यूपी चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा दांव, बदले जाएंगे जिला और शहर अध्यक्ष, नए पदाधिकारियों के नाम फाइनल, जल्द होगी घोषणा
यूपी चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा दांव, बदले जाएंगे जिला और शहर अध्यक्ष, नए पदाधिकारियों के नाम फाइनल, जल्द होगी घोषणा कांग्रेस पदाधिकारियों का कहना है कि पार्टी इस बार सपा से गठबंधन नहीं करे. पार्टी यूपी में मजबूत हो…

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यूपी चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा दांव, बदले जाएंगे जिला और शहर अध्यक्ष, नए पदाधिकारियों के नाम फाइनल, जल्द होगी घोषणा
कांग्रेस पदाधिकारियों का कहना है कि पार्टी इस बार सपा से गठबंधन नहीं करे. पार्टी यूपी में मजबूत हो रही है.
By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : September 6, 2026 at 7:13 PM IST
|Updated : September 6, 2026 at 7:28 PM IST
लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले संगठन सृजन अभियान में जुटी कांग्रेस पार्टी ने एक बड़ा दांव खेलने का फैसला लिया है. उत्तर प्रदेश के तमाम जिलों के जिलाध्यक्षों के अलावा कई शहरों के अध्यक्ष भी बदले जाएंगे. इसे लेकर आला कमान के साथ मंथन हो चुका है. एक से दो दिन के अंदर नए जिला और शहर अध्यक्षों की सूची जारी हो जाएगी. जातीय समीकरणों के साथ ही इस बार पद देते समय यह भी खास ख्याल रखा जाएगा कि पदाधिकारी सिर्फ जनता में ही पैठ न रखते हों, बल्कि पार्टी के लिए धन भी खर्च कर सकते हों.
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में सीट बंटवारे से ठीक पहले उत्तर प्रदेश कांग्रेस सूबे में अपने जिला संगठन को मजबूत करने की कवायद में जुटी हुई है. पार्टी की तरफ से प्रदेशभर में संगठन सृजन अभियान चलाया जा रहा है. जिलों में पार्टी के ऑब्जर्वर पहुंचे हैं और उन्होंने यहां चल रही गतिविधियों की जानकारी भी हासिल की है. पार्टी की तरफ से बड़ी संख्या में अब जिलाध्यक्ष बदलने की तैयारी हो गई है.
दो दिन पहले ही कांग्रेस हाई कमान के साथ उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने बैठक की. जिसके बाद कांग्रेस हाई कमान ने नए जिलाध्यक्षों के नाम पर सहमति भी जता दी है. उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने दो दिन तक लगातार बैठकों के बाद ज्यादातर जिलों के लिए पहचाने और चुने गए जिलाध्यक्षों के नाम को नेतृत्व को सौंप दिया है.
इस सूची पर संगठन महासचिव वेणुगोपाल और प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम से कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने विस्तृत चर्चा भी की है. इसके बाद इस सूची पर मुहर लगा दी है. इस प्रक्रिया के पूरी होने के बाद समाजवादी पार्टी से उत्तर प्रदेश में गठबंधन के लिहाज से सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत शुरू की जाएगी.
हालांकि संगठन सृजन अभियान के बाद कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं को लग रहा है कि कांग्रेस पार्टी को यूपी में समाजवादी पार्टी से गठबंधन नहीं करना चाहिए, क्योंकि समाजवादी पार्टी समझती है कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का अस्तित्व नहीं है, इसलिए हर बार नीचा दिखाने की कोशिश करती है, जबकि असलियत यही है कि कांग्रेस यूपी में भी अब बहुत मजबूत हो गई है.
ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के मेंबर अली अकबर का कहना है कि उत्तर प्रदेश में इस बार राहुल गांधी का जबरदस्त क्रेज है. यूपी में कांग्रेस पार्टी काफी मजबूत हुई है. संगठन सृजन अभियान में संगठन काफी मजबूत हो गया है. सभी जिलों में ऑब्जर्वर भेजे गए थे. उन्होंने प्रगति रिपोर्ट ली है. बूथ स्थल तक संगठन तैयार किया गया है तो निश्चित तौर पर कांग्रेस यूपी के सभी जिलों में मजबूत हुई है.
कांग्रेस पार्टी को समाजवादी पार्टी से गठबंधन नहीं करना चाहिए. अगर अकेले पार्टी लड़ेगी तो बहुत ज्यादा फायदा मिलेगा. अगर गठबंधन करना ही है तो इसके लिए अन्य दल हैं, जिनसे गठबंधन किया जा सकता है. जिला और शहर अध्यक्षों की तैनाती होनी है. उनकी सूची तैयार है. मेरी हाई कमान से यह अपील है कि दलित और पिछड़ा वर्ग को सूची में ज्यादा महत्व दिया जाए.
कांग्रेस पार्टी के पूर्व कोऑर्डिनेटर हसन इश्तियाक का कहना है कि उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में से 40 जिलों में कांग्रेस का संगठन काफी कमजोर था. इसके लिए सभी जिलों में ऑब्जर्बर भेजे गए थे, जिन्होंने प्रगति रिपोर्ट ली है. अब जिलाध्यक्षों के नाम पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी मुहर लगाएंगे.
मेरा मानना है कि जिन्होंने बूथ पर अच्छा काम किया हो उन्हें जिलाध्यक्ष की कमान सौंपनी चाहिए, जिससे 2027 में कांग्रेस पार्टी मजबूती से चुनाव लड़ सके. जहां तक बात गठबंधन की है तो अब राहुल गांधी के साथ जन सैलाब है इसलिए समाजवादी पार्टी से गठबंधन नहीं करना चाहिए. समाजवादी पार्टी को ऐसा लगता है कि सारे अल्पसंख्यक उसी के साथ हैं, कांग्रेस के साथ नहीं. यह गलतफहमी है. अगर कांग्रेस पार्टी यूपी में अकेले चुनाव लड़ेगी तो बेहतर प्रदर्शन करेगी.
कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम का कहना है कि हाई कमान के साथ उत्तर प्रदेश के जिलाध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर मीटिंग हो चुकी है. नाम भी तय हो चुके हैं. जल्द ही जिलाध्यक्षों के नाम की घोषणा की जाएगी. कांग्रेस पार्टी के प्रति समर्पित और धरातल पर मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं को मौका दिया जाएगा, जिससे उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की स्थिति बेहतर हो और 2017 में यूपी में कांग्रेस पार्टी करिश्मा कर सके.
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