'बंदूक की राजनीति अब नहीं चलेगी', मेरठ में गरजे सीएम योगी, कहा- सपा, बसपा और कांग्रेस ने जातिवाद की बीमारी दी
सीएम योगी आदित्य नाथ ने मेरठ में आयोजित बीजेपी के पश्चिम क्षेत्र शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन को संबोधित किया। इस सम्मेलन में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी भाग लिया। मेरठ : यहां आज मुख्यमंत्री य…

सौजन्य से:- Navbharat Times
सीएम योगी आदित्य नाथ ने मेरठ में आयोजित बीजेपी के पश्चिम क्षेत्र शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन को संबोधित किया। इस सम्मेलन में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी भाग लिया।
मेरठ : यहां आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कट्टे, बंदूक की राजनीति अब नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि एक बात हम अक्सर देखते हैं, एक बीमारी सपा, बसपा, कांग्रेस ने देश को दी थी, परिवारवाद की जातिवाद की। यह बीमारी देने के बाद सत्ता उनके लिए शोषण का माध्यम बन गई थी। यह बीमारी बढ़ती गई। विभिन्न दलों के लिए यह प्रासंगिक हो गया कि राजनीति में आने का मतलब अपना उल्लू सीधा करना है। सिर्फ भाजपा ने ही कहा कि मुद्दा यह होना चाहिए कि मैं अपने देश के लिए क्या कर रहा हूं। उन्होंने यहां आयोजित पश्चिम क्षेत्र शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन को संबोधित किया। इस सम्मेलन में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी भाग लिया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, शक्ति केंद्र के सम्मेलन के माध्यम से कार्यकर्ताओं की शक्ति का जागरण करने और उस जागरण को पार्टी के लिए उपयोगी बनाकर राष्ट्र प्रथम भाव के साथ प्रधानमंत्री जी के संकल्पों के अनुरूप आत्मनिर्भर और विकसित भातर में हम सबकी क्या भूमिका होगी, उसका आह्वान करने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन हमारे बीच उपस्थित हुए हैं।
व्यक्ति से बड़ा दल , दल से बड़ा देश
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि व्यक्ति से बढ़कर दल और दल से बढ़कर देश होता है। एक मात्र दल है भारतीय जनता पार्टी जो कहता है, मेरा सब कुछ देश के लिए होगा। जो लोग कहते थे कि मुझे क्या, यह मंथरा बुद्धि है। यानि कोई भी बने, मुझे क्या हानि होगी। बुद्धि आपके सामने पहचान का संकट खड़ा करती है। यह बुद्धि विकास को बाधित कराती है। याद कीजिए मुझे क्या का जो भाव है, इसी भाव ने तो देश को अपूर्णीय क्षति पहुंचाई थी, देश गुलाम हो गया था।
भारत के सामने अब पहचान का संकट नहीं
उन्होंने कहा कि आपको परिवर्तन दिखा होगा, जब 2014 में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की सत्ता को हाथ में लिया था। एक नए भारत का दर्शन था। एक नया भारत हम सबको देखने को मिलता है। भारत जो अपनी विरासत पर भी गर्व करता है और विकास के लिए जिसकी एक स्पीड है। भारत के सामने अब पहचान का संकट नहीं है। भारत दुनिया के अंदर सीना तानकर चलता है। भारत की अर्थव्यवस्था बटम फाइव से टॉप फाइव में आ गई है।
भारत अपनी विरासत पर गौरव की अनुभूति कर रहा
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले भारत नीचे से पांचवे नंबर पर आता था। लोग शक की निगाहों से देखते थे। भारत की सनातन परंपरा को कोसना और भारत की हिंदुत्व परंपरा को गजनवी, गौरी, इब्राहिम लोधी, बाबर, औरंगजेब के समकक्ष ठहराने का प्रयास होता था। लेकिन अब नया भारत मोदी जी के नेतृत्व में गुलामी की मानसिकता को पूरी तरह समाप्त करने की इच्छाशक्ति के साथ कार्य कर रहा है। अपनी विरासत पर गौरव की अनुभूति कर रहा है। उसकी परिणति हम सबके सामने है। काशी में विश्वनाथ धाम, अयोध्या में जन्मभूमि में भव्य मंदिर का निर्माण। मथुरा-वृंदावन सज रहा है, संवर रहा है।
