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श्रमिकों के लिए यूपी के हर जिले में लगेंगे स्वास्थ्य मेले, शुरू होगी मोबाइल मेडिकल सेवा - up workers health fairs mobile medical services launched

श्रमिकों के लिए यूपी के हर जिले में लगेंगे स्वास्थ्य मेले, शुरू होगी मोबाइल मेडिकल सेवा श्रमायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बताया कि उत्तर प्रदेश में श्रमिकों के लिए जल्द मोबाइल मेडिकल सुविधा और हर जिले में ...और पढ़ें HighLigh…

Jagran के अनुसार2 सितंबर 2026 को 09:31 pm बजे
श्रमिकों के लिए यूपी के हर जिले में लगेंगे स्वास्थ्य मेले, शुरू होगी मोबाइल मेडिकल सेवा
 - up workers health fairs mobile medical services launched

सौजन्य से:- Jagran

श्रमिकों के लिए यूपी के हर जिले में लगेंगे स्वास्थ्य मेले, शुरू होगी मोबाइल मेडिकल सेवा

श्रमायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बताया कि उत्तर प्रदेश में श्रमिकों के लिए जल्द मोबाइल मेडिकल सुविधा और हर जिले में ...और पढ़ें

HighLights

- श्रमिकों के लिए मोबाइल मेडिकल सुविधा जल्द शुरू होगी।

- हर जिले में तीन दिवसीय स्वास्थ्य मेले आयोजित किए जाएंगे।

- गिग वर्कर्स को पेंशन सहित कई कल्याणकारी योजनाएं मिलेंगी।

जागरण संवाददाता, कानपुर। श्रमिकों के लिए मोबाइल मेडिकल की सुविधा जल्द शुरू होगी। प्रदेश के कामगारों की सेहत की जांच के लिए हर जिले में तीन दिन स्वास्थ्य मेले लगवाए जाएंगे। इसका फायदा उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड और सामाजिक सुरक्षा बोर्ड में पंजीकृत कामगारों को मिलेगा। हर जिले में डा. भीमराव आंबेडकर श्रमिक सुविधा केंद्र (श्रमिक अड्डे) खोले जा रहे हैं।

इनमें रियायती दर पर खाने की व्यवस्था के साथ कौशल विकास केंद्र (स्किल डवलमेंट सेंटर) की सुविधा मिलेगी। प्रदेश को जल्द बाल श्रम से मुक्त कराने का लक्ष्य है। श्रमिकों के लिए कई तरह की कल्याणकारी योजनाएं चल रही हैं। उनकी हर समस्या का समाधान प्राथमिकता में शामिल है। यह जानकारी श्रमायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बुधवार को दैनिक जागरण प्रश्न पहर में पाठकों के सवालों पर दी। उन्होंने कई लोगों की समस्याओं के तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए।

सवाल 1: मेरे रिश्तेदार कारखाने में काम करते हैं। लेबर कार्ड कैसे बनवा सकते हैं? - लियाकत अली, सहारनपुर

जवाब: नजदीक के सीएससी (CSC) पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पंजीकरण होने के बाद कार्ड बन जाएगा।

सवाल 2: न्यूनतम मजदूरी तय होने के बाद भी श्रमिकों को छह से आठ हजार रुपये प्रतिमाह दिया जा रहा है। श्रम विभाग के अफसरों से कई बार शिकायत पर भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। - सुरेश पाल सिंह, अलीगढ़

जवाब: अकुशल, अर्द्ध कुशल और कुशल श्रेणी में न्यूनतम मजदूरी निर्धारित है। हर हाल में तय मजदूरी दिलाई जाएगी और जांच के बाद कार्रवाई भी कराई जाएगी।

सवाल 3: श्रमिकों के लिए चल रही योजनाओं के आवेदन में दिक्कत आ रही है। इससे योजनाओं का लाभ ही नहीं मिल पा रहा है। - गिरिजा शंकर, मैनपुरी

जवाब: उत्तर प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के पोर्टल को अपडेट किया गया है, जिसके बाद पोर्टल सुचारू रूप से काम करने लगा था। अब क्या दिक्कत आ रही है, इसे दिखवाया जाएगा।

सवाल 4: निजी अस्पताल से सेवानिवृत्त होने के बाद ग्रेच्युटी नहीं दी गई। इस पर परिवाद दाखिल किया है, लेकिन अस्पताल की तरफ से कोई हाजिर ही नहीं हो रहा है। - राजीव कुमार शर्मा, मथुरा

