होमविकासकानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर पांच किमी में कई जगह बही मिट्टी, किनारे धंसे
विकास

कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर पांच किमी में कई जगह बही मिट्टी, किनारे धंसे

कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर पांच किमी में कई जगह बही मिट्टी, किनारे धंसे अचलगंज (उन्नाव) में लगातार हो रही तेज बारिश ने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे को बुरी तरह प्रभावित किया है। कोरारी टोल से आजाद मार्ग तक 12 स्थानों पर सड़क…

Hindustan के अनुसार28 अगस्त 2026 को 07:31 pm बजे
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर पांच किमी में कई जगह बही मिट्टी, किनारे धंसे

सौजन्य से:- Hindustan

कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर पांच किमी में कई जगह बही मिट्टी, किनारे धंसे

अचलगंज (उन्नाव) में लगातार हो रही तेज बारिश ने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे को बुरी तरह प्रभावित किया है। कोरारी टोल से आजाद मार्ग तक 12 स्थानों पर सड़क की मिट्टी बह गई है। इसके चलते स्थिति को संभालने के लिए पोकलैंड मशीनों की मदद ली जा रही है।

अचलगंज (उन्नाव), संवाददाता। लगातार हो रही तेज बारिश ने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की धज्जियां उड़ा दी हैं। कोरारी टोल से आजाद मार्ग तक महज करीब पांच किलोमीटर के दायरे में एक्सप्रेस-वे के किनारे 12 से अधिक स्थानों पर सड़क की मिट्टी कटकर बह गई है। वहीं कई जगह सड़क किनारे का हिस्सा धंस गया। क्रैश बैरियर के नीचे की मिट्टी बहने से सड़क और सुरक्षा इंतजाम दोनों खतरे में नजर आए। हालात इतने खराब रहे कि क्षतिग्रस्त हिस्सों में मिट्टी भरने के लिए पोकलैंड मशीन उतारनी पड़ी। मशीन पूरे दिन सड़क किनारे धंसे और कटे हिस्सों में मिट्टी भराव के काम में जुटी रही。

बारिश थमने के बाद स्थिति

बारिश थमने के बाद जब हिन्दुस्तान टीम ने एक्सप्रेस-वे पर स्थिति का जायजा लिया तो जगह-जगह सड़क के किनारे कटाव के निशान साफ दिखाई दिए। सबसे गंभीर स्थिति उन स्थानों पर रही, जहां सड़क की साइड लेन के नीचे से मिट्टी बह गई और ऊपर सड़क का हिस्सा कमजोर हो गया। लगातार बारिश होने की स्थिति में इन स्थानों पर कटाव और बढ़ने की आशंका बनी हुई है। लखनऊ से कानपुर की ओर किलोमीटर 70.8 पर सड़क का किनारा धंस गया। यहां क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत के लिए काम शुरू कराया गया। सड़क के किनारे मिट्टी खिसकने से एक्सप्रेस-वे के बाहरी हिस्से पर दबाव बढ़ गया था। मशीनरी की मदद से यहां मिट्टी भरकर किनारे को दोबारा मजबूत करने का प्रयास किया गया। कानपुर से लखनऊ जाने वाली लेन में आजाद मार्ग के पास किलोमीटर 70.4 पर स्थिति और चिंताजनक रही। सड़क के नीचे की मिट्टी बह जाने से नाली का हिस्सा हवा में लटक गया। इससे साफ है कि बारिश का पानी सड़क के किनारे से मिट्टी को अपने साथ बहा ले गया। यदि समय रहते इसकी मजबूती नहीं की गई तो कटाव और बढ़ सकता है। इसी तरह किलोमीटर 71.3 पर लखनऊ से कानपुर की ओर जाने वाली लेन के किनारे भी मिट्टी बहने की स्थिति सामने आई। लक्ष्मण खेड़ा पुल के पास किलोमीटर 71.5 पर भी बारिश का पानी सड़क किनारे को काट गया। स्थिति को संभालने के लिए पोकलैंड मशीन लगाई गई। मशीन ने पूरे दिन क्षतिग्रस्त स्थानों पर मिट्टी डालने और सड़क के किनारे को भरने का काम किया।

बेहटा के पास सड़क दबी

कानपुर से लखनऊ जाने वाली रोड पर किलोमीटर 63.6 पर बेहटा गांव के पास भी सड़क दब गई। यहां सड़क की मरम्मत के लिए दिनभर मशीनरी लगी रही। सड़क के दबने से वाहनों की आवाजाही के लिहाज से भी खतरा पैदा हो गया था। वहीं कोरारी टोल गेट से करीब 50 मीटर पहले किलोमीटर 64.9 पर सड़क का किनारा दो स्थानों पर बह गया। यह समस्या लखनऊ से कानपुर जाने वाली लेन पर सामने आई।

Powered by CM Sarkar Geeta Reporter

संबंधित ख़बरें