अब कोई मेरठ की क्रांति धरा को अपमानित नहीं कर सकता
उन्होंने कहा कि, याद कीजिए जो लोग आपकी विरासत को कोसते थे, सनातन को कोसते हैं, इन लोगों ने कांवड़ यात्रा पर रोक लगाई थी। हमने कहा, कांवड़ यात्रा को कोई रोक नहीं सकता है, कांवड़ यात्रा धूम धड़ाके के साथ चलेगी। मैं स्वयं आता हूं, कांवड़ यात्रा में भाग लेता हूं। पुष्प वर्षा भी करता हूं। यह सनातन के प्रतीक हैं। अब कोई कृष्ण जन्माष्टमी पर रोक नहीं लगा सकता और मेरठ की क्रांति धरा को अपमानित भी नहीं कर सकता। हमारे युवाओं के सपनों को उड़ान देने के लिए मेरठ इंटरनेशनल एयरपोर्ट यहां से एक घंटे की दूरी पहर बनकर तैयार हो गया है। स्पोर्ट्स में यहां की बेटी पारुल चौधरी ओलंपिक में गोल्ड मेडल लेकर आती है।
आने वाली आपकी पीढ़ी आपको कोसेगी नहीं
सीएम योगी ने कहा कि, पहले तो न बेटी सुरक्षित थी, न व्यापारी सुरक्षित था। हर ओर अराजकता थी। महीनों कर्फ्यू , व्यापार तबाह, नौजवान की नौकरी पर पहले ही डकैती पड़ ताजी थी। नौकरी मिलती ही नहीं थी। यह पहचान यूपी को वापस कराने में किसी का योगदान है, तो यह प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में आपके परिश्रम का योगदान है, आपके पसीने का योगदान है। आने वाली आपकी पीढ़ी आपको कोसेगी नहीं।
बीजेपी के कार्यकर्ताओं को सारथी बताया
योगी ने बीजेपी के कार्यकर्ताओं को सारथी बताया। उन्होंने कहा कि इतिहास ने कभी शकुनी और मंथरा को सम्मान नहीं दिया, लेकिन कृष्ण जैसे सारथी को सम्मान दिया है। कृष्ण जैसा सारथी बनने के लिए राष्ट्र प्रथम भाव से काम करना है। यह भाव होना चाहिए कि जो मेरे देश, समाज, जनपद के हित में होगा , मैं वह कार्य करूंगा अपने दल के साथ मिलकर। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले यूपी बीमारू राज्य था, आज कोई बीमारू नहीं कह सकता। आज यूपी देश के अंदर टॉप थ्री इकानॉमी में है। लोग 2017 से पहले कट्टा और बम से आपको पहचान दिलाते थे। आपके पसीने ने यूपी को बुलंदियों तक पहुंचाने में योगदान दिया है।
दंगे करवाने वाले समाज को बांटने की कोशिश करेंगे
जो लोग दंगा करवाते थे, दंगाईयों और माफिया के सामने घुटने टेकते थे, दंगाईयों को मुख्यमंत्री आवास में बुलाकर सम्मानित करते थे, जिनके लोग पहले वसूली में मस्त रहते थे, नौजवानों के रोजगार पर डकैती डालते थे, इन लोगों को यह अच्छा नहीं लगेगा। इसलिए मैं बता रहा हू्ं, वे फिर से समाज को बांटने का काम करेंगे। वे समाज को जाति के नाम पर बांटेंगे। महापुरुषों को जाति के आधार पर बांटने का महापाप करेंगे। महापुरुष सबका होता है, किसी जाति का नहीं होता। नकारात्मक ताकतें जाति के नाम पर बंटना चाहती हैं। हमें यह विभाजन नहीं होने देना है। इसका दारोमदार आप शक्ति केंद्र प्रमुखों पर है।
