पान मसाला बनाने वाली कंपनियों पर छापा; कानपुर-लखनऊ में 15.70 करोड़ का माल जब्त
पान मसाला बनाने वाली कंपनियों पर छापा; कानपुर-लखनऊ में 15.70 करोड़ का माल जब्त पर एक ही परिसर में पान मसाला और तंबाकू का निर्माण गंभीर अनियमितता के रूप में सामने आया है. By ETV Bharat Uttar Pradesh Team Published : Augus…

सौजन्य से:- ETV Bharat
पान मसाला बनाने वाली कंपनियों पर छापा; कानपुर-लखनऊ में 15.70 करोड़ का माल जब्त
पर एक ही परिसर में पान मसाला और तंबाकू का निर्माण गंभीर अनियमितता के रूप में सामने आया है.
By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : August 23, 2026 at 7:03 AM IST
लखनऊ: पान मसाला बनाने के नाम पर नियमों की अनदेखी करने वालों पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. कानपुर और लखनऊ में चले विशेष अभियान के दौरान 55 पान मसाला बनाने वाली कंपनियों में जांच की गई. टीमों ने करीब 339.69 क्विंटल संदिग्ध खाद्य सामग्री और अपमिश्रक जब्त किए हैं. इनकी कीमत करीब 15.70 करोड़ रुपए है.
जांच टीमें ने जांच के लिए 92 नमूने भी लिए है. वहीं, खराब और जल्दी खराब होने वाली 36.15 क्विंटल सामग्री, जिसकी कीमत करीब 10.18 लाख रुपए थी, मौके पर ही नष्ट करा दी गई.
कार्रवाई के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि कुछ इकाइयों में एक ही परिसर में पान मसाला और तंबाकू दोनों का निर्माण किया जा रहा था. ऐसी इकाइयों के खिलाफ लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई की गई है.
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की अपर आयुक्त (प्रशासन) रेखा एस चौहान ने बताया कि पान मसाला निर्माण इकाइयों में खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए कानपुर और लखनऊ में विशेष अभियान चलाया गया.
जांच के दौरान जहां भी खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, स्वच्छता, कच्चे माल के रिकॉर्ड, पैकेजिंग पर जरूरी जानकारी और प्रतिबंधित अपमिश्रकों से जुड़ी कमियां मिलीं, वहां नियमानुसार कार्रवाई की गई.
उन्होंने बताया कि खास तौर पर एक ही परिसर में पान मसाला और तंबाकू का निर्माण गंभीर अनियमितता के रूप में सामने आया है. ऐसी इकाइयों के लाइसेंस निलंबित कर निर्माण बंद कराया जा रहा है.
अभियान के दौरान बड़ी मात्रा में संदिग्ध खाद्य सामग्री और अपमिश्रक जब्त किए गए हैं. लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. खाद्य कारोबारियों को नियमों का पालन करना होगा और उपभोक्ताओं की सेहत से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा.
52 टीमों ने एक साथ शुरू किया अभियान: आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. रोशन जैकब के निर्देशन में इस विशेष अभियान के लिए 52 खाद्य सचल दल लगाए गए थे. कानपुर और लखनऊ में टीमों ने पान मसाला निर्माण से जुड़ी 55 इकाइयों का निरीक्षण किया.
इनमें 19 इकाइयां चलती हुई मिलीं, जबकि 36 इकाइयां अलग-अलग कारणों से बंद मिलीं. बंद इकाइयों की भी जांच की गई. जहां पान मसाला बनाने के लाइसेंस की आड़ में कोई दूसरा कारोबार किए जाने की बात सामने आई, वहां कारण बताओ नोटिस जारी कर लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई के निर्देश दिए गए.
कानपुर में एसएनके यूनिट पर सबसे बड़ी कार्रवाई: कानपुर में अभियान की कमान खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की अपर आयुक्त (प्रशासन) रेखा एस चौहान ने संभाली. प्रदेश स्तर के अधिकारियों की 41 टीमों ने कानपुर की 41 पान मसाला निर्माण इकाइयों का निरीक्षण किया.
इनमें 12 इकाइयां चलती हुई मिलीं, जबकि 29 बंद थीं. जांच के दौरान कई इकाइयों में साफ-सफाई, कच्चे माल के रिकॉर्ड और पैकेट पर जरूरी चेतावनी जैसी कई कमियां सामने आईं.
सबसे बड़ी कार्रवाई ग्रीनवर्थ इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड (एसएनके) में हुई. अपर आयुक्त ने खुद यूनिट के अंदर जाकर निरीक्षण किया. अधिकारियों के मुताबिक, यहां गंभीर अनियमितताएं मिलने के बाद 10 नमूने लिए गए और करीब 13.5 करोड़ रुपए की खाद्य सामग्री सीज कर दी गई.
साथ ही इकाई का लाइसेंस निलंबित कर खाद्य कारोबार बंद करा दिया गया. यानी अकेले एसएनके यूनिट से हुई जब्ती ने पूरे अभियान की कार्रवाई का बड़ा हिस्सा अपने नाम कर लिया.
