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युवा शक्ति का सबसे बड़ा दुश्मन है माफिया तंत्र, गोरखपुर में बोले सीएम योगी, विपक्ष को भी आड़े हाथ लिया

युवा शक्ति का सबसे बड़ा दुश्मन है माफिया तंत्र, गोरखपुर में बोले सीएम योगी, विपक्ष को भी आड़े हाथ लिया सीएम योगी ने कहा, पूर्व की सरकारों के एजेंडे में खेल और युवाओं के लिए कोई जगह नहीं थी। आज जो लोग युवा-युवा कहकर चिल्ल…

Hindustan के अनुसार17 अगस्त 2026 को 07:55 pm बजे
युवा शक्ति का सबसे बड़ा दुश्मन है माफिया तंत्र, गोरखपुर में बोले सीएम योगी, विपक्ष को भी आड़े हाथ लिया

सौजन्य से:- Hindustan

युवा शक्ति का सबसे बड़ा दुश्मन है माफिया तंत्र, गोरखपुर में बोले सीएम योगी, विपक्ष को भी आड़े हाथ लिया

सीएम योगी ने कहा, पूर्व की सरकारों के एजेंडे में खेल और युवाओं के लिए कोई जगह नहीं थी। आज जो लोग युवा-युवा कहकर चिल्ला रहे हैं, वास्तव में उनके एजेंडे में युवा कभी था ही नहीं। यह केवल युवाओं का दुरुपयोग करना चाहते हैं।

CM Yogi Adityanath: सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि माफिया तंत्र, युवा शक्ति की सबसे बड़ा दुश्मन है। शिक्षा माफिया हो, पेशेवर माफिया, खेल माफिया, ड्रग माफिया हो या किसी भी फील्ड का माफिया। यदि माफिया तंत्र बढ़ेगा तो सबसे ज्यादा क्षति युवा शक्ति की होगी। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति को बचाने के लिए आवश्यक है कि डबल इंजन सरकार द्वारा बढ़ाई गई खेल संस्कृति को सकारात्मक सोच के साथ सार्थकता प्रदान की जाए। सीएम योगी सोमवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर में नागपंचमी के अवसर पर खेल विभाग और जिला कुश्ती संघ की ओर से आयोजित दो दिवसीय प्रदेश स्तरीय सीनियर प्राइजमनी पुरुष कुश्ती प्रतियोगिता के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे।

विपक्ष को आड़े हाथ लेते हुए सीएम योगी ने कहा, पूर्व की सरकारों के एजेंडे में खेल और युवाओं के लिए कोई जगह नहीं थी। आज जो लोग युवा-युवा कहकर चिल्ला रहे हैं, वास्तव में उनके एजेंडे में युवा कभी था ही नहीं। यह केवल युवाओं का दुरुपयोग करना चाहते हैं। जब इनको सत्ता में रहने का अवसर मिला तो उन्होंने युवाओं के हितों के लिए कुछ भी नहीं किया। तब उन्होंने सबकुछ माफिया की गिरफ्त में डाल दिया था। सीएम योगी ने कहा कि युवा के जीवन के साथ खिलवाड़ करने वाला कोई भी माफिया, चाहे वह नकल माफिया हो, शिक्षा माफिया या किसी भी फील्ड का माफिया, अगर उसने किसी युवा के जीवन के साथ खिलवाड़ किया तो उसकी पूरी प्रॉपर्टी को जब्त करते हुए हम उसके खिलाफ बहुत सख्त कार्रवाई कर रहे हैं।

शीघ्र ही 500 और खिलाड़ियों को देंगे सरकारी नौकरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने खेल नीति लाकर यह व्यवस्था बनाई है कि जो भी खिलाड़ी देश के लिए मेडल जीतेगा, हम उसको सीधे सरकारी नौकरी देंगे। अब तक 500 से अधिक खिलाड़ियों को नौकरी दे चुके हैं। खेल विभाग में सहायक निदेशक से लेकर यूपी पुलिस में डिप्टी एसपी तक का पद खिलाड़ियों को दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुत शीघ्र, अगले एक महीने के अंदर फिर से 500 पदक विजेता खिलाड़ियों को यूपी पुलिस और अन्य विभागों में नौकरी दी जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश के जो खिलाड़ी ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतते हैं उनको 6 करोड़, सिल्वर मेडल जीतने वाले को 4 करोड़ और ब्रॉन्ज मेडल विजेता को 2 करोड़ रुपये यूपी सरकार की तरफ से दिए जाते हैं। ओलंपिक में प्रतिभाग करने पर 10 लाख और कॉमनवेल्थ व एशियाड में 5-5 लाख की सहायता दी जाती है। नेशनल गेम्स के लिए भी उन्हें फैसिलिटेट करते हैं।

