वाराणसी जिला प्रशासन ने कहा - 'पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है चीनी', लेकिन बाजार में कीमतों को लेकर अभी भी ऊहापोह - the varanasi district administration stated that sugar is available in sufficient quantities but there is still confusion regarding prices
वाराणसी जिला प्रशासन ने कहा - 'पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है चीनी', लेकिन बाजार में कीमतों को लेकर अभी भी ऊहापोह वाराणसी जिला प्रशासन ने चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच पर्याप्त स्टॉक का आश्वासन दिया है। प्रशासन ने जमाखोरी प…

सौजन्य से:- Jagran
वाराणसी जिला प्रशासन ने कहा - 'पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है चीनी', लेकिन बाजार में कीमतों को लेकर अभी भी ऊहापोह
वाराणसी जिला प्रशासन ने चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच पर्याप्त स्टॉक का आश्वासन दिया है। प्रशासन ने जमाखोरी पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है, लेकिन बाजार में अभी भी अनिश्चितता है।
HighLights
- वाराणसी प्रशासन ने चीनी के पर्याप्त स्टॉक का आश्वासन दिया।
- जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी।
- बाजार में चीनी की कीमतों को लेकर अभी भी ऊहापोह।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। चीनी की कीमतों में लगी सावन की आग को बुझाने के लिए प्रशासनिक पहल काशी में सामने आई है। आश्वासन का पत्र जारी कर जिला प्रशासन ने चीनी की पर्याप्त उपलब्धता की बात कहते हुए लोगों को आश्वासन दिया है। लेकिन बाजार में चीनी की चढ़ती कीमतें नियंत्रण में नहीं आ पा रही हैं। जबकि ग्राहकों की जेब के लिहाज से चीनी कसैली हो चुकी है।
अपर जिलाधिकारी अमित कुमार भारतीय के हवाले से जारी पत्र में कहा गया है कि - जनपद के सम्मानित नागरिकों को सूचित किया जाता है कि प्रदेश में वर्तमान समय में चीनी का पर्याप्त स्टाक उपलब्ध है। बाजार में चीनी की कमी नहीं है। खाद्य तथा रसद विभाग के अधिकारियों / कर्मचारियों द्वारा नियमित रूप से बाजार में चीनी की उपलब्धता का निरीक्षण किया जा रहा है तथा उसके मूल्य का नियमन कराया जा रहा है। जन सामान्य अपनी आवश्यकता के अनुरूप चीनी खुले बाजार से प्राप्त कर सकते है।
जनपद के सभी थोक व्यापारियों एवं फुटकर व्यापारियों से अपेक्षा की जाती है कि भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के पोर्टल पर स्वयं के पास उपलब्ध चीनी के स्टॉक की स्थिति का नियमित रूप घोषणा करते रहें। यदि कोई व्यक्ति/व्यापारी चीनी के जमाखोरी / कालाबाजारी में संलिप्त पाया जाता है तो उसके विरूद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्राविधानों के अनुसार कठोरतम कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। इसके अतिरिक्त बाजार में चीनी की कृत्रिम कमी बनाने वालो और भ्रम फैलाने वालों के विरूद्ध भी कठोर कार्यवाही की जायेगी।
हालांकि शहर में कही भी कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है लेकिन थोक कीमतों में इजाफा होने के बाद से ही चर्चा त्योहारी सीजन में मिठास में कमी आने की बनी हुई है। जबकि प्रशासनिक पहल अब शुरू होने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि बाजार में चीनी की कीमतों में नियंत्रण का दौर आ सकता है। हालांकि प्रशासन की ओर से कार्रवाई या चीनी की फुटकर दरों को लेकर किसी प्रकार की घोषणा ना किए जाने से ग्राहकों में ऊहापोह की स्थिति है।
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