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यूपी चुनाव को लेकर BJP ने बनाई रणनीति, रालोद को 'पश्चिम UP' में ही सीमित करने की तैयारी; पूर्वांचल में एंट्री मुश्किल - up elections bjp strategy to confine rld to west up

यूपी चुनाव को लेकर BJP ने बनाई रणनीति, रालोद को 'पश्चिम UP' में ही सीमित करने की तैयारी; पूर्वांचल में एंट्री मुश्किल रालोद आगामी विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा से 36 सीटों की मांग कर रहा है, जबकि भाजपा उसे पश्चिमी यूपी त…

jagran.com के अनुसार30 जुलाई 2026 को 02:26 pm बजे
यूपी चुनाव को लेकर BJP ने बनाई रणनीति, रालोद को 'पश्चिम UP' में ही सीमित करने की तैयारी; पूर्वांचल में एंट्री मुश्किल
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सौजन्य से:- jagran.com

यूपी चुनाव को लेकर BJP ने बनाई रणनीति, रालोद को 'पश्चिम UP' में ही सीमित करने की तैयारी; पूर्वांचल में एंट्री मुश्किल

रालोद आगामी विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा से 36 सीटों की मांग कर रहा है, जबकि भाजपा उसे पश्चिमी यूपी तक सीमित रखने की रणनीति बना रही है। पार्टी सर्वसम ...और पढ़ें

HighLights

- रालोद ने भाजपा से 36 विधानसभा सीटों की सूची सौंपी।

- भाजपा रालोद को पश्चिमी यूपी तक सीमित रखना चाहती है।

- रालोद सर्वसमाज को जोड़ने के लिए जनसभाएं कर रहा है।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा चुनावी रणक्षेत्र है जहां छोटे दलों की महत्वाकांक्षाएं फलती फूलती रही हैं। पश्चिम के कई जिलों में असर रखने वाले राष्ट्रीय लोकदल की चुनावी चाल तेज हो गई है। पार्टी जहां एक ओर आधा दर्जन से ज्यादा सम्मेलन कर सर्वसमाज को साधने में जुटी है, वहीं भाजपा के सामने 36 विधान सभा सीटों की सूची रखा है। इसमें कई सीटें ऐसी हैं जहां भाजपा संघर्ष करती रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि गठबंधन में रालोद के खाते में 20 सीटें जा सकती हैं। हालांकि भाजपा पूर्वांचल में रालोद को सीट देने से बचेगी। उन चेहरों को झटका लगेगा, जो अवध एवं पूर्वांचल से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।

रालोद पदाधिकारियों का कहना है कि 2022 में पार्टी ने सपा से 50 सीटों की मांग की थी, लेकिन 33 सीटों पर बात बनी। इसमें भी रालोद के टिकट पर कई समाजवादी पार्टी के चेहरों को उतारा गया। पिछले चुनाव में रालोद को सबसे ज्यादा सफलता मुजफ्फरनगर जिले में मिली। खतौली उपचुनाव में रालोद के टिकट पर मदन भइया ने भाजपा के उम्मीदवार को हराकर बड़ा झटका दिया।

रालोद के विधायकों की संख्या नौ

इसके साथ ही रालोद के विधायकों की संख्या नौ तक पहुंच गई। लेकिन 2024 में रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयन्त चौधरी ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से हाथ मिलाया। गठबंधन का परिणाम रहा कि रालोद के टिकट पर बागपत से राजकुमार सांगवान और बिजनौर से चंदन चौहान जीत गए। जयन्त चौधरी केंद्रीय मंत्री बने।

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अब उनका फोकस ‘जाट एवं किसान की पार्टी’ की खोल से बाहर निकलकर सर्वसमाज को अपने साथ जोड़ने पर है, जिसके लिए वह पश्चिम एवं मध्य उत्तर प्रदेश के साथ ही बुंदेलखंड क्षेत्र में भी जनसभाएं कर रहे हैं। पुरकाजी के रालोद विधायक व दलित चेहरा अनिल कुमार को योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया।

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आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए रालोद की नजर मेरठ की दो सीटों सिवालखास व किठौर व सरधना में से किसी एक पर टिकी है। रालोद ने मोदीनगर भी मांगा है, जहां वरिष्ठ नेता केसी त्यागी के पुत्र को चुनावी पारी शुरू करने का अवसर दिया जा सकता है।

पार्टी ने बुंलदशहर शहर, मथुरा में मांट और छाता, अलीगढ़ की खैर एवं इगलास, बिजनौर की चांदपुर और नहटौर, अमरोहा की नौगांवा एवं मुजफ्फनगर में खतौली छोड़कर पुरकाजी, मीरापुर एवं बुढ़ाना पर विशेष रूप से दावा ठोंका है। रालोद दो से तीन सीटों पर मुस्लिम चेहरों को उतारकर अपना समीकरण कसेगी।

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