खेल के लिए सरकार ने बनाया ईको सिस्टम

सीएम योगी ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि हर गांव में खेल का मैदान हो, ओपन जिम का निर्माण हो, हर विकास खंड में मिनी स्टेडियम, हर जनपद में स्टेडियम, हर कमिश्नरी स्तर पर एक स्पोर्ट्स कॉलेज और हर स्पोर्ट्स कॉलेज में एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस हो। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का मतलब किसी एक खेल को लेकर के अंतरराष्ट्रीय स्तर की जो भी विशिष्टताएं हैं, उन विशिष्टताओं को लेकर के हम इन प्रतियोगिताओं को, पुराने खिलाड़ियों को कोचेज के रूप में रख करके उन प्रतियोगिताओं को आगे बढ़ाने का कार्य करें। एक तरह से ईको सिस्टम बनाने का काम सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि पहले यूपी में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी नहीं थी। हमने हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाम पर मेरठ में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बना दी है। अब वहां पाठ्यक्रम प्रारंभ हो गए हैं। नई-नई प्रतियोगिताएं वहां प्रारंभ हो गई हैं। वर्ल्ड क्लास इन्फ्रास्ट्रक्चर दिया जा रहा है। डबल इंजन की सरकार के स्तर पर कोई कमी नहीं है। युवाओं को इस अवसर का लाभ लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि 2030 का कॉमनवेल्थ भारत में होने जा रहा है और भारत की इस प्रतियोगिता में कोई खिलाड़ी चूकना नहीं चाहिए। इसकी तैयारी अभी से यूपी के अंदर प्रारंभ हो जानी चाहिए।

ड्रग और स्मार्टफोन, दोनों के नशे से दूर रहें

मुख्यमंत्री ने कहा कि याद रखना चाहिए, खेल और खेलकूद की गतिविधियों से जितना हमारा युवा जुड़ेगा, उतना ही नशा से दूर रहेगा। दो प्रकार का नशा वर्तमान में पूरी युवा पीढ़ी के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहा है। एक नशा वह है जो ड्रग आदि नशीले पदार्थों के कारण पैदा हुआ है। नशा माफिया युवा पीढ़ी को निगल करके भारत को खोखला बनाना चाहता है। हमें उसके खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए तैयार होना पड़ेगा। हर एक जागरूक नागरिक को, हर राष्ट्रभक्त को इसके खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए तैयारी करनी चाहिए। और, दूसरा स्मार्टफोन का नशा। जितना समय आप स्मार्टफोन पर खर्च करते हैं, उसमें से 90 फीसदी फिजूल का है। 10 फीसदी ही मात्र आपके उपयोग का है, बाकी आपके उपयोग के लिए भी नहीं है। अगर उसमें से 5-6 घंटे आप बचत कर सकें, उसमें से केवल एक घंटा अपने शरीर के लिए दे सकें, तो स्वस्थ हो जाएंगे। शरीर स्वस्थ होगा तो मस्तिष्क स्वस्थ होगा। मस्तिष्क स्वस्थ होगा तो भारत को सशक्त और समर्थ बनाने में आप अपना बेहतरीन योगदान दे पाएंगे। मानसिक तनाव से बचे रहेंगे। किसी भी प्रकार की चुनौती से अपने आप को मुकाबला करने के लिए तैयार पाएंगे।

खिलाड़ी के लिए पहला नियम आत्म अनुशासन का

सीएम योगी ने कहा कि किसी भी खिलाड़ी के लिए पहला नियम आत्म-अनुशासन का होता है, आत्म-संयम का होता है। वह समय पर जगता है, समय पर सोता है, खान-पान के नियमों का पालन करता है। गुरु-शिष्य की परंपरा का पालन करता है। उन्होंने कहा कि आप देखते होंगे जब पहलवान अखाड़े में आता है तो कोच, उस्ताद को प्रणाम करके आता है। श्रद्धा का यह भाव उसे आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा देता है, उसको एक ताकत देता है। क्योंकि पुराने जो खिलाड़ी हैं, पहलवान हैं, पुराने उस्ताद हैं, ये कोचेज हैं, इन्होंने अपने जीवन को तपाया है, खपाया है। अलग विषय है कि उनके समय में संसाधन नहीं था, प्रोत्साहन नहीं था। अन्यथा उनको भी प्रोत्साहन और संसाधन मिलता, तो वे भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम आगे कर सकते थे।

बहुत शीघ्र युवा नीति लाने वाली है यूपी सरकार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार बहुत शीघ्र अपनी नई 'युवा नीति' लेकर आ रही है। युवा नीति में हम युवाओं के लिए ढेर सारे आयोजन करने जा रहे हैं। ढेर सारे प्रोग्राम को आगे बढ़ाने जा रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 'अभ्युदय कोचिंग' को हर कॉलेज और विश्वविद्यालय तक पहुंचाया जाएगा। प्रदेश सरकार ने सुनिश्चित किया है, हर जिले में एक एम्प्लॉयमेंट जोन बनें। एम्प्लॉयमेंट जोन का मतलब है कि एक छत के नीचे नौजवान की स्किलिंग भी होगी और उसको एम्प्लॉयमेंट भी मिलेगा।

लेखक के बारे में

Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट

पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर

यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका

(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर

आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और

डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।

लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल

वीडियो) को बारीकी से विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं।

पत्रकारिता का सफर

हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब

एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो

उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने

करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में

प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी

है।

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