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यूपी में इस काम के लिए 45 साल के पट्टे पर जमीन देगी योगी सरकार, कई सहूलियतें भी मिलेंगी; जानें डिटेल

यूपी में इस काम के लिए 45 साल के पट्टे पर जमीन देगी योगी सरकार, कई सहूलियतें भी मिलेंगी; जानें डिटेल बिजनेस पार्क नीति हाल में जारी की गई है। इसके तहत बिजनेस कंसोर्टियम, रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट, सूचीबद्ध कंपनियां औद्योग…

livehindustan.com के अनुसार12 अगस्त 2026 को 11:18 am बजे
यूपी में इस काम के लिए 45 साल के पट्टे पर जमीन देगी योगी सरकार, कई सहूलियतें भी मिलेंगी; जानें डिटेल

सौजन्य से:- livehindustan.com

यूपी में इस काम के लिए 45 साल के पट्टे पर जमीन देगी योगी सरकार, कई सहूलियतें भी मिलेंगी; जानें डिटेल

बिजनेस पार्क नीति हाल में जारी की गई है। इसके तहत बिजनेस कंसोर्टियम, रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट, सूचीबद्ध कंपनियां औद्योगिक पार्क विकसित कर सकेंगी। निजी डेवलपर्स को जमीन 45 साल के पट्टे पर दी जाएगी जिसे अतिरिक्त 45 सालों के लिए बढ़ाया भी जा सकेगा। बिजनेस पार्क कम के कम 10 एकड़ में विकसित होगा।

विनोद पांडेय, लखनऊ

उत्तर प्रदेश में निजी डेवलपर्स के लिए गुड न्यूज है। अब वे भी बिजनेस पार्क विकसित कर सकेंगे। औद्योगिक विकास बढ़ाने के लिए प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने कई सहूलियतें दी हैं। इस काम के लिए जमीन से लेकर जरूरी संसाधन तक की व्यवस्था राज्य सरकार करेगी। निजी डेवलपर्स को 45 साल के पट्टे (लीज) पर जमीन दी जाएगी। जमीन की इस लीज को अतिरिक्त 45 सालों के लिए बढ़ाया भी जा सकेगा। दूसरे राज्यों में यह अवधि 30 से 35 वर्ष ही है। महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु में बिजनेस पार्क विकसित हो चुके हैं। अब उत्तर प्रदेश में भी निजी बिजनेस पार्क विकास योजना को मंजूरी दी गई है।

बिजनेस पार्क नीति हाल में जारी की गई है। इसके तहत बिजनेस कंसोर्टियम, रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट (आरईआईटी), सूचीबद्ध कंपनियां औद्योगिक पार्क विकसित कर सकेंगी। बिजनेस पार्क के लिए कंपनियों की नेटवर्थ कम से कम एक हजार करोड़ होनी चाहिए। पिछले तीन वित्तीय वर्षों में न्यूनतम 500 करोड़ का औसत वार्षिक टर्नओवर भी जरूरी है। ऐसे कंसोर्टियम (औद्योगिक समूह) को मौका दिया जाएगा जिने रियल एस्टेट विकास तथा कॉमर्शियल बिजनेस में कम से कम सात वर्ष का अनुभव हो।

आईटी, नॉलेज कंपनियों को भी मौका

बिजनेस पार्क कम के कम 10 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित होगा। इसे 20 से 30 एकड़ तक विस्तार दिया जा सकेगा। 10 एकड़ तक का बिजनेस पार्क तीन वर्ष में विकसित करना होगा। बिजनेस पार्क के 50 फीसदी हिस्सा आईटी, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, नॉलेज बेस्ड सेवा इकाइयों के लिए आरक्षित करना होगा। अधिकतम 10 प्रतिशत इलाके में फूड कोर्ट, रिटेल आउटलेट तथा अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। शेष हिस्से में प्रशिक्षण केंद्र, कौशल विकास केंद्र जैसी सुविधाएं विकसित करनी होंगी ताकि विभिन्न क्षेत्रों में काम करने में सक्षम और कुशल कामगार तैयार किए जा सकें। इसके लिए न्यूनतम अग्रिम भूमि प्रीमियम 5 फीसदी तथा राजस्व हिस्सेदारी 7 प्रतिशत होगी। विकासकर्ता कंपनी को सभङी जरूरी एनओसी, स्वीकृति तथा परमिट हासिल करना होगा। भवन उपविधि के मुताबिक लेआउट, वास्तुशिल्प तथा डिजाइन तैयार करना होगा।

राज्य सरकार मुहैया कराएगी फ्रीहोल्ड जमीन

प्रदेश सरकार निजी बिजनेस पार्क के लिए फ्रीहोल्ड भूमि उपलब्ध कराएगी। सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए अनुमोदन और स्वीकृति दी जाएगी। औद्योगिक विकास प्राधिकरण के जरिए ही निजी विकासकर्ता को भूमि मुहैया कराएगी। राज्य सरकार बिजनेस पार्कों के विकास के लिए उपयुक्त भूखंड़ों का निर्धारण करेगी। नीलामी के जरिए निजी डेवलपर्स को जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। पार्क विकसित करने वाली कंपनी को जमीन के रजिस्ट्रेशन पर स्टांप ड्यूटी में 100 फीसदी की छूट भी दी जाएगी। जानकारों का कहना है कि इन बिजनेस पार्कों से युवाओं के लिए संभावनाओं के नए द्वार खुलेंगे।

लेखक के बारे में

Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।

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