UGC और आरक्षण के खिलाफ लखनऊ में सवर्ण मोर्चा का प्रदर्शन, 300 से ज्यादा लोग जुटे; नेताओं की निकाली प्रतीकात्मक शवयात्रा
प्रदर्शनकारियों ने हाथों में ‘संवैधानिक अछूत’ लिखी तख्तियां लेकर अपनी नाराजगी जताई। प्रदर्शन के दौरान सवर्ण समाज से जुड़े सांसदों और विधायकों पर मुद्दे पर चुप रहने का आरोप लगाते हुए उनकी प्रतीकात्मक शवयात्रा भी निकाली गई…

सौजन्य से:- Navbharat Times
प्रदर्शनकारियों ने हाथों में ‘संवैधानिक अछूत’ लिखी तख्तियां लेकर अपनी नाराजगी जताई। प्रदर्शन के दौरान सवर्ण समाज से जुड़े सांसदों और विधायकों पर मुद्दे पर चुप रहने का आरोप लगाते हुए उनकी प्रतीकात्मक शवयात्रा भी निकाली गई।
प्रदर्शनकारी 1090 चौराहे से बैकुंठ धाम श्मशान घाट की ओर बढ़े। इस दौरान पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए।
1090 चौराहे पर जुटे 300 से ज्यादा प्रदर्शनकारी
रविवार को सवर्ण मोर्चा से जुड़े लोग 1090 चौराहे पर एकत्र हुए। प्रदर्शन में ब्राह्मण, क्षत्रिय और अन्य वर्गों से जुड़े लोगों के शामिल होने का दावा किया गया। प्रदर्शनकारियों ने UGC के नए नियमों और आरक्षण व्यवस्था को लेकर विरोध जताया। उनके हाथों में अलग-अलग संदेश लिखी तख्तियां थीं और वे ‘UGC रोलबैक’ के नारे लगा रहे थे।करीब आधे घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद आंदोलनकारियों ने जनप्रतिनिधियों की प्रतीकात्मक शवयात्रा शुरू कर दी।
‘मुर्दा है भई मुर्दा है’ के नारे
प्रदर्शनकारियों ने सवर्ण समाज के सांसदों और विधायकों पर आंदोलन के मुद्दे पर चुप रहने का आरोप लगाया। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने जनप्रतिनिधियों की सांकेतिक शवयात्रा निकाली। प्रदर्शनकारी ‘मुर्दा है भई मुर्दा है, नेता हमारा मुर्दा है’ जैसे नारे लगाते हुए 1090 चौराहे से बैकुंठ धाम श्मशान घाट की ओर रवाना हुए।हजरतगंज और आसपास के रास्तों पर लगा जाम
प्रदर्शन और शवयात्रा के चलते लखनऊ के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ। वीमेन पावर लाइन चौराहे से बैकुंठ धाम, हजरतगंज, लोहिया पथ और वीआईपी गेस्ट हाउस की ओर जाने वाले रास्तों पर जाम की स्थिति बन गई। बताया गया कि जाम में एंबुलेंस समेत कई सरकारी और निजी वाहन भी फंस गए। प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ने के बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी।5 थानों की फोर्स ने संभाला मोर्चा
प्रदर्शन को देखते हुए 1090 चौराहे से बैकुंठ धाम मार्ग तक करीब पांच थानों की पुलिस फोर्स तैनात की गई। पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों के मार्च के साथ चलते रहे और स्थिति पर नजर बनाए रखी।बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को एक-एक कर हिरासत में लेना शुरू किया। हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को पुलिस वाहनों से इको गार्डन भेजा गया।
‘UGC नियम वापस होने तक जारी रहेगा आंदोलन’
सवर्ण मोर्चा के अध्यक्ष संदीप सिंह के नेतृत्व में जुटे प्रदर्शनकारियों ने UGC के नए नियमों को लेकर सरकार पर निशाना साधा।प्रदर्शन में शामिल राहुल सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि नई व्यवस्था से सामान्य वर्ग के युवाओं के भविष्य पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर नीतिगत स्तर पर बदलाव नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने अपने विरोध को समाज के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताया।
डिप्टी CM ब्रजेश पाठक की वार्ता पर भी उठाए सवाल
प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और आंदोलन से जुड़े कुछ छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता पर भी सवाल उठाए।उनका कहना था कि आंदोलन राजस्थान से शुरू होकर दिल्ली के जंतर-मंतर तक पहुंचा है और इसे लखनऊ में बातचीत के जरिए खत्म या नियंत्रित करने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी।
प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे समाज से जुड़े मुद्दों को लेकर है। उन्होंने नीतिगत बदलाव होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही।
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