UP Floods: यूपी में बाढ़! वाराणसी में गंगा चेतावनी बिंदु के पास, प्रयागराज में हनुमान मंदिर पहुंची
UP Floods: यूपी में बाढ़! वाराणसी में गंगा चेतावनी बिंदु के पास, प्रयागराज में हनुमान मंदिर पहुंची वाराणसी में बाढ़ के कारण मणिकर्णिका घाट पर जगह न बचने से अब शवदाह छत पर किया जा रहा है। इसके पास की गलियों में पानी होने…

सौजन्य से:- Hindustan
UP Floods: यूपी में बाढ़! वाराणसी में गंगा चेतावनी बिंदु के पास, प्रयागराज में हनुमान मंदिर पहुंची
वाराणसी में बाढ़ के कारण मणिकर्णिका घाट पर जगह न बचने से अब शवदाह छत पर किया जा रहा है। इसके पास की गलियों में पानी होने से नाव के जरिए शवों को वहां तक पहुंचाना पड़ रहा है।
यूपी में गंगा में रुक-रुक कर शनिवार को भी बढ़ाव जारी रहा। इस कारण वाराणसी और प्रयागराज में बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं। वाराणसी में बढ़ाव की गति रात 8 बजे बहुत धीमी (0.5 सेंमी/घंटा) थी। उस समय जलस्तर चेतावनी बिंदु (70.262 मीटर) से 1.062 मीटर और खतरे के निशान (71.262 मीटर) से दो मीटर नीचे था।
केन्द्रीय जल आयोग के अनुसार प्रयागराज एवं मिर्जापुर में गंगा के रुख पर ही बनारस में गंगा के जलस्तर में बढ़ाव या घटाव निर्भर है, फिलहाल बढ़ाव का ट्रेंड है। इसके पहले दोपहर दो बजे से शाम छह बजे तक जलस्तर स्थिर रहने से एक उम्मीद जगी थी कि बाढ़ का खतरा टल सकता है लेकिन छह बजे से जलस्तर में वृद्धि होने से वह खतरा गंगा के साथ वरुणा के तटवर्ती बाशिंदों, इलाकों में फिर हावी होने लगा था।
जलस्तर में धीमी गति से ही सही, लगातार वृद्धि होने से ऊंचाई वाले प्रमुख घाटों की भी सीढ़ियां एक-एक कर जलमग्न होने लगी हैं। गंगा के तटवर्ती ग्रामीण इलाकों के खेतों में बाढ़ के पानी का दायरा बढ़ने से किसान भी तनाव में हैं। अस्सी घाट पर सुबह ए-बनारस का मंच जलमग्न हो गया है। मंच के भीतर बने प्लेटफार्म तक जाने के लिए नाव का सहारा लिया जा रहा है। पुराने अस्सी घाट से पानी सड़क मार्ग की ओर से चढ़ता जा रहा है। गंगा में बढ़ाव को देखते हुए नमो घाट पर आम लोगों के आवागमन पर कभी भी रोक लगाई जा सकती है।
दशाश्वमेध घाट की दैनिक सांध्य गंगा आरती छत पर हो रही रही है। लोग गली में खड़े होकर आरती देख रहे हैं। घाटों पर बाढ़ देखने और सेल्फी लेने वालों की भीड़ को देखते हुए पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है। गंगा के पलट प्रवाह से उफनाई वरुणा का पानी हर दिन नए घरों की दहलीज तक पहुंचता जा रहा है। शनिवार को बाढ़ग्रस्त इलाके क लगभग 16 परिवारों के 61 सदस्य राहत शिविर में पहुंच गए।
जल पुलिस चौकी में भी घुस गया बाढ़ का पानी
दशाश्वमेध घाट पर जल पुलिस चौकी में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। पुलिस ने पास के मानमंदिर घाट पर अस्थायी चौकी स्थापित कर दी है।
सब्जियों पर खतरा
रोहनिया क्षेत्र के बेटावर में नाला के रास्ते बाढ़ का पानी गांव के निचले हिस्से और करसड़ा कूड़ा प्लांट के पूर्वी छोर पर आने लगा है। अभी कोई नुकसान तो नहीं है लेकिन एक-दो फीट पानी चढ़ा तो धान की फसल व सब्जियां प्रभावित हो जाएंगी।
वरुणा किनारे के सैकड़ों घरों में पानी
वरुणा के तटवर्ती सैकड़ों मकानों में बाढ़ का पानी घुस गया है। ज्यादातर लोग सामान पहली मंजिल पर रख कर निगरानी कर रहे हैं। कुछ लोगों अपने सामान ऊंचे स्थानों पर रहने वाले रिश्तेदारों के घरों में रख दिए हैं। सलारपुर की चमेलिया बस्ती, डिपो कॉलोनी एवं सलारपुर नाला के पास भी बाढ़ का पानी घरों में घुस गया है।
मणिकर्णिका पर शवदाह के लिए लंबा इंतजार
मणिकर्णिका स्थित महाश्मशान पर शवों के अंतिम संस्कार गत गुरुवार से छतों पर हो रहे हैं। छत पर एक बार में अधिकतम आठ चिताएं ही जल पाने की स्थिति में शवयात्रियों को अपने परिजनों के अंतिम संस्कार के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। बाढ़ का पानी मणिकर्णिका घाट जाने वाली गली में बढ़ चला है। यहां विक्रेताओं ने लकड़ियों के दाम बढ़ा दिए हैं। वहीं, हरिश्चंद्र घाट पर अंतिम संस्कार अब गलियों में और सड़क हो रहे हैं।
प्रयागराज में पवनसुत की चौखट पर पहुंचीं गंगा, उमड़ी भीड़
प्रयागराज में बड़े हनुमान जी की चौखट पर गंगा के पहुंचने का अद्भुत नजारा देखने के लिए संगम के बांध पर शनिवार सुबह से शाम तक भीड़ लगी रही। बड़े हनुमान मंदिर में गंगा के पहुंचने का गुरुवार से इंतजार हो रहा है। गंगा दारागंज स्थित नागवासुकि मंदिर की सीढ़ियों तक पहुंच गईं। जैसे-जैसे गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे लोगों की उत्सुकता और आस्था भी बढ़ती जा रही है। श्रद्धालु दूर-दूर से पहुंचकर गंगा के बड़े हनुमान मंदिर में जाने के दृश्य को अपने कैमरों में कैद करते रहे। मंदिर और बांध के आसपास सुरक्षा व्यवस्था के साथ श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन भी सतर्क रहा।
हालांकि शाम तक इंतजार के बाद भक्तों को निराश होकर लौटना पड़ा। गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ता रहा, लेकिन रफ्तार धीमी रही। सिंचाई विभाग बाढ़ प्रखंड कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार तक गंगा-यमुना में तेजी से वृद्धि हो रही थी। टोंस का जलस्तर बढ़ने से छतनाग के आगे गंगा का प्रवाह प्रभावित हो रहा था। शनिवार सुबह टोंस का जलस्तर घटने लगा तो गंगा-यमुना की वृद्धि धीमी हो गई। रात आठ बजे नैनी में यमुना का जलस्तर स्थिर हो गया। छतनाग में गंगा में चार घंटे में एक और फाफामऊ में सिर्फ दो सेमी वृद्धि हुई।
शाम चार बजे तक गंगा और यमुना का जलस्तर
गंगा फाफामऊ 81.21 मीटर
गंगा छतनाग 80.43 मीटर
यमुना नैनी 80.84 मीटर
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