होमखेलयूपी के बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत-बचाव तेज, एनडीआरएफ की टीमें सक्रिय
खेल

यूपी के बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत-बचाव तेज, एनडीआरएफ की टीमें सक्रिय

यूपी के बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत-बचाव तेज, एनडीआरएफ की टीमें सक्रिय उत्तर प्रदेश में बाढ़ और जलभराव की स्थिति के बीच एनडीआरएफ ने राहत और बचाव कार्यों को प्राथमिकता दी है। प्रयागराज में सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं और…

Hindustan के अनुसार20 अगस्त 2026 को 02:55 am बजे
यूपी के बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत-बचाव तेज, एनडीआरएफ की टीमें सक्रिय

सौजन्य से:- Hindustan

यूपी के बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत-बचाव तेज, एनडीआरएफ की टीमें सक्रिय

उत्तर प्रदेश में बाढ़ और जलभराव की स्थिति के बीच एनडीआरएफ ने राहत और बचाव कार्यों को प्राथमिकता दी है। प्रयागराज में सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं और वाराणसी में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। लोगों को आपदाओं से बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं और दामिनी तथा सचेत ऐप की जानकारी दी जा रही है।

-नदी-तालाबों के पास सावधानी की अपील, तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह -वाराणसी में एनडीआरएफ का जागरूकता अभियान, श्रद्धालुओं को बताए आपदा से बचाव के उपाय

-दामिनी और सचेत ऐप देगा से प्रभावित क्षेत्रों में मिलेगी मदद, बिजली गिरने से लेकर मौसम तक का अपडेट

प्रयागराज/वाराणसी, फर्रुखाबाद-हिटी

उत्तर प्रदेश में बाढ़ और जलभराव की स्थिति के बीच योगी सरकार ने प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्यों को प्राथमिकता पर जारी रखा है। लखीमपुर खीरी और अयोध्या में बाढ़ से जुड़े राहत-बचाव कार्यों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रयागराज में एनडीआरएफ की टीम डूबने की घटनाओं में सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। सरकार और बचाव दलों की सक्रियता से प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने और आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही फर्रुखाबाद में भी बाढ़ राहत टीमें जुटी हुई हैं।

एनडीआरएफ की टीमें सक्रिय

प्रदेश के विभिन्न जिलों में एनडीआरएफ की टीमें जरूरत के अनुसार घटनास्थलों पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान चला रही हैं। साथ ही लोगों को नदियों और जलाशयों के आसपास सावधानी बरतने तथा प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है। प्रयागराज के नैनी क्षेत्र में 11वीं वाहिनी एनडीआरएफ की टीम ने डूबे व्यक्ति की तलाश के लिए व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया। डीप डाइवर की मदद से टीम ने 18 अगस्त को दोपहर 2:10 बजे उसे बरामद किया गया। एनडीआरएफ ने लोगों से नदी, तालाब और अन्य जलाशयों में स्नान या किसी अन्य गतिविधि के दौरान विशेष सावधानी बरतने को कहा है।

वाराणसी में जागरूकता अभियान

11वीं वाहिनी एनडीआरएफ ने वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर सिविल डिफेंस के सहयोग से सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें श्रद्धालुओं और आम लोगों को डूबने, बाढ़, भूकंप और आग जैसी आपदाओं से बचाव के उपाय बताए। लोगों को प्राथमिक उपचार, सीपीआर और आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया की जानकारी भी दी गई।

फर्रुखाबाद में प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद

प्रदेश सरकार की बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल राहत देने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की नीति के तहत फर्रुखाबाद जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिख रहा है। गंगा और रामगंगा नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। बाढ़ प्रभावित सदर, अमृतपुर और कायमगंज तहसीलों में राहत और बचाव के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

खास बात यह है कि प्रशासन ने केवल लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने पर ही ध्यान नहीं दिया है, बल्कि बाढ़ शरणालयों में बच्चों की पढ़ाई, मनोरंजन और खेलकूद की भी व्यवस्था की गई है।

वहीं, जिन परिवारों के आशियाने बाढ़ के पानी में कट गए हैं, उन्हें आवासीय पट्टा देने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। सदर तहसील के दिलीप की मड़ैया गांव के 25 परिवारों को आवासीय पट्टे दिए जा चुके हैं, जबकि 21 परिवारों के खातों में पट्टे की धनराशि भी उपलब्ध करा दी गई है।

दामिनी और सचेत ऐप की जानकारी

जागरूकता कार्यक्रम में लोगों को दामिनी ऐप के बारे में बताया गया, जो बिजली गिरने की संभावित गतिविधि की चेतावनी देता है। इसके अलावा सचेत ऐप के माध्यम से मौसम और आपदा संबंधी चेतावनियां प्राप्त करने की जानकारी दी गई। लोगों से इन सेवाओं का इस्तेमाल कर सतर्क रहने की अपील की गई।

आपदा में सतर्कता और समन्वय पर जोर

एनडीआरएफ और सिविल डिफेंस ने लोगों से आपदा के समय घबराने के बजाय सूझबूझ और सतर्कता से काम लेने की अपील की है। साथ ही अफवाहों से बचने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। सरकार के स्तर पर भी राहत और बचाव व्यवस्था को सक्रिय रखने तथा प्रभावित लोगों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

सामान्य प्रश्न

लेखक के बारे में

Hindustan | Bureauहिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्यों सहित देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्करण प्रकाशित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपरि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद विस्तार से न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।

और पढ़ें

Powered by CM Sarkar Geeta Reporter

संबंधित ख़बरें