जवाब: आपकी समस्या नोट करा दी गई है। पूरा प्रकरण दिखवाते हुए नियमानुसार कार्यवाही कराकर ग्रेच्युटी दिलाई जाएगी।

सवाल 5: मेरे समेत 28 लोग एक शो रूम में काम करते हैं। हमसे गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर भी काम लिया जाता है। - अनुज ओझा, बनारस

जवाब: राष्ट्रीय अवकाश के दिनों में काम नहीं लिया जा सकता। इस मामले की जांच करवाने के बाद कार्रवाई होगी।

सवाल 6: श्रम संहिता पूरी तरह प्रभावी नहीं हैं। फंड और बीमा की सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। शिकायत करने पर नौकरी जाने का डर रहता है। - दिलीप कुमार, महोबा

जवाब: आप हेल्पलाइन पर पूरे ब्योरे के साथ शिकायत दर्ज कराइए। आपका नाम गोपनीय रखते हुए मामले की जांच कराई जाएगी।

समस्या पर इन हेल्प लाइन नंबर पर काल करें

18001805160

0512-2295176

0512-2295174

योजनाओं के लाभ के लिए करें आवेदन

उत्तर प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड

upbocw.in

उत्तर प्रदेश सामाजिक सुरक्षा बोर्ड

upssb.upsdc.gov.in

श्रम कल्याण परिषद

skpuplabour.in

श्रमिकों का आर्थिक बोझ उठाने के लिए कई योजनाएं

कानपुर: श्रम विभाग श्रमिकों के लिए कई योजनाएं चला रहा है। इनमें कन्या विवाह सहायता, संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन, मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता और मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजनाएं शामिल हैं। योजनाओं का लाभ उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत श्रमिकों को ही मिलता है।

संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना

श्रमिकों के अधिकतम दो बच्चों को कक्षा एक से उच्चतर शिक्षा के लिए न्यूनतम दो हजार से एक लाख रुपये तक छात्रवृत्ति मिलती है। व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए शत-प्रतिशत शुल्क प्रतिपूर्ति मिलती है। दो संतानों को कक्षा नौ, 10,11 व 12 पास कर अगली कक्षा में प्रवेश लेने पर एक बार साइकिल खरीदने के लिए सब्सिडी मिलती है।

कन्या विवाह सहायता योजना

श्रमिकों की दो पुत्रियों अथवा स्वयं महिला श्रमिक के लिए विवाह के लिए 65 हजार रुपये की मदद मिलती है। अंतरजातीय विवाह करने पर 75 हजार रुपये दिया जाता है। सामूहिक विवाह में प्रति विवाह 85 हजार का अनुदान और प्रति जोड़ा 15 हजार विवाह आयोजन के लिए मिलता है।

मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता

श्रमिक की दुर्घटना में मृत्यु पर पांच लाख व सामान्य मृत्यु पर दो लाख रुपये मिलते हैं। सौ प्रतिशत स्थायी दिव्यांगता पर चार लाख, 50 प्रतिशत से अधिक व सौ प्रतिशत से कम होने पर दो लाख की आर्थिक मदद मिलती है।

मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद

महिला श्रमिक के संस्थागत प्रसव पर तीन माह के न्यूनतम वेतन के समान राशि और एक हजार का चिकित्सा बोनस मिलता है। पुरुष कामगार को छह हजार रुपये एकमुश्त दिया जाता है। अधिकतम दो नवजात शिशुओं के पोषण के लिए लड़के के जन्म पर एकमुश्त 20 हजार और लड़की के जन्म पर 25 हजार रुपये मिलता है। प्रथम संतान बालिका होने पर 25 हजार सावधि जमा 18 वर्ष के लिए किया जाता है।

कारखाना श्रमिक ले सकते बेटियों की शादी और घूमने के लिए पैसा

कानपुर: कारखाना श्रमिक अपनी बेटियों की शादी, बच्चों की पढ़ाई, किताबों और पर्यटन स्थल घूमने के लिए आर्थिक मदद ले सकते हैं। उत्तर प्रदेश श्रम कल्याण परिषद द्वारा कारखाना श्रमिकों और उनके पुत्र-पुत्रियों के लिए आठ योजनाएं चलाई जा रही हैं।

