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कौन हैं ऐश्वर्य राज सिंह? जयंत चौधरी ने बनाया RLD की उत्तर प्रदेश इकाई का अध्यक्ष

ऐश्वर्य राज सिंह की नियुक्ति में तेजी से यह संकेत मिले कि पार्टी नेतृत्व संगठन में किसी भी तरह की अनिश्चितता को जल्द से जल्द खत्म करके स्थिरता दिखाना चाहता है। ऐसे समय में जब उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव में सात-आठ मह…

Navbharat Times के अनुसार8 अगस्त 2026 को 08:18 am बजे
कौन हैं ऐश्वर्य राज सिंह? जयंत चौधरी ने बनाया RLD की उत्तर प्रदेश इकाई का अध्यक्ष

सौजन्य से:- Navbharat Times

ऐश्वर्य राज सिंह की नियुक्ति में तेजी से यह संकेत मिले कि पार्टी नेतृत्व संगठन में किसी भी तरह की अनिश्चितता को जल्द से जल्द खत्म करके स्थिरता दिखाना चाहता है। ऐसे समय में जब उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव में सात-आठ महीने का ही समय बाकी है, जयंत चौधरी ने नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति में देरी नहीं की।

'टीम आरएलडी' के सूत्रधार हैं ऐश्वर्य

ऐश्वर्य राज सिंह 43 साल के हैं और अब तक पार्टी के राष्ट्रीय सचिव के पद पर रहे हैं। वे 'टीम आरएलडी' पहल के मुख्य सूत्रधारों में से एक रहे हैं। पार्टी का 'टीम आरएलडी' एक राजनीतिक आउटरीच प्लेटफॉर्म है जिसे पार्टी अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने शुरू किया था।यूपी में विधानसभा चुनाव अगले साल फरवरी-मार्च में होने की संभावना है। इससे कुछ ही माह पहले राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) की यूपी इकाई के अध्यक्ष रामाशीष राय ने पद से इस्तीफे देने के साथ पार्टी भी छोड़ दी। इस पर जयंत चौधरी ने ऐश्वर्य राज सिंह को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है। इस नियुक्ति की जानकारी आरएलडी ने सोशल मीडिया पर दी है।

ऐश्वर्य राज सिंह को क्यों बनाया अध्यक्ष?

पिछले दिनों दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में हुए छात्रों और युवाओं के आंदोलन ने विपक्ष के साथ सत्ता पक्ष का ध्यान युवाओं की ओर खींचा है। एनडीए के घटक दल राष्ट्रीय लोकदल की भी नजर युवाओं पर है। उसने ऐश्वर्य राज सिंह को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाकर पूर्वांचल क्षेत्र में पार्टी को मजबूत बनाने के साथ युवाओं को साधने का दांव चला है।टेक्नोक्रेट हैं राज परिवार से जुड़े सिंह

ऐश्वर्य राज सिंह पूर्वांचल के बस्ती के राजपरिवार से हैं और युवाओं में लोकप्रिय हैं। वे आरएलडी की आईटी सेल में काम कर चुके हैं। वे पूर्व में देश की प्रतिष्ठित आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज(TCS) में काम कर चुके हैं। ऐश्वर्य राज सिंह ने साल 2017 में बस्ती विधानसभा सीट पर आरएलडी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव भी लड़ा था।पूर्वांचल में आरएलडी को मजबूत करने का जिम्मा

नए प्रदेश अध्यक्ष ऐश्वर्य राज सिंह के कंधे पर अब उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आरएलडी को मजबूत करने की बड़ी जिम्मेदारी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आरएलडी का काफी प्रभाव है। पार्टी का ध्यान अब पूर्वी उत्तर प्रदेश पर है। ऐश्वर्य राज सिंह को पूर्वी यूपी के साथ राज्य के अन्य हिस्सों में भी पार्टी के कैडर को सक्रिय करने की प्रमुख जिम्मेदारी निभानी होगी।पिछले चुनाव में सपा के साथ था रालोद

राष्ट्रीय लोकदल आने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गया है। माना जा रहा है कि पार्टी संगठन में निकट भविष्य में और भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं। सन 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में आरएलडी का समाजवादी पार्टी से गठबंधन था। बाद में आरएलडी ने यह गठबंधन तोड़कर बीजेपी से हाथ मिला लिया था।आरएलडी अब एनडीए का हिस्सा है। नए गठबंधन में उसे 2027 में होने वाले चुनाव में फायदा मिलेगा या नुकसान झेलना पड़ेगा, यह फिलहाल नहीं कहा जा सकता है। रामाशीष राय ने जिस तरह से आरएलडी की नीतियों और नेतृत्व के प्रति असंतोष जाहिर करते हुए पार्टी छोड़ी है, उससे पार्टी को नुकसान होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।

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