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उत्तर प्रदेश: सीएम योगी ने चीनी की उपलब्धता की समीक्षा की, जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश - ChiniMandi

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में चीनी के स्टॉक की उपलब्धता की समीक्षा की और अधिकारियों को चीनी की जमाखोरी तथा कालाबाजारी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उत्तर…

ChiniMandi के अनुसार22 अगस्त 2026 को 11:55 am बजे
उत्तर प्रदेश: सीएम योगी ने चीनी की उपलब्धता की समीक्षा की, जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश - ChiniMandi

सौजन्य से:- ChiniMandi

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में चीनी के स्टॉक की उपलब्धता की समीक्षा की और अधिकारियों को चीनी की जमाखोरी तथा कालाबाजारी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार, मुख्यमंत्री ने बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। राज्य सरकार के मुताबिक, उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों में इस समय कुल 179.38 लाख क्विंटल चीनी का स्टॉक उपलब्ध है। इसमें 23.60 लाख क्विंटल सहकारी चीनी मिलों, 5.28 लाख क्विंटल निगम की चीनी मिलों और 150.50 लाख क्विंटल निजी चीनी मिलों के पास है।

30 दिनों से अधिक स्टॉक रखने पर रोक

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि, कोई भी व्यक्ति या संस्था 30 दिनों से अधिक समय तक चीनी का स्टॉक जमा करके न रखे। इसके अलावा, एक समय में 400 टन से अधिक चीनी का स्टॉक रखने वाले डीलरों के खिलाफ भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (ESMA) और अन्य लागू कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

48 लाख किसानों को ₹3,217 करोड़ का भुगतान

उत्तर प्रदेश सरकार ने यह भी बताया कि राज्य में गन्ना किसानों को रिकॉर्ड स्तर पर भुगतान किया गया है। सरकार के अनुसार, 48 लाख किसानों को कुल ₹3,217 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। उत्तर प्रदेश में नया गन्ना पेराई सीजन 15 अक्टूबर से शुरू होने वाला है। इस बीच, केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कहा कि चीनी की मौजूदा कीमतों में वृद्धि के पीछे कई कारकों का संयुक्त प्रभाव है। इनमें उम्मीद से कम घरेलू उत्पादन, त्योहारी सीजन से पहले बढ़ी मांग, मौसम के कारण गन्ने की फसल को नुकसान, वैश्विक चीनी आपूर्ति में कमी तथा उद्योग के कुछ हिस्सों में सट्टेबाजी और जमाखोरी शामिल हैं।

उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अनुसार, केंद्र सरकार बाजार की स्थिति पर करीबी नजर रख रही है और उपभोक्ताओं के लिए चीनी की उपलब्धता तथा कीमतों में स्थिरता बनाए रखने के लिए नियामकीय और आपूर्ति से जुड़े कई कदम उठा रही है। घरेलू खुदरा बाजार में चीनी की कीमत 20 जुलाई को ₹48.18 प्रति किलोग्राम से बढ़कर 20 अगस्त को ₹55.70 प्रति किलोग्राम हो गई थी। इसके बाद सरकार ने कीमतों पर नियंत्रण रखने और त्योहारी सीजन में पर्याप्त चीनी उपलब्ध कराने के लिए कदम तेज किए हैं।

एथेनॉल को कीमत बढ़ने की वजह बताना गलत: केंद्र

केंद्र सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि हालिया चीनी कीमत वृद्धि के लिए एथेनॉल उत्पादन हेतु चीनी के डायवर्जन को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। मंत्रालय ने बताया कि एथेनॉल उत्पादन के लिए डायवर्ट की जाने वाली चीनी का हिस्सा 2022-23 में करीब 12% से घटकर 2025-26 में लगभग 9% रह गया है। साथ ही, देश में अब एथेनॉल उत्पादन का करीब तीन-चौथाई हिस्सा अनाज, विशेष रूप से मक्का से प्राप्त होता है। सरकार के अनुसार, चीनी की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए स्टॉक की निगरानी, जमाखोरी पर कार्रवाई और बाजार में पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

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