बंगाल से यूपी की ओर बढ़ रहा कम दबाव, कई राज्यों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश के आसार
मौसमबंगाल से यूपी की ओर बढ़ रहा कम दबाव, कई राज्यों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश के आसार कम दबाव के असर से कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी-वज्रपात, जलभराव और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ा सारांश - बंगाल से यूपी की ओर बढ़ा कम…

सौजन्य से:- hindi.downtoearth.org.in
मौसमबंगाल से यूपी की ओर बढ़ रहा कम दबाव, कई राज्यों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश के आसार
कम दबाव के असर से कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी-वज्रपात, जलभराव और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ा
सारांश
- बंगाल से यूपी की ओर बढ़ा कम दबाव, कई राज्यों में भारी बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने का खतरा।
- छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका, ऑरेंज अलर्ट जारी।
- दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश, कुछ इलाकों में जलभराव से बढ़ सकती हैं परेशानियां।
- कई जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा, लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और मौसम विभाग की चेतावनी मानने की अपील।
- किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने, तैयार फसल सुरक्षित रखने और बारिश के दौरान खेतों में काम से बचने की सलाह।
देश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग की ओर से आज सुबह, दो सितम्बर, 2026 को जारी ताजा अपडेट के अनुसार, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों और उससे सटे झारखंड के ऊपर अच्छी तरह बना कम दबाव का क्षेत्र अब पश्चिमी झारखंड और आसपास के इलाकों में पहुंच गया है।
इसके अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिण उत्तर प्रदेश और उत्तर मध्य प्रदेश से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। इस मौसमीय प्रणाली के कारण पूर्वी और मध्य भारत के कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक, इस कम दबाव वाले क्षेत्र से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 7.6 किमी की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके प्रभाव से कई इलाकों में तेज बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।
मानसून ट्रफ व पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून ट्रफ इस समय उत्तर भारत से होते हुए कम दबाव वाले क्षेत्र तक बनी हुई है। इसके अलावा पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। इन दोनों मौसमी प्रणालियों के कारण उत्तर भारत में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
जानें कहां-कहां बरसेंगे बादल?
मौसम विभाग के मुताबिक आज, दो सितम्बर, 2026 को छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं। इन राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है।
इसके अलावा आज, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, बिहार, हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, ओडिशा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, विदर्भ, पश्चिम बंगाल और सिक्किम तथा पश्चिम मध्य प्रदेश में बादलों के जमकर बरसने के आसार हैं। विभाग ने यहां भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी बरस सकते हैं बादल।
कई राज्यों में आंधी और बिजली का खतरा
बारिश के साथ कई इलाकों में आंधी और बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। ओडिशा और कुछ दक्षिणी इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ गरज-चमक हो सकती है।
बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश और राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में भी गरज-चमक और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश में भी वज्रपात और गरज के साथ बारिश हो सकती है।
दिल्ली-एनसीआर में भी बारिश का अनुमान
दिल्ली-एनसीआर लिए भी मौसम विभाग ने बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। यहां कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। कुछ जगहों पर तेज हवाएं चल सकती हैं।
दिल्ली-एनसीआर में बारिश का असर सभी इलाकों में एक जैसा नहीं रहने की संभावना है। कुछ हिस्सों में तेज बौछारें पड़ सकती हैं, जबकि आसपास के इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। इससे उमस भरी गर्मी से कुछ राहत तो मिलेगी मगर तेज बारिश की स्थिति में सड़कों पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने की परेशानी भी सामने आ सकती है।
कई जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा
लगातार और तेज बारिश के कारण कुछ इलाकों में अचानक बाढ़ का खतरा भी जताया गया है। पूर्वी मध्य प्रदेश के सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, अनूपपुर, सीधी, सिंगरौली और रीवा समेत कई जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा है।
वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, गाजीपुर, वाराणसी, प्रयागराज और आसपास के जिलों में भी सावधानी की जरूरत है। छत्तीसगढ़, बिहार, ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों में भी जलभराव और अचानक बाढ़ की स्थिति बन सकती है।
उत्तराखंड के देहरादून, पौड़ी, टिहरी, चमोली, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, बागेश्वर, नैनीताल और चंपावत जैसे जिलों में भी भारी बारिश के कारण खतरा बढ़ सकता है।
देश के कुछ हिस्सों में सामान्य से ज्यादा गर्मी
देश के कई इलाकों में बारिश के दौर के जारी रहने के बावजूद कुछ हिस्सों में गर्मी का असर बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा।
वहीं असम और मेघालय, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, पश्चिमी मध्य प्रदेश और सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ इलाकों में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 5.1 डिग्री से अधिक रहा।
एक सितंबर, 2026 को देश में सबसे अधिक तापमान तमिलनाडु के पलायमकोट्टई में दर्ज किया गया, जहां पारा 40.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस असम के हाफलोंग में दर्ज किया गया। इस तरह देश में कहीं भारी बारिश तो कहीं तेज गर्मी का असर देखने को मिल रहा है।
लोगों और किसानों के लिए सलाह
भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए। तेज बारिश और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। निचले इलाकों और जलभराव वाली सड़कों पर जाने से सावधानी बरतें। वाहन चलाते समय गति कम रखें और दृश्यता कम होने पर अतिरिक्त सतर्कता बरतें।
किसानों को तेज बारिश की आशंका वाले क्षेत्रों में खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था पहले से करने की सलाह दी जाती है। तैयार फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें और कटाई के दौरान मौसम साफ रहने का इंतजार करें। खेतों में कीटनाशक या उर्वरक का छिड़काव फिलहाल तेज बारिश की संभावना वाले समय में न करें। पशुओं को खुले स्थानों के बजाय सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखें। बिजली और तेज हवाओं के दौरान खेतों में काम करने से बचें।
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