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'लड़ाई फिर 80-20 पर आ गई...', राज्यसभा में दिखी जीत की झलक, CM योगी ने कर दी यूपी चुनाव पर बड़ी भविष्यवाणी

सीएम योगी ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि जो रिजल्ट राज्यसभा चुनाव का है, वही विधानसभा में भी रहने वाला है। उन्होंने कहा कि पीडीए का हाल बहुत जल्द जनता देख लेगी। लखनऊ: उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की 10 सीटों के लिए होने वाल…

Navbharat Times के अनुसार7 अक्टूबर 2026 को 10:04 am बजे
'लड़ाई फिर 80-20 पर आ गई...', राज्यसभा में दिखी जीत की झलक, CM योगी ने कर दी यूपी चुनाव पर बड़ी भविष्यवाणी

सौजन्य से:- Navbharat Times

सीएम योगी ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि जो रिजल्ट राज्यसभा चुनाव का है, वही विधानसभा में भी रहने वाला है। उन्होंने कहा कि पीडीए का हाल बहुत जल्द जनता देख लेगी।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की 10 सीटों के लिए होने वाले चुनाव की तस्वीर अब पूरी तरह से साफ हो गई है। बीजेपी ने 8 और सपा ने 2 उम्मीदवारों का नामांकन कराया है। सभी 10 उम्मीदवारों का निर्विरोध राज्यसभा जाना भी तय हो गया है। पहले कयास लगाए जा रहे थे कि समाजवादी पार्टी अपनी तरफ से तीसरा उम्मीदवार उतारेगी और 10वीं सीट पर कुछ चौंकाने वाला मुकाबला देखने को मिल सकता है। लेकिन, मंगलवार को साफ हो गया कि सपा तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारेगी। राज्यसभा चुनाव की इसी गहमागहमी के बीच सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपी चुनाव पर एक बड़ी भविष्यवाणी कर दी है।

लखनऊ में आयोजित 'सेवा ज्योति यात्रा-विकसित भारत संकल्प सभा' कार्यक्रम में अपने संबोधन में सीएम योगी ने कहा, 'उत्तर प्रदेश के राज्यसभा के चुनाव ने बता दिया है कि विधानसभा चुनाव का परिणाम क्या होने जा रहा है। ये लड़ाई 80-20 की फिर आ गई है। 80 फीसदी एनडीए में और 20 फीसदी पीडीए में... और पीडीए का क्या हाल होने वाला है, ये आपके सामने फिर से आने वाला है।' सीएम योगी ने अपने भाषण में राज्यसभा चुनाव की तर्ज पर ही विधानसभा चुनाव का परिणाम रहने की भविष्यवाणी की है।

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के 10 सदस्यों का चुनाव होना है। बीजेपी ने इस चुनाव में धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडे, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, सपा ने दो प्रत्याशी राज्यसभा चुनाव के मैदान में उतारे हैं, जिनमें रामगोपाल यादव और धनराज नथवानी का नाम शामिल है।

सपा के पीछे हटने की कहीं ये वजह तो नहीं?

सियासी जानकारों का मानना है कि अखिलेश यादव ने राज्यसभा चुनाव के लिए तीसरा उम्मीदवार इसलिए नहीं उतारा, क्योंकि इससे आने वाले विधानसभा चुनाव पर असर पड़ने का खतरा था। जो विधायक राज्यसभा चुनाव में वोटिंग करते, उन्हें चंद महीने बाद ही विधानसभा चुनाव में जनता के सामने वोट मांगने भी जाना है। ऐसे में पार्टी के दिग्गज चेहरों की सीट फंसने का खतरा था।

राज्यसभा की एक सीट के लिए कितने विधायक?

यूपी में राज्यसभा की एक सीट को जीतने के लिए 37 विधायकों के वोट मिलने जरूरी हैं। एनडीए के पास इस समय यूपी की विधानसभा में 289 सदस्य हैं, जिससे उसके लिए अपने 8 उम्मीदवारों को जीत दिलाना कोई मुश्किल काम नहीं है। वहीं, सपा के पास मौजूदा वक्त में कांग्रेस के मिलाकर 96 विधायक हैं, जिससे उनके लिए केवल 2 सीटों पर ही जीत तय मानी गई थी।

लेखक के बारे मेंधर्मेंद्र कुमारधर्मेंद्र कुमार, नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में सीनियर जर्नलिस्ट/असिस्टेंट एडिटर हैं। मार्च 2024 से धर्मेंद्र का पत्रकारिता का सफर टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के एनबीटी ऑनलाइन के साथ शुरू हुआ। इस समय धर्मेंद्र के पास, भारत की राजनीति का द्वार कहे जाने वाले उत्तर प्रदेश और देवभूमि उत्तराखंड के स्टेट एडिटर की जिम्मेदारी है। हालांकि, वह इससे पहले एनबीटी ऑनलाइन में क्राइम सेक्शन, गुड न्यूज और जंगल न्यूज जैसे सेक्शन भी संभाल चुके हैं। 14 साल के करियर में धर्मेंद्र ने पत्रकारिता की शुरुआत अमर उजाला डिजिटल से की। यहां उन्होंने जर्नलिज्म की बारीकियां सीखते हुए होम पेज संभाला और जॉब सेक्शन की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी ली।

यूपी में बीएसपी के कमबैक की खबरें हों, सपा के पीडीए समीकरण की या फिर बीजेपी की हिंदुत्ववादी राजनीति की, धर्मेंद्र ने गहराई से खबरों का विश्लेषण किया है। इनके अलावा धर्मेंद्र कुमार ने गुड न्यूज सेक्शन में कई यूनिक स्टोरी की हैं। इनमें आईआरएस अधिकारी और अपने करियर में 7 सरकारी नौकरी पाने वाले संदीप राणा की इंटरव्यू स्टोरी भी शामिल है। क्राइम सेक्शन कवर करते हुए उन्होंने अपराध से जुड़े वीडियो भी किए, जिनमें अलग-अलग पहलुओं के साथ घटना को बयां किया गया।

पत्रकारिता अनुभव

धर्मेंद्र ने 2011 से अमर उजाला डिजिटल के साथ पत्रकारिता का करियर शुरू किया। यहां 5 साल 7 महीने की लंबी पारी के बाद वह वनइंडिया-डेलीहंट के साथ जुड़े। वन इंडिया में भी करीब साढ़े सात साल का लंबा सफर तय करने के बाद वह एनबीटी ऑनलाइन के साथ जुड़े और फिलहाल यूपी-उत्तराखंड स्टेट एडिटर के पद पर हैं।

धर्मेंद्र ने दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से हिंदी पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स किया है। कोर्स के दौरान उन्होंने दो रिसर्च प्रोजेक्ट 'नक्सलवाद पर हिंदी अखबारों का नजरिया' और 'शहीद-ए-आजम भगत सिंह- एक विचार'प्रस्तुत किए।... और पढ़ें

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