Agra News: आम नागरिकों को भी मिलेगी 5 लाख तक की कैशलेस इलाज की सुविधा
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सौजन्य से:- Amar Ujala
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Agra News: आम नागरिकों को भी मिलेगी 5 लाख तक की कैशलेस इलाज की सुविधा
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आगरा। उत्तर प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों के लिए 5 लाख रुपये तक के कैशलेस चिकित्सा उपचार की घोषणा की है। इस योजना के तहत, सरकार प्रति लाभार्थी 3,000 रुपये का वार्षिक प्रीमियम स्वयं वहन करेगी। इससे कर्मचारियों की आय या भत्तों में कोई कटौती नहीं होगी, बल्कि विभिन्न वर्गों के भत्तों में वृद्धि भी की गई है। वहीं, केंद्र सरकार देश के सभी आम नागरिकों को कैशलेस सुविधा प्रदान के लिए एक खाका तैयार करने पर विचार कर रही है। इसके तहत 100 रुपये से 1000 रुपये तक के मासिक अंशदान योजना पर विचार किया जा रहा है, जिसमें राज्य और केंद्र दोनों की भागीदारी होगी। कुछ मामलों में लाभार्थी का अंशदान भी मायने होगा। जबकि केंद्र सरकार ने 70 वर्ष तक के आयु वाले सभी नागरिकों को 5 लाख तक की कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान कर दी है।
यूपी सरकार ने हाल ही में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना और पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना शुरू की है। इन योजनाओं से कर्मचारियों को बिना किसी वित्तीय योगदान के मुफ्त इलाज मिलेगा। सरकारी अस्पतालों में असीमित मुफ्त इलाज उपलब्ध होगा। पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत उत्तर प्रदेश के करीब 22 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को लाभ मिल रहा है। इस योजना के तहत सरकार प्रति लाभार्थी लगभग 3,000 रुपये का वार्षिक प्रीमियम वहन करती है। वहीं, मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना पर कुल मिलाकर लगभग 448 करोड़ रुपये का व्यय अपेक्षित है। सरकार ने इस कल्याणकारी योजना के साथ-साथ विभिन्न कर्मचारी वर्गों के भत्तों में भी बढ़ोतरी की है।
कर्मचारियों के भत्तों में वृद्धि
प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवानों का दैनिक ड्यूटी भत्ता 500 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है। यह प्रतिदिन 100 रुपये की बढ़ोतरी है। बेसिक और उच्च शिक्षा विभाग के लगभग 12 लाख शिक्षकों, शिक्षा मित्रों और रसोइयों को भी 5 लाख रुपये तक का मुफ्त कैशलेस इलाज दिया जा रहा है। इसके लिए कर्मचारियों को अपनी तरफ से कोई वित्तीय योगदान नहीं देना है। महाकुंभ के बाद सफाई कर्मचारियों के मानदेय में 50 फीसदी से 100 फीसदी तक की वृद्धि की गई है। उन्हें 10,000 रुपये का बोनस और स्वास्थ्य बीमा कवर भी प्रदान किया गया है। गोरखपुर में प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवानों के लिए शुरू की गई कैशलेस इलाज पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब 31 हजार से अधिक पीआरडी के जवानों को किसी भी सरकारी और सरकार से इंपैनल्ड अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक की मुफ्त चिकित्सा की सुविधा मिलेगी।
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योजना की मुख्य संरचना और अन्य राज्यों से तुलना
उत्तर प्रदेश सरकार की कैशलेस चिकित्सा योजनाएं कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इन योजनाओं के तहत, सरकारी अस्पतालों में बिना किसी वित्तीय सीमा के असीमित मुफ्त इलाज उपलब्ध है। पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। कर्मचारियों को इस सुविधा के लिए कोई वित्तीय योगदान नहीं देना होगा। इसके विपरीत, उत्तराखंड जैसे कुछ राज्यों ने अपनी ''गोल्डन कार्ड'' कैशलेस योजना में कर्मचारी योगदान बढ़ाया है। वहां कर्मचारियों का योगदान 250 रुपये से बढ़ाकर 450 रुपये किया गया है।
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यूपी सरकार ने हाल ही में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना और पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना शुरू की है। इन योजनाओं से कर्मचारियों को बिना किसी वित्तीय योगदान के मुफ्त इलाज मिलेगा। सरकारी अस्पतालों में असीमित मुफ्त इलाज उपलब्ध होगा। पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत उत्तर प्रदेश के करीब 22 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को लाभ मिल रहा है। इस योजना के तहत सरकार प्रति लाभार्थी लगभग 3,000 रुपये का वार्षिक प्रीमियम वहन करती है। वहीं, मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना पर कुल मिलाकर लगभग 448 करोड़ रुपये का व्यय अपेक्षित है। सरकार ने इस कल्याणकारी योजना के साथ-साथ विभिन्न कर्मचारी वर्गों के भत्तों में भी बढ़ोतरी की है।
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कर्मचारियों के भत्तों में वृद्धि
प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवानों का दैनिक ड्यूटी भत्ता 500 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है। यह प्रतिदिन 100 रुपये की बढ़ोतरी है। बेसिक और उच्च शिक्षा विभाग के लगभग 12 लाख शिक्षकों, शिक्षा मित्रों और रसोइयों को भी 5 लाख रुपये तक का मुफ्त कैशलेस इलाज दिया जा रहा है। इसके लिए कर्मचारियों को अपनी तरफ से कोई वित्तीय योगदान नहीं देना है। महाकुंभ के बाद सफाई कर्मचारियों के मानदेय में 50 फीसदी से 100 फीसदी तक की वृद्धि की गई है। उन्हें 10,000 रुपये का बोनस और स्वास्थ्य बीमा कवर भी प्रदान किया गया है। गोरखपुर में प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवानों के लिए शुरू की गई कैशलेस इलाज पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब 31 हजार से अधिक पीआरडी के जवानों को किसी भी सरकारी और सरकार से इंपैनल्ड अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक की मुफ्त चिकित्सा की सुविधा मिलेगी।
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योजना की मुख्य संरचना और अन्य राज्यों से तुलना
उत्तर प्रदेश सरकार की कैशलेस चिकित्सा योजनाएं कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इन योजनाओं के तहत, सरकारी अस्पतालों में बिना किसी वित्तीय सीमा के असीमित मुफ्त इलाज उपलब्ध है। पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। कर्मचारियों को इस सुविधा के लिए कोई वित्तीय योगदान नहीं देना होगा। इसके विपरीत, उत्तराखंड जैसे कुछ राज्यों ने अपनी ''गोल्डन कार्ड'' कैशलेस योजना में कर्मचारी योगदान बढ़ाया है। वहां कर्मचारियों का योगदान 250 रुपये से बढ़ाकर 450 रुपये किया गया है।
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