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'थैलेसीमिया' से पीड़ित मासूम की मां की चिंता सीएम योगी ने की दूर, बारिश में जनता दर्शन में पहुंची थी मजबूर महिला

लखनऊ में 'जनता दर्शन' के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीतापुर से आई रोली के थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे के सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया और इलाज के लिए तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के कड़े निर्देश जारी किए। हेमेन…

Navbharat Times के अनुसार17 अगस्त 2026 को 07:55 pm बजे
'थैलेसीमिया' से पीड़ित मासूम की मां की चिंता सीएम योगी ने की दूर, बारिश में जनता दर्शन में पहुंची थी मजबूर महिला

सौजन्य से:- Navbharat Times

लखनऊ में 'जनता दर्शन' के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीतापुर से आई रोली के थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे के सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया और इलाज के लिए तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के कड़े निर्देश जारी किए।

हेमेन्द्र त्रिपाठी, लखनऊ: जब छोटे बच्चों और किसी नेता के बीच आत्मीय प्रेम व जुड़ाव की बात आती है तब सबसे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम आता है। बच्चों के प्रति उनका लगाव नया नहीं है, गोरखपुर में सांसद रहने से लेकर यूपी के सीएम होने तक के पूरे सफर में बच्चों के प्रति आत्मीय प्रेम से जुड़ी अनेक तस्वीरें सामने आती रही हैं। अब एक बार फिर उनका बच्चों से प्रेम का वाकया सामने आया है।

दरअसल, सोमवार को लखनऊ में सीएम योगी का 'जनता दर्शन' चल रहा था। मूसलाधार बारिश के बीच सीतापुर की रहने वाली रोली अपने बीमार मासूम बच्चे को गोद में लेकर 'जनता दर्शन' में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने पहुंचीं, तो बच्चों के प्रति मुख्यमंत्री का सहज और आत्मीय स्नेह एक बार फिर छलक उठा। बताया जाता है कि गंभीर बीमारी से जूझ रहे बच्चे को देखकर भावुक हुए मुख्यमंत्री ने न केवल उसके सिर पर वात्सल्य भरा हाथ फेरकर शीघ्र स्वस्थ होने का आशीर्वाद दिया, बल्कि मां को ढाढस बंधाते हुए मासूम के इलाज के लिए तुरंत आर्थिक सहायता मंजूर करने के निर्देश भी जारी कर दिए।

'इलाज में धन की कमी नहीं बनेगी बाधा'

जनता दर्शन में पहुंचीं रोली ने नम आंखों से मुख्यमंत्री योगी को अपनी पीड़ा सुनाई। उन्होंने बताया कि उनका बच्चा थैलेसीमिया से पीड़ित है। आर्थिक तंगी के चलते समुचित उपचार करा पाना परिवार के लिए असंभव हो रहा है। उसके इलाज के लिए आर्थिक सहायता की आवश्यकता है। मासूम की हालत और मां की बेबसी को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चे के सिर पर हाथ फेरा और उसे शीघ्र स्वस्थ होने का आशीर्वाद दिया। इतना ही नहीं, सीएम योगी ने मासूम के इलाज के लिए मौके पर मौजूद अधिकारियों को तत्काल एस्टिमेट मंगवाकर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री से मिले इस ठोस भरोसे के बाद बेबस मां की आंखों में राहत और उम्मीद की चमक साफ दिखाई दी।

निरंतर दी जा रही आर्थिक सहायता

मुख्यमंत्री योगी के जनता दर्शन में बीमारियों के इलाज में आर्थिक सहायता का अनुरोध लेकर पहुंचे अन्य फरियादियों को भरोसा देते हुए कहा कि इलाज में धन की कमी बाधक नहीं बनेगी, सरकार निरंतर आर्थिक सहायता दे रही है। मुख्यमंत्री योगी ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेडिकल एस्टीमेट से जुड़ी औपचारिकताओं को बिना किसी देरी के तेज गति के साथ पूरा किया जाए ताकि मरीजों को समय पर आर्थिक मदद पहुंचाई जा सके।

'कहां से आए हैं, क्या परेशानी है'

जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद संवेदनशीलता से पूछा 'कहां से आए हैं, क्या परेशानी है?' उन्होंने कतार में खड़े एक-एक फरियादी की व्यथा सुनी। उन्होंने सभी को भरोसा दिलाया कि किसी को भी निराश होने की जरूरत नहीं है, हर जायज समस्या का समाधान सरकार सुनिश्चित करेगी। सीएम ने पुलिस, राजस्व, चिकित्सा और जमीन कब्जे से जुड़े सभी प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी निस्तारण के कड़े निर्देश दिए।

