स: इसमें अध्ययन किया जाता है कि आनुवंशिक विविधताएँ माँसपेशियों की संरचना, सहनशक्ति, चयापचय, व्यायाम के प्रति प्रतिक्रिया, रिकवरी और चोट लगने की संवेदनशीलता जैसे खेल संबंधी गुणों से किस प्रकार जुड़ी हो सकती हैं।

- कोई एकल खेल जीन नहीं: कार्यक्रम यह मानता है कि खेलों में सफलता आनुवंशिकी, प्रशिक्षण, कोचिंग, पोषण, बुनियादी ढाँचे, जीवनशैली और पर्यावरणीय कारकों के संयोजन पर निर्भर करती है।

- संपूर्ण-जीनोम अनुक्रमण: कार्यक्रम में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का संपूर्ण-जीनोम अनुक्रमण करने का प्रस्ताव है, ताकि सहनशक्ति, शक्ति और अन्य प्रदर्शन संबंधी गुणों से जुड़े आनुवंशिक मार्करों का अध्ययन तथा सत्यापन किया जा सके।

- गुजरात एथलीट जीनोम डेटाबेस: G-AGD के माध्यम से दीर्घकालिक अनुसंधान और खिलाड़ियों की प्रोफाइलिंग के लिये आनुवंशिक, शारीरिक और प्रदर्शन संबंधी डेटा को एकीकृत करने का प्रस्ताव है।

- आयु वर्ग: 14 वर्ष से कम, 14 से 18 वर्ष से कम तथा 18 वर्ष से अधिक आयु के खिलाड़ियों को शामिल करने का प्रस्ताव है।

- स्पोर्ट्स बायोटेक्नोलॉजी हब: इस कार्यक्रम का उद्देश्य गुजरात की स्थिति को स्पोर्ट्स बायोटेक्नोलॉजी इनोवेशन हब के रूप में मज़बूत करना है।

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लियोनेल मेसी ने इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास लिया

चर्चा में क्यों?

अर्जेंटीना के फुटबॉल दिग्गज लियोनेल मेसी ने 39 वर्ष की आयु में इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास लेने की घोषणा की है, जिससे अर्जेंटीना के साथ उनके शानदार 21 वर्षीय करियर का अंत हो गया है। उनका यह निर्णय 2026 फीफा विश्व कप के फाइनल में अर्जेंटीना की स्पेन से हार और उनके पिता जॉर्ज मेसी के निधन के बाद आया।

मुख्य बिंदु:

- संन्यास: मेसी ने 31 अगस्त, 2026 को घोषणा की कि वह अब अर्जेंटीना की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के लिये नहीं खेलेंगे।

- अंतर्राष्ट्रीय करियर: उन्होंने 21 वर्षों तक अर्जेंटीना का प्रतिनिधित्व किया और वर्ष 2005 में 18 वर्ष की आयु में अपना सीनियर अंतर्राष्ट्रीय पदार्पण किया।

- अंतर्राष्ट्रीय रिकॉर्ड: मेसी ने अर्जेंटीना के लिये 207 मैच खेले और 125 गोल किये, जिससे वह देश के सर्वाधिक गोल करने वाले और सबसे अधिक मैच खेलने वाले खिलाड़ी बन गए।

- अंतर्राष्ट्रीय करियर: उन्होंने 21 वर्षों तक अर्जेंटीना का प्रतिनिधित्व किया और वर्ष 2005 में 18 वर्ष की आयु में अपना सीनियर अंतर्राष्ट्रीय पदार्पण किया।

- प्रमुख खिताब: उन्होंने अर्जेंटीना को 2021 कोपा अमेरिका, 2022 फीफा विश्व कप और 2024 कोपा अमेरिका में जीत दिलाई।

- 2022 फीफा विश्व कप: मेसी ने कतर में अर्जेंटीना की कप्तानी करते हुए विश्व कप खिताब जिताया। उन्होंने फ्राँस के खिलाफ फाइनल में दो गोल किये और टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के रूप में गोल्डन बॉल जीती।

- 2026 विश्व कप: अर्जेंटीना एक बार फिर फाइनल में पहुँचा, लेकिन अतिरिक्त समय में स्पेन से 1–0 से हार गया।

- विश्व कप रिकॉर्ड: मेसी ने छह विश्व कप—2006, 2010, 2014, 2018, 2022 एवं 2026 में हिस्सा लिया और 34 मैचों में 21 गोल किये तथा 12 गोल में सहायता प्रदान की।

- आठ बार बैलन डी’ओर विजेता: मेसी रिकॉर्ड आठ बार बैलन डी’ओर जीतने वाले खिलाड़ी हैं।

- पहले भी लिया था संन्यास: मेसी ने इससे पहले वर्ष 2016 में चिली के खिलाफ कोपा अमेरिका सेंतेनारियो के फाइनल में अर्जेंटीना की हार के बाद अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने की घोषणा की थी, लेकिन बाद में उन्होंने राष्ट्रीय टीम में वापसी कर ली।

- क्लब फुटबॉल: मेसी मेजर लीग सॉकर (MLS) में इंटर मियामी के लिये क्लब फुटबॉल खेलना जारी रखे हुए हैं।

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हिमाचल प्रदेश ने देहरा में ओज़ोन-आधारित पेयजल की पहली परियोजना की घोषणा की

चर्चा में क्यों?

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कांगड़ा ज़िले के देहरा में राज्य की पहली ओज़ोन-आधारित पेयजल उपचार परियोजना की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य निवासियों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है।

मुख्य बिंदु:

- स्थान: देहरा क्षेत्र, कांगड़ा ज़िला, हिमाचल प्रदेश।

- परियोजना लागत: परियोजना के लिये ₹46 करोड़ आवंटित किये गए हैं और इसे राज्य के अन्य हिस्सों में भी लागू करने की योजना है।

- तकनीक: परियोजना में जल के कीटाणुशोधन और पेयजल के स्वाद में सुधार के लिये ओज़ोन गैस का उपयोग किया जाएगा।

- ओज़ोन-आधारित जल उपचार: ओज़ोन (O₃) एक शक्तिशाली ऑक्सीकरणकारी पदार्थ है, जिसका उपयोग जल के कीटाणुशोधन और उपचार के लिये किया जाता है।

- यह जल में मौजूद विभिन्न बैक्टीरिया, वायरस और अन्य सूक्ष्मजीवों को नष्ट करने या निष्क्रिय करने में मदद करता है।

- उद्देश्य: स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करना तथा दूषित जल से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों को कम करना।

- विस्तार: राज्य सरकार की योजना हिमाचल प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी इसी प्रकार की ओज़ोन-आधारित जल उपचार परियोजनाएँ स्थापित करने की है।

- जल की गुणवत्ता: ओज़ोन तकनीक उपचारित जल की गुणवत्ता, स्वाद और गंध में सुधार कर सकती है।

- तकनीकी उन्नति: यह हिमाचल प्रदेश में उन्नत जल उपचार तकनीक को अपनाने को दर्शाता है।

- विस्तार की क्षमता: अन्य क्षेत्रों में प्रस्तावित विस्तार से राज्य के पेयजल बुनियादी ढाँचे को मज़बूत किया जा सकता है।

- सतत सार्वजनिक सेवाएँ: बेहतर जल उपचार प्रणालियाँ अधिक प्रभावी और विश्वसनीय जन स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान दे सकती हैं।

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