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प्रयागराज में प्रधानाचार्यों ने स्कूलों में अनुशासन पर किया मंथन: मोबाइल से बच्चों को बचाने और शिक्षण सुधार पर भी दिया जोर - Prayagraj (Allahabad) News

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Dainik Bhaskar के अनुसार2 सितंबर 2026 को 06:31 pm बजे
प्रयागराज में प्रधानाचार्यों ने स्कूलों में अनुशासन पर किया मंथन:  मोबाइल से बच्चों को बचाने और शिक्षण सुधार पर भी दिया जोर - Prayagraj (Allahabad) News

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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प्रयागराज में प्रधानाचार्यों ने स्कूलों में अनुशासन पर किया मंथन:मोबाइल से बच्चों को बचाने और शिक्षण सुधार पर भी दिया जोर

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प्रयागराज के केपी इंटर कॉलेज में बुधवार को 'स्कूली शिक्षा में अनुशासन' विषय पर एक संगोष्ठी हुई। इसका आयोजन कॉलेज ऑफ टीचर एजुकेशन प्रयागराज ने किया था। इसका मकसद शिक्षकों, अभिभावकों और छात्रों के बीच संवादहीनता खत्म कर शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करना था।

इस गोष्ठी में प्रयागराज के 26 इंटर कॉलेजों के प्रधानाचार्यों ने हिस्सा लिया। प्रधानाचार्यों ने स्कूली शिक्षा में अनुशासन के महत्व, शिक्षण सुधार और छात्रों द्वारा मोबाइल फोन के ज्यादा इस्तेमाल जैसी चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया।

कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज ऑफ टीचर एजुकेशन के प्राचार्य अजय कुमार सिंह ने की। उन्होंने कहा कि अनुशासन से जुड़ी किसी भी समस्या का हल बातचीत और सकारात्मक चर्चा से ही निकल सकता है।

सिंह ने छात्रों में मोबाइल फोन के बढ़ते इस्तेमाल पर चिंता जताई। उन्होंने साफ किया कि मनोरंजन और आत्मिक सुख में फर्क होता है। इसलिए छात्रों को फालतू मनोरंजन से दूर रखकर आत्मिक सुख और अच्छी गतिविधियों की तरफ प्रेरित करना चाहिए।

कॉलेज ऑफ टीचर एजुकेशन के पूर्व प्रिंसिपल अशोक कुमार सिंह ने बताया कि स्कूल की संस्कृति और पढ़ाई का स्तर सुधारने के लिए अनुशासन की नींव मजबूत करना जरूरी है।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के डॉ. धनंजय यादव ने कहा कि आज के समय में शिक्षण सुधार और छात्रों के पूरे विकास के लिए शिक्षकों और अभिभावकों को मिलकर एक नई योजना बनानी होगी।

कुल भास्कर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य ने छात्रों की भाषा और व्यवहार सुधारने पर जोर दिया। उन्होंने अभिभावकों को भी सलाह दी कि वे बच्चों के सामने बेवजह मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें। बच्चे अपने माता-पिता के व्यवहार को ही सीखते हैं।

केएन काटजू इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य ने कहा कि जीवन के हर मोड़ पर अनुशासन जरूरी है। यह व्यक्ति को लक्ष्य हासिल करने और जिम्मेदार नागरिक बनने में मदद करता है।

डॉ. केपी जायसवाल इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य ने शिक्षकों से अपील की कि वे छात्रों से भावनात्मक रूप से जुड़ें। उन्होंने खासकर कमजोर छात्रों पर ध्यान देने की बात कही।

जगत तारन इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य ने कहा कि विद्यार्थियों को इस उम्र में होने वाले हार्मोनल परिवर्तनों के दौरान शिक्षकों और अभिभावकों को उचित मार्गदर्शन देना चाहिए। इलाहाबाद इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य ने अनुशासन को “समुद्र के समान” व्यापक बताते हुए व्यक्तित्व निर्माण में इसकी अनिवार्यता रेखांकित की।

राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य ने सुझाव दिया कि यदि किसी परिस्थिति में दंड देना पड़े, तो वह रचनात्मक और सुधारात्मक होना चाहिए जिससे विद्यार्थियों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव आए। कॉलेज ऑफ टीचर एजुकेशन के प्रवक्ता सुशील कुमार पटेल ने कक्षाओं में विद्यार्थियों की उपस्थिति को प्रभावी बनाने के लिए शिक्षण को अधिक रुचिकर और उपयोगी बनाने पर जोर दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य अजय कुमार सिंह ने सामूहिक प्रयासों से विद्यालयों में सकारात्मक व अनुशासित वातावरण विकसित करने की बात कही। संगोष्ठी का संचालन प्रवक्ता राजीव भारती ने किया, जबकि अंत में पुस्तकालयाध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर केके त्रिपाठी, संजय कुमार, दल सिंगार आदि थे।

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