डा. एपीजे अब्दुल कलाम श्रमिक प्राविधिक शिक्षा सहायता योजना

श्रमिकों के पुत्र-पुत्रियों को प्राविधिक शिक्षा में प्रवेश पाने पर प्रतिवर्ष छात्रवृत्ति वितरित की जाती है। डिग्री पाठ्यक्रम के लिए 25 हजार, डिप्लोमा पाठ्यक्रम के लिए 15 हजार और सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम के लिए 10 हजार रुपये प्रति लाभार्थी मिलता है।

गणेश शंकर विद्यार्थी श्रमिक पुरस्कार राशि योजना

श्रमिकों के बच्चों के हाईस्कूल, इंटर, स्नातक, परास्नातक की परीक्षा में 60 प्रतिशत अंक या उससे अधिक लाने पर पांच हजार रुपये बतौर पुरस्कार दिया जाता है। 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक लाने वाले बच्चों को 7500 रुपये मिलता है।

ज्योतिबा फुले श्रमिक कल्याण योजना

श्रमिकों की बेटियों की शादी के लिए कन्यादान के रूप में 51 हजार रुपये की एकमुश्त धनराशि मिलती है।

दत्तोपंत ठेंगीड़ी मृतक श्रमिक आर्थिक सहायता योजना

श्रमिक की किसी भी कारण से मृत्यु होने पर उसकी पत्नी या आश्रित को एक लाख रुपये की धनराशि आर्थिक सहायता के रूप में दी जाती है।

राजा हरिश्चंद्र मृतक श्रमिक अंत्येष्टि सहायता योजना

श्रमिक की किसी भी कारण से मृत्यु होने की दशा में उसकी पत्नी या आश्रित को 10 हजार रुपये की एकमुश्त धनराशि दी जाती है।

चेतन चौहान श्रमिक क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना

श्रमिकों के पुत्रा या पुत्री का जिला, राज्य, राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर के खेलों में होने पर आर्थिक सहायता दी जाती है। जिला स्तर पर चयन होने पर 25 हजार, राज्य स्तर पर 50 हजार, राष्ट्रीय स्तर पर 75 हजार और अंतराष्ट्रीय स्तर के खेल में चयन पर एक लाख रुपये एकमुश्त दिया जाता है।

श्रवण कुमार श्रमिक परिवार धार्मिक पयर्टन यात्रा योजना

श्रमिक और उनके परिवार के सदस्यों को प्रदेश के ऐतिहासिक, धार्मिक, दर्शनीय और धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। यात्रा पर होने वाले व्यय के लिए 12 हजार एकमुश्त राशि दी जाती है।

महादेवी वर्मा श्रमिक पुस्तक क्रय आर्थिक सहायता योजना

महिला श्रमिक या श्रमिक की पुत्रियों को परास्नातक की शिक्षा ग्रहण करने पर पुस्तकें खरीदने के लिए एकमुश्त 7500 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है।

गिग एंड प्लेटफार्म वर्कर्स को पेंशन की सुविधा

होम डिलीवरी ब्वाय के लिए केंद्र सरकार कल्याणकारी योजनाएं बना रही है। इन्हें प्रदेश में भी लागू किया जाएगा। जल्द ही इन लोगों को दुर्घटना बीमा, मैटरनिटी सपोर्ट, शिक्षा के लिए कर्ज और अंतिम संस्कार पर खर्च होने वाली राशि की सुविधा दी जाएगी। गिग एंड प्लेटफार्म वर्कर्स में होम डिलीवरी कंपनियों ब्रिकिंट, जुमेटो, स्विगी से जुड़े लोगों, मेड, ठिलिया-खोंमचे वाले, ओला, उबर चालकों को असंगठित क्षेत्र के इन लोगों को सामाजिक सुरक्षा देते हुए अभी ई श्रम कार्ड की सुविधा दी जा रही है।

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प्रधानमंत्री असंगठित क्षेत्र बीमा योजना के तहत इन्हें पेंशन की सुविधा दी जा रही है। 18 से 40 वर्ष की उम्र के लोग ई श्रम कार्ड बनवाकर पेंशन के लिए आवेदन कर सकते हैं। 18 वर्ष की उम्र के आवेदक को दो सौ रुपये हर माह प्रीमियम जमा करना होगा। जितना आवेदक का पैसा जमा होगा, उतना ही सरकार जमा करेगी। इसके बाद वह 60 वर्ष की उम्र होने पर हर माह तीन हजार रुपये पेंशन के हकदार होंगे।

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