एक ही जगह तंबाकू और पान मसाला बनता मिला: राधा रानी फ्रेगरेंस में जांच के दौरान एक ही परिसर में पान मसाला और तंबाकू का निर्माण होता मिला. विभाग ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए इकाई का लाइसेंस निलंबित कर परिसर को सील कर दिया है.
यहां से करीब 72 हजार रुपए की सुपारी भी जब्त की गई. इसी तरह अन्य इकाइयों पर भी कार्रवाई हुई. एए फ्लावर्स इंटरनेशनल से 10 नमूने लेकर करीब 15.16 लाख रुपए की सामग्री जब्त की गई.
श्री कृष्णा फ्रेगरेंस से करीब 9 लाख, ओम एंड कंपनी से 19.5 लाख और त्रिमूर्ति फ्रेशनर एंड फ्लेवर्स से करीब 45 लाख रुपए की खाद्य सामग्री जब्त की गई है. पूरे अभियान में कानपुर की सक्रिय इकाइयों से 59 नमूने लिए गए हैं. अधिकारियों के मुताबिक, 7 इकाइयों से कुल 15 करोड़ रुपए से अधिक की खाद्य सामग्री और अपमिश्रक जब्त किए गए.
लखनऊ में भी कई बड़े ब्रांड जांच के घेरे में: कानपुर के साथ लखनऊ में भी पान मसाला निर्माण इकाइयों पर कार्रवाई हुई. राज किशोर संस 1972 प्राइवेट लिमिटेड (आरके ब्रांड) से पांच नमूने लिए गए और 76 किलो सामग्री जब्त की गई.
यहां 72 किलो तंबाकू का निर्माण होता भी मिला, जिसे प्रतिबंधित किया गया. एक ही परिसर में पान मसाला, सुपारी और तंबाकू का निर्माण मिलने पर लाइसेंस निलंबन की संस्तुति की गई.
शिमला द बालाजी स्पेशल फ्लेवर्स प्राइवेट लिमिटेड (कायम ब्रांड) से सात नमूने लिए गए और करीब 38.54 लाख रुपए कीमत की 3404 किलो सामग्री जब्त की गई.
केवीएन एफएमसीजी प्राइवेट लिमिटेड, जहां कमला पसंद और राजश्री ब्रांड से जुड़े उत्पादों का कारोबार बताया गया, वहां से 4 नमूने लिए गए और करीब 18.44 लाख रुपए कीमत का 2459.4 किलो कत्था पाउडर जब्त किया गया.
सत्य नारायण केशो राम प्राइवेट लिमिटेड (कलश ब्रांड) से 10 नमूने लिए गए. यहां सिंथेटिक परफ्यूमरी कंपाउंड, तंबाकू और सैकरीन भी मिली. पान मसाला और तंबाकू का निर्माण एक ही परिसर में मिलने पर लाइसेंस निलंबन की संस्तुति की गई.
गोमती इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड से 9 नमूने लेकर करीब 59.38 लाख रुपए कीमत की 12,307.4 किलो खाद्य सामग्री जब्त की गई. शिमला गोमती पान प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से भी 245 किलो पान मसाला जब्त किया गया, जिसकी कीमत करीब 6.89 लाख रुपए बताई गई है.
औद्योगिक चूना से लेकर प्रतिबंधित रंग तक मिला: जांच के दौरान कुछ इकाइयों में ऐसे अपमिश्रक और रसायन भी मिले, जिनके इस्तेमाल को लेकर विभाग ने गंभीरता दिखाई. इनमें औद्योगिक चूना, मैग्नीशियम कार्बोनेट, गैम्बियर, लिक्विड पैराफिन और प्रतिबंधित रंग से रंगी सुपारी जैसी सामग्री शामिल है.
विभाग ने संबंधित सामग्री को जब्त या नष्ट कराने के साथ दोषी इकाइयों के खिलाफ लाइसेंस संबंधी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. इसके अलावा करीब 10 इकाइयों में साफ-सफाई और हाइजीन से जुड़ी कमियां मिलने पर सुधार सूचना नोटिस जारी किए जा रहे हैं.
तंबाकू और पान मसाला साथ बनाया तो लाइसेंस पर कार्रवाई: अभियान में चार इकाइयों में एक ही परिसर में तंबाकू और पान मसाला बनता मिला. विभाग के अनुसार यह खाद्य सुरक्षा एवं मानक (विक्रय एवं प्रतिषेध) विनियम, 2011 के प्रावधानों और विभागीय प्रतिबंध आदेश के खिलाफ है.
ऐसी इकाइयों के लाइसेंस निलंबित कर निर्माण बंद कराया जा रहा है. साथ हीं खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 34 के तहत आकस्मिक प्रतिषेध आदेश जारी करने की कार्रवाई भी की जा रही है.
जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई: अभियान में लिए गए नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है. जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित इकाइयों के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.
विभाग की इस बड़ी कार्रवाई से साफ है कि पान मसाला कारोबार में नियमों की अनदेखी, खाद्य सामग्री में अपमिश्रण और एक ही परिसर में तंबाकू-पान मसाला बनाने जैसी गतिविधियों को लेकर अब सख्ती बढ़ाई जा रही है.
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