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लखनऊ-कानपुर नमो कॉरिडोर की तैयारी को मिली रफ्तार

लखनऊ-कानपुर नमो कॉरिडोर की तैयारी को मिली रफ्तार लखनऊ और कानपुर के बीच प्रस्तावित हाई स्पीड नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर के विकास में आ रही वित्तीय बाधाएँ समाप्त हो गई हैं। लखनऊ, कानपुर और उन्नाव विकास प्राधिकरण मिलकर इसका…

Hindustan के अनुसार16 अगस्त 2026 को 03:55 pm बजे
लखनऊ-कानपुर नमो कॉरिडोर की तैयारी को मिली रफ्तार

सौजन्य से:- Hindustan

लखनऊ-कानपुर नमो कॉरिडोर की तैयारी को मिली रफ्तार

लखनऊ और कानपुर के बीच प्रस्तावित हाई स्पीड नमो भारत आरआरटीएस कॉरिडोर के विकास में आ रही वित्तीय बाधाएँ समाप्त हो गई हैं। लखनऊ, कानपुर और उन्नाव विकास प्राधिकरण मिलकर इसका खर्च उठाएंगे। यह परियोजना दोनों शहरों के बीच यात्रा समय को 40 मिनट तक कम करेगी।

लखनऊ और कानपुर के बीच प्रस्तावित हाई स्पीड नमो भारत आरआरटीएस (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) कॉरिडोर के सर्वे और विस्तृत अध्ययन की राह में आ रही वित्तीय अड़चन दूर हो गई है। अब इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए आवश्यक अल्टरनेटिव एनालिसिस रिपोर्ट (एएआर) और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराने का खर्च लखनऊ विकास प्राधिकरण, कानपुर विकास प्राधिकरण और उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण मिलकर वहन करेंगे। शासन के निर्देश पर इस अध्ययन का कार्य राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) को सौंपा गया है। दस्तावेजों के अनुसार एएआर और डीपीआर तैयार करने पर 6.03 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस राशि को तीनों विकास प्राधिकरण समानुपातिक रूप से साझा करेंगे, जिससे परियोजना की प्रारंभिक प्रक्रिया में धन की कमी की समस्या समाप्त हो जाएगी।

यह कॉरिडोर लखनऊ, उन्नाव और कानपुर के बीच तेज, सुरक्षित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। डीपीआर के माध्यम से प्रस्तावित मार्ग, स्टेशनों की संख्या, यात्री क्षमता, लागत और परियोजना की व्यवहार्यता का विस्तृत आकलन किया जाएगा। शासन ने संबंधित विकास प्राधिकरणों को निर्देश दिया है कि वे अपने हिस्से की धनराशि शीघ्र उपलब्ध कराएं ताकि एनसीआरटीसी बिना देरी अध्ययन कार्य शुरू कर सके।अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट तैयार होने के बाद परियोजना के निर्माण और वित्तीय स्वीकृतियों की प्रक्रिया भी तेज होगी। लखनऊ-कानपुर नमो भारत कॉरिडोर को प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रीय परिवहन परियोजनाओं में माना जा रहा है, जिससे दोनों महानगरों के बीच यात्रा समय में बड़ी कमी आएगी और औद्योगिक व आर्थिक गतिविधियों को भी नया बल मिलेगा। लखनऊ से कानपुर मात्र 40 मिनट में पहुंचा जा सकेगा।

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