UP Panchayat Election 2026: यूपी में कब होंगे ग्राम पंचायत चुनाव? आज हाईकोर्ट में साफ होगी चुनाव की तारीख, जानिए OBC आरक्षण का फार्मूला
UP Panchayat Election 2026: यूपी में कब होंगे ग्राम पंचायत चुनाव? आज हाईकोर्ट में साफ होगी चुनाव की तारीख, जानिए OBC आरक्षण का फार्मूला यूपी पंचायत चुनाव 2026 यूपी पंचायत चुनाव 2026 की तारीखों और OBC आरक्षण पर आज इलाहाबा…

सौजन्य से:- Prabhat Khabar
UP Panchayat Election 2026: यूपी में कब होंगे ग्राम पंचायत चुनाव? आज हाईकोर्ट में साफ होगी चुनाव की तारीख, जानिए OBC आरक्षण का फार्मूला
यूपी पंचायत चुनाव 2026
यूपी पंचायत चुनाव 2026 की तारीखों और OBC आरक्षण पर आज इलाहाबाद हाईकोर्ट में अहम सुनवाई है. जानिए क्या हो सकता है फैसला?
UP Panchayat Election 2026: आज, 7 अक्टूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट में पंचायत चुनाव कराने में हो रही देरी और ग्राम पंचायतों में निवर्तमान प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई होनी है. मामले की सुनवाई दोपहर करीब 2 बजे प्रस्तावित है. ऐसे में प्रदेश के गांवों से लेकर चुनावी तैयारियों में जुटे संभावित प्रत्याशियों तक की नजर हाईकोर्ट की कार्यवाही पर टिकी है.
दशरथ यादव बनाम उत्तर प्रदेश सरकार मामले पर सुनवाई
यूपी ग्राम पंचायत चुनाव से जुड़ी प्रमुख याचिका पर 22 सितंबर की सुनवाई के बाद इस मामले को 7 अक्टूबर के लिए सूचीबद्ध किया गया था. पिछली सुनवाई में अदालत ने पंचायत चुनाव की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं करने को लेकर सख्त रुख अपनाया था.
क्या आज चुनाव की तारीख घोषित होगी?
आज की सुनवाई को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या हाईकोर्ट चुनाव की समयसीमा को लेकर कोई स्पष्ट निर्देश देगा. हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि अदालत आज मतदान की तारीख घोषित कर देगी. पंचायत चुनाव का अंतिम कार्यक्रम जारी करने का अधिकार राज्य निर्वाचन आयोग के पास है और उसकी आधिकारिक अधिसूचना के बाद ही मतदान की तारीख पक्की मानी जाएगी.
ग्राम पंचायतों में प्रशासक बनाए जाने का भी मामला
याचिकाओं में ग्राम पंचायतों का निर्वाचित कार्यकाल पूरा होने के बाद निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने की व्यवस्था को भी चुनौती दी गई है. इससे जुड़े मामलों में हाईकोर्ट पहले भी सरकार से चुनाव की प्रक्रिया और समयसीमा को लेकर जवाब मांग चुका है.
OBC आरक्षण पर भी रहेगी नजर
यूपी पंचायत चुनाव की प्रक्रिया में OBC आरक्षण भी अहम मुद्दा है. चुनाव की सीटों के आरक्षण और चुनाव कार्यक्रम से जुड़े सवालों पर आज की सुनवाई में अदालत का रुख महत्वपूर्ण हो सकता है. इसी वजह से संभावित प्रत्याशियों की नजर सिर्फ चुनाव की तारीख पर नहीं, बल्कि आरक्षण की स्थिति पर भी है.
2026 पंचायत चुनाव की तैयारी में जुटा निर्वाचन आयोग
राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर आगामी त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन 2026 के लिए तैयारियों से संबंधित निर्देश उपलब्ध हैं. आयोग ने अगस्त 2026 में पंचायत चुनाव से जुड़े एफआरएस सर्वर की सुरक्षा, मोबाइल डिवाइस मैनेजमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी ऑडिट के संबंध में ई-टेंडर से जुड़ा निर्देश भी जारी किया था.
आज की सुनवाई के बाद क्या होगा?
आज हाईकोर्ट की सुनवाई के बाद पंचायत चुनाव की प्रक्रिया को लेकर तस्वीर कुछ हद तक साफ होने की उम्मीद है. अदालत अगर चुनाव की समयसीमा या प्रक्रिया को लेकर कोई निर्देश देती है तो उसका असर आगे की चुनावी तैयारियों पर पड़ेगा. हालांकि, चुनाव की अंतिम तारीख तभी आधिकारिक मानी जाएगी, जब राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव कार्यक्रम की अधिसूचना जारी होगी.
चुनाव लड़ने वालों के लिए क्या समझना जरूरी?
यूपी ग्राम पंचायत चुनाव 2026 में प्रधान पद किस श्रेणी के लिए आरक्षित होगा, यह अभी अंतिम आरक्षण सूची जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा. संभावित उम्मीदवारों को यह समझना जरूरी है कि सीटों का आरक्षण अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और महिलाओं के लिए तय नियमों के अनुसार होगा.
आरक्षित सीटों का आवंटन तय प्रक्रिया और रोटेशन
आरक्षित सीटों का आवंटन तय प्रक्रिया और रोटेशन/चक्रानुक्रम के आधार पर किया जाता है. इसलिए किसी गांव में पिछली बार सीट किस वर्ग के लिए आरक्षित थी, यह 2026 में उसकी श्रेणी तय होने का अकेला आधार नहीं माना जा सकता. अभी उम्मीदवारों को अंतिम आरक्षण सूची का इंतजार करना होगा; उससे पहले किसी सीट को पक्का सामान्य, OBC, SC या महिला सीट मानना सही नहीं होगा.
आरक्षण तय करने का फार्मूला
यूपी में ग्राम पंचायतों के आरक्षण में SC, ST और OBC की आबादी के अनुपात को आधार बनाया जाता है. ग्राम पंचायत राज अधिनियम के अनुसार SC/ST के लिए आरक्षण उनकी संबंधित आबादी के अनुपात में और OBC के लिए अधिकतम 27% तक आरक्षण का प्रावधान है. महिलाओं के लिए कुल सीटों में कम से कम एक-तिहाई आरक्षण है.
2026 चुनाव के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात
OBC आरक्षण तय करने के लिए सरकार ने समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग की प्रक्रिया अपनाई है और आरक्षण का अंतिम खाका संबंधित आंकड़ों/रिपोर्ट के आधार पर तय होगा. इसलिए अभी किसी गांव की प्रधान सीट को केवल पिछली बार के आरक्षण के आधार पर पक्का मानना सही नहीं है.
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