उन्नाव में धंसने लगे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के किनारे, कई जगह गड्ढे, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल - lucknow kanpur expressway sinking in unnao edges collapse
उन्नाव में धंसने लगे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के किनारे, कई जगह गड्ढे, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर उन्नाव में सड़क के किनारे धंसने लगे हैं, जिससे कई जगहों पर मिट्टी बह गई है और सड़क लटक गई है।…

सौजन्य से:- Jagran
उन्नाव में धंसने लगे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के किनारे, कई जगह गड्ढे, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर उन्नाव में सड़क के किनारे धंसने लगे हैं, जिससे कई जगहों पर मिट्टी बह गई है और सड़क लटक गई है। खराब ड्रेनेज सिस्टम और निर्मा ...और पढ़ें
HighLights
- उन्नाव में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के किनारे धंसने लगे हैं।
- खराब ड्रेनेज सिस्टम और मिट्टी का कंपेक्शन मुख्य कारण।
- एनएचएआई ने जल्द मरम्मत का दावा किया है।
जागरण संवाददाता, उन्नाव। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर उन्नाव से लखनऊ लेन की सड़क अभी तक बीच में और सर्विस लेन में धंस रही थी, अब किनारों में धंसने लगी है। मिट्टी नीचे धसकने से सड़क कई जगह लटक सी गई है। यह समस्या वर्षा के बाद किनारे पर बड़ी मात्रा में मिट्टी बहने व कटने के बाद आई है।
इसका मुख्य कारण निर्माण एजेंसी की ओर से बरसात के पानी को निकालने के लिए बनाया गया लचर ड्रेनेज सिस्टम है। अधिकांश स्थानों पर ड्रेनेज पाइप चोक हो गए हैं। कुछ जगह पाइप टूटकर टुकड़ों में बंट रहे हैं। इससे एक्सप्रेसवे का पानी उचित रास्ते से न बहकर ढलान की मिट्टी को बहा रहा है।
मार्ग पर अब तक 149 स्थानों पर धंसने की समस्या आने के बाद यहां पैंचिंग की जा चुकी है। इनमें 57 स्थान तो ऐसे हैं जहां मार्ग पर आई व्यापक समस्या के बाद 100 से एक कमी तक बड़ी पैचिंग की गईं हैं। जगहों पर अब तक दिक्कत आ चुकी है। एनएचएआइ के परियोजना निदेशक नवरत्न ने बताया कि मार्ग की ढलान पर मिट्टी कटने व बहने की समस्या खत्म करने के लिए ठीक से मिट्टी भराई की जा रही है।
दावा किया कि जल्द ही मार्ग दुरुस्त कर दिया जाएगा। एक्सप्रेसवे पर बीते सात दिन के बीच सड़क किनारे ढलान की मिट्टी 10 से 30 मीटर तक खिसकने के बाद कई स्थानों पर सड़क लटक चुकी है। इसके बाद विशेषज्ञों द्वारा एक्सप्रेसवे मार्ग निर्माण में मानक अनुरूप मिट्टी का कंपेक्शन (मिट्टी की भराई व दबाई) न किए जाने की हकीकत सामने आने लगी है।
विशेषज्ञों ने ग्रीन फील्ड हिस्से के पूरे मार्ग में मिट्टी को सही ढंग से कंपेक्शन न किए जाने का दावा किया था, जिसके कारण मार्ग के दबने, धंसने, फटने व जर्क आदि आने की समस्याओं में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के ग्रीन फील्ड क्षेत्र में जहां आवागमन के 90 किमी मार्ग पर पैचिंग के भरोसे सुगम यातायात का दावा चल रहा है।
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