वाराणसी: आपस में कटा काशी के गंगा घाटों का संपर्क, थमा नौका विहार; श्रद्धालुओं में मायूसी
वाराणसी: आपस में कटा काशी के गंगा घाटों का संपर्क, थमा नौका विहार; श्रद्धालुओं में मायूसी पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश और नदियों के ओवरफ्लो होने के कारण गंगा नदी उफान पर है. By ETV Bharat Uttar Pradesh Team Published :…

सौजन्य से:- ETV Bharat
वाराणसी: आपस में कटा काशी के गंगा घाटों का संपर्क, थमा नौका विहार; श्रद्धालुओं में मायूसी
पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश और नदियों के ओवरफ्लो होने के कारण गंगा नदी उफान पर है.
By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : August 12, 2026 at 6:46 PM IST
वाराणसी: पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश, मैदानी इलाकों में नदियों के ओवरफ्लो होने और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा नदी उफान पर है. देश के कई हिस्सों में गंगा का जलस्तर घट-बढ़ रहा है. वाराणसी में भी पिछले कुछ दिनों से गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही थी, हालांकि मंगलवार की रात से पानी स्थिर हुआ है और बुधवार सुबह से इसमें गिरावट भी दर्ज की गई है. इसके बाद भी खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है. केंद्रीय जल आयोग के अनुसार प्रशासन अब भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है.
केंद्रीय जल आयोग के कंट्रोल रूम का कहना है कि पानी के घटने-बढ़ने का सिलसिला कब तक रहेगा, इसके बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है, क्योंकि गंगा में मिलने वाली तमाम नदियों के बढ़ते जलस्तर और खोले जा रहे बांधों का असर एक से दो दिनों में बनारस, प्रयागराज सहित कई जगहों पर देखने को मिलेगा.
दरअसल, बनारस के धार्मिक पर्यटन पर गंगा में बढ़े जलस्तर का बड़ा असर देखने को मिल रहा है. गंगा घाट पानी में डूबते जा रहे हैं, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं में मायूसी है, क्योंकि वे न तो नौका विहार कर पा रहें, न ही गंगा आरती की भव्यता देख पा रहे हैं. घाटों का एक दूसरे से संपर्क भी टूट चुका है. प्रशासन ने बीते कुछ दिनों से नाव संचालन पर रोक लगाई थी. हालांकि बुधवार को मोटर लगी नावों को परमिशन दे दी गई है.
केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार, 8 अगस्त को गंगा का जलस्तर 63.71 मीटर दर्ज किया गया था, जबकि बुधवार सुबह 8:00 बजे गंगा का जलस्तर 63.62 मीटर दर्ज किया गया. भले पानी में थोड़ी कमी आई है, लेकिन अभी भी गंगा का पानी घाटों पर है और एक घाट से दूसरे घाट का संपर्क टूटा हुआ है. ऐसे में लोगों को एक तरफ से दूसरे तरफ आने-जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
आंध्र प्रदेश से आईं श्रद्धालु साई का कहना है कि वह पानी भरने की वजह से घाटों पर घूम नहीं पा रही है. वहीं, नोएडा से आए श्रद्धालु का कहना था कि घाट पर कहीं जगह ही नहीं है, चारों तरफ पानी होने के कारण हम एक घाट से दूसरे घाट भी नहीं जा पा रहे हैं, नहाने में भी दिक्कत हो रही है. इसी तरह यहां आने वाले शिव भक्त और कांवड़िए भी परेशान हैं.
काशी हिंदू विश्वविद्यालय मौसम विभाग के वैज्ञानिक डॉ. शिवमंगल सिंह का कहना है कि इस हफ्ते दो दिनों बारिश का अलर्ट है, क्योंकि पहाड़ों में लगातार बारिश देखने को मिल रही है. बादल फटने जैसी घटनाएं हुई हैं, वहां से पानी का फ्लो बहुत तेजी से आगे बढ़ा है, जिसका बड़ा असर कुछ दिनों में यहां की कई नदियों में देखने को मिलेगा. खास तौर पर गंगा के जलस्तर में एक बार फिर से बढ़ोतरी दर्ज होगी, क्योंकि अभी पीछे से आ रहा पानी यहां नहीं पहुंचा है.
काशी में गंगा का जलस्तर
- 08 अगस्त 63.71 मीटर
- 09अगस्त 63.73 मीटर
- 10 अगस्त 63.76 मीटर
- 11 अगस्त 63.77 मीटर
- 12 अगस्त 63.62 मीटर
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