लेखक के बारे मेंसूर्यकांत पाठकसूर्यकांत पाठक, नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में कंसल्टेंट हैं। वे जून 2025 से टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के नवभारत टाइम्स की डिजिटल विंग से जुड़े हैं। सूर्यकांत पाठक एनबीटी डिजिटल में बिहार डेस्क पर सेवाएं दे रहे हैं। सूर्यकांत समाचार विश्लेषण, संपादकीय लेखन, कला समीक्षा, नाट्य और संगीत समीक्षा, पर्यावरण से जुड़े मुद्दों, सामाजिक मुद्दों और राजनीतिक मुद्दों पर धारदार कलम चलाते हैं। वे 31 साल से पत्रकारिता कर रहें हैं। इस लंबी अवधि में उन्होंने कई वर्षों तक अलग-अलग माध्यमों के लिए रिपोर्टिंग की है। कई लोकसभा चुनावों के अलावा मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनावों को कवर किया है। कई बड़े सांस्कृतिक, साहित्यिक आयोजनों को भी कवर किया है। उन्होंने कई दिग्गज कलाकारों, राजनीतिज्ञों, साहित्यकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साक्षात्कार किए हैं।

सूर्यकांत पाठक ने ग्राउंड रिपोर्टिंग के अलावा कई वर्षों तक डेस्क पर संपादन की जिम्मेदारी निभाई है। उन्होंने सभी समाचार माध्यमों प्रिंट मीडिया, रेडियो, टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दी हैं। वे इस दौरान रिपोर्टिंग के अलावा विभिन्न डेस्कों पर अलग-अलग भूमिकाओं में काम करते रहे हैं। वे समय-समय पर स्थानीय समाचार डेस्क के अलावा, देश-प्रदेश, अंतरराष्ट्रीय समाचार, फीचर डेस्क और चुनाव डेस्क के लिए भी काम करते रहे हैं।

सूर्यकांत पाठक विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग और समाचार लेखन करते रहे हैं। वे हमेशा अपनी रपट में खबर से पीछे और खबर से आगे के तथ्यों को भी शामिल करते हैं। इससे उनकी खबरों में समग्रता होती है। वे एक अच्छे 'स्टोरी टेलर' हैं और उनके लेखन में दृश्यात्मकता है, जिससे उनकी रपट अधिक प्रभावी बन जाती है।

पत्रकारिता अनुभव

सूर्यकांत पाठक ने पत्रकारिता के करियर की शुरुआत ऑल इंडिया रेडियो- सागर में कैजुअल एनाउंसर/कंपेयर के रूप में सन 1993 में की थी। सन 1995 में दैनिक समाचार पत्र दैनिक भास्कर के सागर ब्यूरो में रिपोर्टर नियुक्त हुए। बाद में भोपाल में भी इसी पद पर काम किया। सन 1997 में प्रतिष्ठित हिंदी दैनिक नईदुनिया के इंदौर संस्करण में रिपोर्टर/सब एडिटर का दायित्व संभाला। इसके बाद सन 2003 में अमर उजाला- जम्मू में सीनियर रिपोर्टर नियुक्त हुए। सन 2005 में उन्होंने ईटीवी ज्वाइन किया और उन्हें जबलपुर में पूर्वी मध्य प्रदेश के ब्यूरो चीफ का जिम्मा दिया गया।

सन 2006 में दैनिक भास्कर-भोपाल में न्यूज एडिटर के रूप में फिर से प्रिंट मीडिया में काम शुरू किया। सन 2009 में पीपुल्स समाचार - भोपाल में न्यूज एडिटर के रूप में ज्वाइन किया। इसके बाद उन्होंने सन 2010 में लोकमत समाचार-औरंगाबाद (महाराष्ट्र) में न्यूज एडिटर का जिम्मा संभाला। उन्होंने जुलाई 2015 में एनडीटीवी इंडिया (डिजिटल)-नई दिल्ली में न्यूज एडिटर के रूप में ज्वाइन किया और 2017 में डिप्टी एडिटर बने। जनवरी 2025 में वे एनडीटीवी में सेवानिवृत्त हुए।

सूर्यकांत पाठक ने डॉ हरिसिंह गौर सेंट्रल यूनिवर्सिटी, सागर से बीए, एमए -परफॉर्मिंग आर्ट (थिएटर), बीसीजे और एसजेसी की डिग्रियां ली हैं। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ (छत्तीसगढ़) से हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन में डिप्लोमा किया है। उन्होंने भारत भवन- भोपाल पर रिसर्च की है। उन्होंने'बच्चों पर केबिल टेलिविजन का असर' विषय पर लघु शोध किया है। इंदौर की गंदी बस्तियों में लोगों के जीवन स्तर पर एक वृहत सर्वे किया है।

अवॉर्ड/अचीवमेंट्स

बेस्ट रिपोर्टर (प्रेस क्लब -सागर), बेस्ट सिटी एडिटर (लोकमत समाचार, महाराष्ट्र), ज्वाला प्रसाद ज्योतिषी पत्रकारिता अलंकरण (सागर), नारद मुनि सम्मान (इंदौर), भुवन भूषण देवलिया पत्रकारिता पुरस्कार (भोपाल) सहित सूर्यकांत पाठक को कई पुरस्कार मिले हैं।... और पढ़ें

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