होमसेहतअब दिल्ली-मुंबई जाने का झंझट खत्म! लखनऊ KGMU के हड्डी रोग विभाग में खुला यूपी का पहला 'Bone Bank'
सेहत

अब दिल्ली-मुंबई जाने का झंझट खत्म! लखनऊ KGMU के हड्डी रोग विभाग में खुला यूपी का पहला 'Bone Bank'

क्या है यह अत्याधुनिक बोन एंड टिश्यू बैंक? KGMU में शुरू हुआ 'बोन एवं टिश्यू बैंक' सेंटर हड्डियों, लिगामेंट्स, टेंडन्स और अन्य मस्कुलोस्केलेटल टिश्यूज के वैज्ञानिक रिट्रीवल, प्रोसेसिंग, सुरक्षित भंडारण (-80°C अल्ट्रा-लो…

Navbharat Times के अनुसार3 अगस्त 2026 को 06:18 pm बजे
अब दिल्ली-मुंबई जाने का झंझट खत्म! लखनऊ KGMU के हड्डी रोग विभाग में खुला यूपी का पहला 'Bone Bank'

सौजन्य से:- Navbharat Times

क्या है यह अत्याधुनिक बोन एंड टिश्यू बैंक?

KGMU में शुरू हुआ 'बोन एवं टिश्यू बैंक' सेंटर हड्डियों, लिगामेंट्स, टेंडन्स और अन्य मस्कुलोस्केलेटल टिश्यूज के वैज्ञानिक रिट्रीवल, प्रोसेसिंग, सुरक्षित भंडारण (-80°C अल्ट्रा-लो टेम्परेचर फ्रीजर) और वितरण के लिए विकसित किया गया है। वैज्ञानिक रूप से संरक्षित एलोग्राफ्ट उपलब्ध होने से कई मामलों में मरीज के अपने ही शरीर से दूसरी हड्डी (ऑटोग्राफ्ट) निकालने की जरूरत खत्म हो जाएगी। इससे मरीज को अतिरिक्त चीरे, दर्द, रक्तस्राव और संक्रमण की जटिलताओं से राहत मिलेगी। मिली जानकारी के अनुसार, यह बैंक केवल ऑर्थोपेडिक्स तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्लास्टिक सर्जरी, न्यूरोसर्जरी, ऑन्कोलॉजी (कैंसर), ओरल व डेंटल विभाग और बर्न सर्जरी के मरीजों के इलाज में भी मील का पत्थर साबित होगा।-80°C फ्रीजर से लेकर यूनिट आईडी तक

बोन एवं टिश्यू बैंक के इंचार्ज प्रो. कुमार शान्तनु ने बताया कि यह सेंटर पूरी तरह से राष्ट्रीय मानकों और गुणवत्ता दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार किया गया है। इसमें क्लीन रूम, उच्च क्षमता का लाइओफिलाइज़र (Lyophilizer), -40°C और -80°C के डीप फ्रीजर मौजूद हैं। मरीज की सुरक्षा के लिए प्रत्येक बोन एवं टिश्यू ग्राफ्ट को एक विशिष्ट ' बोन बैंक आईडी' दी जाएगी, जिससे उसकी पूरी ट्रेसेबिलिटी और क्वालिटी बनी रहे। सभी आवश्यक नियामकीय स्वीकृतियों की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और आगामी कुछ ही दिनों में मरीजों के लिए नियमित सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी।देश में 1988 में हुई थी शुरुआत

बताते चलें कि भारत में संगठित बोन बैंकिंग की शुरुआत वर्ष 1988 में मुंबई के टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल से हुई थी। उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए KGMU ने यूपी का पहला समग्र बैंक स्थापित किया है। कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने इसे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया, जिससे अनुसंधान, नवाचार और एथिकल टिश्यू डोनेशन को नई दिशा मिलेगी। वहीं, अस्थि रोग विभागाध्यक्ष प्रो. आशीष कुमार और मीडिया सेल प्रभारी प्रो. के.के. सिंह ने कहा कि यह सेंटर उत्तर भारत में टिश्यू ट्रांसप्लांटेशन और पुनर्निर्माण शल्य चिकित्सा के एक प्रमुख रीजनल रेफरल केंद्र के रूप में उभरेगा, जिसका लाभ यूपी ही नहीं, बल्कि आसपास के कई राज्यों के हजारों मरीजों को मिलेगा।

Powered by CM Sarkar Geeta Reporter

संबंधित ख़बरें