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शिक्षा, कौशल और रोजगार को एकीकृत करेगी नई नीति, युवाओं को लेकर क्या-क्या बोले सीएम योगी?

शिक्षा, कौशल और रोजगार को एकीकृत करेगी नई नीति, युवाओं को लेकर क्या-क्या बोले सीएम योगी? सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, युवा नीति तैयार करने से पहले प्रदेश के 16 से 35 वर्ष के युवाओं की अपेक्षाओं, आकांक्षाओं और आवश्यकताओं क…

Hindustan के अनुसार6 अगस्त 2026 को 05:18 pm बजे
शिक्षा, कौशल और रोजगार को एकीकृत करेगी नई नीति, युवाओं को लेकर क्या-क्या बोले सीएम योगी?

सौजन्य से:- Hindustan

शिक्षा, कौशल और रोजगार को एकीकृत करेगी नई नीति, युवाओं को लेकर क्या-क्या बोले सीएम योगी?

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, युवा नीति तैयार करने से पहले प्रदेश के 16 से 35 वर्ष के युवाओं की अपेक्षाओं, आकांक्षाओं और आवश्यकताओं को समझा जाएगा और उसके बाद ही नीति को आकार दिया जाएगा।

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य की एकीकृत युवा नीति को सूबे के युवाओं की आकांक्षाओं और अपेक्षाओं के अनुरूप तैयार किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने कहा है कि युवा नीति तैयार करने से पहले प्रदेश के 16 से 35 वर्ष के युवाओं की अपेक्षाओं, आकांक्षाओं और आवश्यकताओं को समझा जाएगा और उसके बाद ही नीति को आकार दिया जाएगा। आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश की युवा नीति शिक्षा, कौशल, रोजगार, स्वास्थ्य और नेतृत्व विकास को एकीकृत करेगी।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नीति निर्माण की प्रक्रिया में विद्यार्थियों, खिलाड़ियों, शोधार्थियों, स्टार्टअप उद्यमियों, युवा पेशेवरों तथा विभिन्न वर्गों के युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। इसके लिए सार्वजनिक डोमेन के माध्यम से सुझाव भी आमंत्रित किए जाएं, ताकि नीति युवाओं की वास्तविक जरूरतों और भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में युवाओं के लिए संचालित सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया जाए। विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक पात्र युवा तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पहुंचे। युवा नीति का स्वरूप ऐसा हो, जिसमें शिक्षा एवं कौशल विकास, उद्यमिता, रोजगार एवं नवाचार, डिजिटल सशक्तीकरण, स्वास्थ्य, खेल, नेतृत्व विकास तथा संस्कृति एवं विरासत सहित युवाओं के व्यक्तित्व के सभी महत्वपूर्ण आयामों का समग्र समावेश हो।

कौशल विकास को दी जाए प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने के लिए आधुनिक तकनीकों पर आधारित कौशल विकास को प्राथमिकता दी जाए। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, साइबर सुरक्षा, ड्रोन, सेमीकंडक्टर तथा अन्य उभरते क्षेत्रों में प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जाए। प्रत्येक जनपद में उद्यमिता और नवाचार के लिए अनुकूल वातावरण विकसित किया जाए। यूथ इन्क्यूबेशन सेंटर, स्टार्टअप प्रोत्साहन, रोजगार सृजन तथा युवाओं के लिए एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से कैरियर मार्गदर्शन, छात्रवृत्ति, रोजगार मिलान और अन्य सेवाओं को एक स्थान पर उपलब्ध कराया जाए।

मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग योजना और अधिक प्रभावी ढंग से हो

मुख्यमंत्री योगी ने सरदार वल्लभभाई पटेल इंडस्ट्रियल एंड एम्प्लायमेंट ज़ोन की स्थापना का कार्य शीघ्र प्रारम्भ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग योजना का क्रियान्वयन और अधिक प्रभावी ढंग से किया जाए। इस योजना के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। प्रत्येक विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय परिसर तक इसके विस्तार की संभावनाएं तलाशते हुए युवा आईएएस एवं आईपीएस अधिकारियों सहित अन्य विशेषज्ञों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि आज अनेक प्रतिष्ठित निजी कोचिंग संस्थान भी उत्तर प्रदेश में अपनी इकाइयां स्थापित करना चाहते हैं। इस अनुकूल वातावरण का लाभ प्रदेश के युवाओं को मिलना चाहिए।

युवाओं को नशे जेसी बुराइयों से दूर रखती हैं खेल गतिविधियां

सीएम योगी ने कहा कि खेल गतिविधियां युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने का प्रभावी माध्यम हैं। प्रत्येक ग्राम पंचायत में खेल मैदान, प्रत्येक विकास खंड में मिनी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, प्रत्येक जनपद में खेल उत्कृष्टता केंद्र तथा प्रत्येक मंडल में हाई परफॉर्मेंस सेंटर विकसित करने की दिशा में कार्य तेज किया जाए। उन्होंने कहा कि विधायक निधि से इनडोर स्टेडियम निर्माण के उनके पूर्व प्रयासों के अत्यंत सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। साथ ही युवाओं के लिए आधुनिक पुस्तकालयों, अध्ययन केंद्रों और रीडिंग स्पेस का विस्तार किया जाए, ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और अध्ययन के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध हो सके।

लेखक के बारे में

Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट

पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर

यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका

(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर

आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और

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लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल

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पत्रकारिता का सफर

हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब

एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो

उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने

करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में

प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी

है।

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