होमशिक्षा-करियरप्रधानमंत्री फसल बीमा योजना कैसे कर रही है उत्तर प्रदेश के किसानों की मदद
शिक्षा-करियर

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना कैसे कर रही है उत्तर प्रदेश के किसानों की मदद

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) भारत सरकार की एक फसल बीमा योजना है, जिसे उत्तर प्रदेश में लागू किया जा रहा है. इसका उद्देश्य चिन्ह…

AajTak के अनुसार24 सितंबर 2026 को 09:04 am बजे
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना कैसे कर रही है उत्तर प्रदेश के किसानों की मदद

सौजन्य से:- AajTak

Sign In

Advertisement

X

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) भारत सरकार की एक फसल बीमा योजना है, जिसे उत्तर प्रदेश में लागू किया जा रहा है. इसका उद्देश्य चिन्हित प्राकृतिक जोखिमों के कारण बीमित फसल को होने वाले नुकसान की स्थिति में किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है. उत्तर प्रदेश में यह योजना 2016–17 से विभिन्न जिलों में लागू की जा रही है.

PMFBY के तहत अधिसूचित फसलों को योजना में शामिल जोखिमों के विरुद्ध बीमा कवरेज दिया जाता है. इसमें बुवाई न हो पाना, खड़ी फसल को चिन्हित प्राकृतिक आपदाओं से होने वाला नुकसान, स्थानीय आपदाएं और फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान शामिल हैं. यह कवरेज योजना के तहत निर्धारित शर्तों और नुकसान के आकलन की प्रक्रिया के अधीन होता है.

PMFBY कैसे काम करती है?

किसान प्रीमियम का निर्धारित हिस्सा देते हैं, जबकि शेष पात्र प्रीमियम पर सरकार द्वारा सब्सिडी दी जाती है. बीमा कवरेज और अधिसूचित फसलें राज्य, मौसम और क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं. उत्तर प्रदेश में राज्य सरकार योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार संबंधित मौसम के लिए फसलों और क्षेत्रों को अधिसूचित करती है.

यह भी पढ़ें: ऑपरेशन कायाकल्प से कैसे संवर रहे हैं उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूल

Advertisement

तकनीक आधारित फसल बीमा

PMFBY में पंजीकरण, निगरानी, फसल नुकसान के आकलन और दावों के निपटारे में मदद के लिए डिजिटल प्रणालियों का इस्तेमाल किया जाता है. राष्ट्रीय PMFBY प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसान फसल बीमा के लिए आवेदन कर सकते हैं, अपनी पॉलिसी की स्थिति देख सकते हैं और फसल नुकसान की जानकारी दे सकते हैं. किसान अपनी शिकायतों और जानकारी के लिए कृषि रक्षक पोर्टल एवं हेल्पलाइन (KRPH) और टोल-फ्री हेल्पलाइन 14447 का भी उपयोग कर सकते हैं.

फसल की उपज के आकलन और निगरानी को बेहतर बनाने के लिए योजना में रिमोट सेंसिंग, स्मार्टफोन, जियोस्पेशियल तकनीक और डिजिटल क्रॉप-कटिंग सिस्टम जैसी तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जाता है, यह योजना बीमित फसल को होने वाले नुकसान की स्थिति में किसानों के लिए एक वित्तीय सुरक्षा व्यवस्था के रूप में काम करती है.

इसका उद्देश्य चिन्हित प्राकृतिक जोखिमों से होने वाले आर्थिक नुकसान को कम करने और फसल नुकसान के बाद किसानों को कृषि गतिविधियों को जारी रखने में सहायता देना है. उत्तर प्रदेश में PMFBY राज्य की व्यापक कृषि सहायता व्यवस्था का हिस्सा है.

यह भी पढ़ें: Soil Health Card से कैसे यूपी के किसानों को मिले रही है खेत की मिट्टी की पूरी जानकारी

---- समाप्त ----

Latest News in Hindi »

Advertisement

Powered by CM Sarkar Geeta Reporter

संबंधित ख़बरें