UP Supplementary Budget 2026: योगी सरकार ने पेश किया ₹59 हजार करोड़ से ज्यादा का अनुपूरक बजट, जानें किसे क्या मिला
UP Supplementary Budget 2026: योगी सरकार ने पेश किया ₹59 हजार करोड़ से ज्यादा का अनुपूरक बजट, जानें किसे क्या मिला सरकार ने अनुपूरक बजट में विभिन्न क्षेत्रों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए धनराशि का प्रावधान किया है…

सौजन्य से:- ETV Bharat
UP Supplementary Budget 2026: योगी सरकार ने पेश किया ₹59 हजार करोड़ से ज्यादा का अनुपूरक बजट, जानें किसे क्या मिला
सरकार ने अनुपूरक बजट में विभिन्न क्षेत्रों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए धनराशि का प्रावधान किया है.
By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : August 4, 2026 at 8:34 PM IST
लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 59,019.54 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट पेश किया. सदन को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि इस अनुपूरक बजट का कुल आकार इस वर्ष के मूल बजट का 6.47 प्रतिशत है. इस बजट में विकास कार्यों को गति देने के लिए पूंजी खाते पर विशेष जोर दिया गया है, जिसके तहत पूंजी लेखे का व्यय 41,620.04 करोड़ रुपए और राजस्व लेखे का व्यय 17,399.50 करोड़ रुपए निर्धारित किया गया है.
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि पूंजीगत व्यय पर विशेष बल देने का उद्देश्य प्रदेश में सड़क, ऊर्जा, उद्योग, चिकित्सा, ग्रामीण विकास और अन्य आधारभूत संरचनाओं का तेजी से विस्तार करना है, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती मिले. इस अनुपूरक बजट के माध्यम से योगी सरकार का उद्देश्य प्रदेश में चल रही विकास परियोजनाओं को गति देना, नई जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना और आधारभूत संरचना को और अधिक मजबूत बनाना है. उन्होंने बताया कि इस प्रस्तावित अनुपूरक बजट में नई मांगों के लिए 7,854.25 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है. इससे सरकार नई विकास परियोजनाओं के साथ-साथ पहले से चल रही योजनाओं को भी और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सकेगी.
उद्योग और निवेश को सबसे बड़ी प्राथमिकता
वित्त मंत्री ने बताया कि अनुपूरक बजट में भारी और मध्यम उद्योग विभाग के लिए 22,107.88 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. इसके माध्यम से औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन और प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को नई गति प्रदान की जा सकेगी. सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को भी बड़ी प्राथमिकता दी है. इसके लिए ग्राम विकास विभाग के लिए 17,942.73 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. इस राशि का उपयोग ग्रामीण अधोसंरचना, पंचायत विकास, ग्रामीण आजीविका, मूलभूत सुविधाओं और गांवों में विकास कार्यों को गति देने में किया जाएगा.
ऊर्जा क्षेत्र को मिलेगा बड़ा निवेश
वित्त मंत्री ने बताया कि प्रदेश में बिजली व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने और ऊर्जा अवसंरचना के विस्तार के लिए ऊर्जा विभाग को 7,422.27 करोड़ रुपए की अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराई गई है. सरकार का उद्देश्य प्रदेश में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ औद्योगिक और घरेलू उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है.
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती
अनुपूरक बजट में चिकित्सा, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के लिए 2,000.25 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. इस राशि से अस्पतालों की सुविधाओं का विस्तार, चिकित्सा सेवाओं का सुदृढ़ीकरण और स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी.
समाज कल्याण और महिला सशक्तीकरण पर भी जोर
सरकार ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को और प्रभावी बनाने के लिए समाज कल्याण विभाग को 1,655 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं. वहीं, महिला कल्याण विभाग के लिए 1,094.40 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है, जिससे महिलाओं के सशक्तीकरण, सुरक्षा और कल्याण से जुड़ी योजनाओं को मजबूती मिलेगी.
सड़क और आधारभूत ढांचे का होगा विस्तार
अनुपूरक बजट में लोक निर्माण विभाग के लिए 700.01 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. इस राशि का उपयोग सड़क निर्माण, पुलों और अन्य आधारभूत ढांचागत परियोजनाओं को गति देने में किया जाएगा.
वित्तीय अनुशासन पर सरकार का जोर
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सदन को भरोसा दिलाया कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति पूरी तरह मजबूत है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का राजकोषीय घाटा निर्धारित सीमा के भीतर है, जो सरकार के वित्तीय अनुशासन और बेहतर आर्थिक प्रबंधन का प्रमाण है.
9.71 लाख करोड़ रुपए से अधिक हुआ राज्य का कुल बजट
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए उत्तर प्रदेश सरकार का मूल बजट 9,12,696.35 करोड़ रुपए था, जिसमें राजस्व व्यय 6,64,470.55 करोड़ रुपए और पूंजीगत व्यय 2,48,225.80 करोड़ रुपए निर्धारित किया गया था. अब 59,019.54 करोड़ रुपए के अनुपूरक बजट को शामिल किए जाने के बाद राज्य का कुल बजट बढ़कर 9,71,715.89 करोड़ रुपए हो जाएगा. इसमें राजस्व व्यय बढ़कर 6,81,870.05 करोड़ रुपए और पूंजीगत व्यय 2,89,845.84 करोड़ रुपए हो जाएगा. इससे स्पष्ट है कि सरकार ने अतिरिक्त संसाधनों का बड़ा हिस्सा विकास परियोजनाओं, आधारभूत संरचना और जनकल्याणकारी योजनाओं के विस्तार के लिए पूंजीगत निवेश पर केंद्रित किया है.
सेक्टरवार अनुपूरक बजट का बंटवारा
वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट में सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए धनराशि का प्रावधान किया है. कुल 59,019.14 करोड़ रुपए की अनुपूरक मांग में सबसे अधिक 45,568.63 करोड़ रुपए (लगभग 77%) आर्थिक सेवाओं के लिए प्रस्तावित किए गए हैं, जिससे स्पष्ट है कि सरकार का प्रमुख फोकस आधारभूत संरचना, उद्योग, ऊर्जा, कृषि और विकास कार्यों पर है. इसके अलावा सामाजिक सेवाओं के लिए 9,707.74 करोड़ रुपए (लगभग 16%), सामान्य सेवाओं के लिए 633.19 करोड़ रुपए (लगभग 1%) और कर्ज और उधार संबंधी दायित्वों के लिए 3,110.02 करोड़ रुपए (लगभग 6%) की व्यवस्था की गई है.
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