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यूपी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा को बड़ा झटका, पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने छोड़ी पार्टी

यूपी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा को बड़ा झटका, पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने छोड़ी पार्टी यूपी में भाजपा को बड़ा झटका लगा है। रुहेलखंड के कद्दावर नेता और दो बार के सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया है।…

Hindustan के अनुसार7 अक्टूबर 2026 को 10:04 am बजे
यूपी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा को बड़ा झटका, पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने छोड़ी पार्टी

सौजन्य से:- Hindustan

यूपी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा को बड़ा झटका, पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने छोड़ी पार्टी

यूपी में भाजपा को बड़ा झटका लगा है। रुहेलखंड के कद्दावर नेता और दो बार के सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया है। उनके अगले कदम पर अब नजरें टिकी हैं।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले रुहेलखंड क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को बड़ा झटका लगा है। आंवला लोकसभा सीट से दो बार सांसद रहे वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र कश्यप ने भाजपा छोड़ने का ऐलान कर दिया है। उनके इस फैसले से प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में अचानक हलचल तेज हो गई है। भाजपा छोड़ने के बाद वह कहां जा रहे हैं, इसका तो ऐलान नहीं किया है लेकिन माना जा रहा है कि वह समाजवादी पार्टी के संपर्क में हैं। सपा में जाने की बात से उन्होंने इनकार भी नहीं किया है। कहा कि समर्थकों से बातचीत के बाद आगे की राह तय की जाएगी।

धर्मेंद्र कश्यप 2014 और 2019 में लगातार दो बार आंवला से सांसद चुने गए थे। पिछले चुनाव में भी भाजपा ने उन्हें ही टिकट दिया था। हालांकि तब वह सपा के नीरज मौर्य से मामूली अंतर से हार गए थे। उनकी बेटी कीर्ति कश्यप भी 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी भी कर रही हैं माना जा रहा है कि धर्मेंद्र कश्यप सपा में जाते हैं तो कीर्ति भी समाजवादी पार्टी से प्रत्याशी हो सकती हैं।

सोशल मीडिया पर पोस्ट के बाद किया इस्तीफे का ऐलान

धर्मेंद्र कश्यप के भाजपा से इस्तीफे की पटकथा मंगलवार शाम को ही लिखी जाने लगी थी। धर्मेंद्र कश्यप ने अपने फेसबुक अकाउंट पर 'टाटा-बाय बाय' लिखकर रहस्य पैदा किया था। इसके बाद बुधवार सुबह उन्होंने मीडिया के सामने आकर आधिकारिक तौर पर भाजपा छोड़ने की घोषणा कर दी।

इस वजह से हैं ज्यादा नाराज

पत्रकारों से बातचीत में पूर्व सांसद ने भाजपा और भाजपा नेताओं को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान जिन लोगों ने खुलकर मेरे खिलाफ काम किया और मुझे हराने के लिए भितरघात किया, उन्हें पार्टी ने अगली पंक्ति में बैठाने का काम किया है।

उन्होंने कहा कि 2024 में मेरी खुलकर खिलाफत करने वालों को पार्टी में तरजीह मिलने और बड़े पद दिए जाने से मैं बेहद आहत हूं। यदि ऐसे अनुशासनहीन लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो मेरे जैसे निष्ठावान कार्यकर्ता का 'टाटा-बाय बाय' कहना स्वाभाविक ही है।

संगठन पर साधा निशाना, अगले कदम पर सस्पेंस

धर्मेंद्र कश्यप ने बिना किसी का नाम लिए भाजपा संगठन की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि समर्पित नेताओं के बजाय भितरघातियों को पार्टी में अब शह दी जा रही है। जब उनसे भावी रणनीति के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने फिलहाल पत्ते नहीं खोले। हालांकि सपा में जाने की बात से इनकार भी नहीं किया। सपा के नाम पर कहा कि आगे देखिए क्या होता है। कहा कि जल्द अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे। समर्थकों की जो राय और सुझाव होंगे, उसी आधार पर अगला राजनीतिक कदम उठाएंगे।

रुहेलखंड की राजनीति में कश्यप का कद

रुहेलखंड की राजनीति में धर्मेंद्र कश्यप का कद कितना बड़ा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले तीन लोकसभा चुनावों से भाजपा उन्हें ही टिकट देती रही है।वर्ष 2014 और 2019 में भाजपा के टिकट पर आंवला सीट से जीतकर संसद पहुंचे थे। 2024 में कड़े मुकाबले में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। रुहेलखंड और कश्यप-निषाद बहुल क्षेत्रों में उनका मजबूत जनाधार माना जाता है। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उनका भाजपा से जाना पार्टी के लिए एक बड़ा नुकसान साबित हो सकता है।

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