लेखक के बारे मेंसूर्यकांत पाठकसूर्यकांत पाठक, नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में कंसल्टेंट हैं। वे जून 2025 से टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के नवभारत टाइम्स की डिजिटल विंग से जुड़े हैं। सूर्यकांत पाठक एनबीटी डिजिटल में बिहार डेस्क पर सेवाएं दे रहे हैं। सूर्यकांत समाचार विश्लेषण, संपादकीय लेखन, कला समीक्षा, नाट्य और संगीत समीक्षा, पर्यावरण से जुड़े मुद्दों, सामाजिक मुद्दों और राजनीतिक मुद्दों पर धारदार कलम चलाते हैं। वे 31 साल से पत्रकारिता कर रहें हैं। इस लंबी अवधि में उन्होंने कई वर्षों तक अलग-अलग माध्यमों के लिए रिपोर्टिंग की है। कई लोकसभा चुनावों के अलावा मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनावों को कवर किया है। कई बड़े सांस्कृतिक, साहित्यिक आयोजनों को भी कवर किया है। उन्होंने कई दिग्गज कलाकारों, राजनीतिज्ञों, साहित्यकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साक्षात्कार किए हैं।
सूर्यकांत पाठक ने ग्राउंड रिपोर्टिंग के अलावा कई वर्षों तक डेस्क पर संपादन की जिम्मेदारी निभाई है। उन्होंने सभी समाचार माध्यमों प्रिंट मीडिया, रेडियो, टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दी हैं। वे इस दौरान रिपोर्टिंग के अलावा विभिन्न डेस्कों पर अलग-अलग भूमिकाओं में काम करते रहे हैं। वे समय-समय पर स्थानीय समाचार डेस्क के अलावा, देश-प्रदेश, अंतरराष्ट्रीय समाचार, फीचर डेस्क और चुनाव डेस्क के लिए भी काम करते रहे हैं।
सूर्यकांत पाठक विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग और समाचार लेखन करते रहे हैं। वे हमेशा अपनी रपट में खबर से पीछे और खबर से आगे के तथ्यों को भी शामिल करते हैं। इससे उनकी खबरों में समग्रता होती है। वे एक अच्छे 'स्टोरी टेलर' हैं और उनके लेखन में दृश्यात्मकता है, जिससे उनकी रपट अधिक प्रभावी बन जाती है।
पत्रकारिता अनुभव
सूर्यकांत पाठक ने पत्रकारिता के करियर की शुरुआत ऑल इंडिया रेडियो- सागर में कैजुअल एनाउंसर/कंपेयर के रूप में सन 1993 में की थी। सन 1995 में दैनिक समाचार पत्र दैनिक भास्कर के सागर ब्यूरो में रिपोर्टर नियुक्त हुए। बाद में भोपाल में भी इसी पद पर काम किया। सन 1997 में प्रतिष्ठित हिंदी दैनिक नईदुनिया के इंदौर संस्करण में रिपोर्टर/सब एडिटर का दायित्व संभाला। इसके बाद सन 2003 में अमर उजाला- जम्मू में सीनियर रिपोर्टर नियुक्त हुए। सन 2005 में उन्होंने ईटीवी ज्वाइन किया और उन्हें जबलपुर में पूर्वी मध्य प्रदेश के ब्यूरो चीफ का जिम्मा दिया गया।
सन 2006 में दैनिक भास्कर-भोपाल में न्यूज एडिटर के रूप में फिर से प्रिंट मीडिया में काम शुरू किया। सन 2009 में पीपुल्स समाचार - भोपाल में न्यूज एडिटर के रूप में ज्वाइन किया। इसके बाद उन्होंने सन 2010 में लोकमत समाचार-औरंगाबाद (महाराष्ट्र) में न्यूज एडिटर का जिम्मा संभाला। उन्होंने जुलाई 2015 में एनडीटीवी इंडिया (डिजिटल)-नई दिल्ली में न्यूज एडिटर के रूप में ज्वाइन किया और 2017 में डिप्टी एडिटर बने। जनवरी 2025 में वे एनडीटीवी में सेवानिवृत्त हुए।
सूर्यकांत पाठक ने डॉ हरिसिंह गौर सेंट्रल यूनिवर्सिटी, सागर से बीए, एमए -परफॉर्मिंग आर्ट (थिएटर), बीसीजे और एसजेसी की डिग्रियां ली हैं। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ (छत्तीसगढ़) से हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन में डिप्लोमा किया है। उन्होंने भारत भवन- भोपाल पर रिसर्च की है। उन्होंने'बच्चों पर केबिल टेलिविजन का असर' विषय पर लघु शोध किया है। इंदौर की गंदी बस्तियों में लोगों के जीवन स्तर पर एक वृहत सर्वे किया है।
अवॉर्ड/अचीवमेंट्स
बेस्ट रिपोर्टर (प्रेस क्लब -सागर), बेस्ट सिटी एडिटर (लोकमत समाचार, महाराष्ट्र), ज्वाला प्रसाद ज्योतिषी पत्रकारिता अलंकरण (सागर), नारद मुनि सम्मान (इंदौर), भुवन भूषण देवलिया पत्रकारिता पुरस्कार (भोपाल) सहित सूर्यकांत पाठक को कई पुरस्कार मिले हैं।... और पढ़ें
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